इरफान केटी: मुझे अब भी विश्वास नहीं होता कि मैं ओलंपिक में 10वें स्थान पर रहा

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इरफान केटी: मुझे अब भी विश्वास नहीं होता कि मैं ओलंपिक में 10वें स्थान पर रहा

इरफान कोलुथम थोडी भारत के बेहतरीन पैदल चाल (रेस वाॅकिंग) खिलाड़ियों में से एक हैं। 27 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 2012 लंदन ओलंपिक में 10वां पायदान हासिल किया था, वो इससे बेहतर कर सकते थे अगर पांचवे स्थान पर रहते हुए उन्हें दो पेनल्टी नहीं मिलती।

स्पोट्र्स कैफ़े के साथ हुई ख़ास बातचीत में इरफान ने अपने सफर के बारे में बताया। इस खेल को चुनने से लेकर नेशनल रिकाॅर्ड तोड़ने तक और दुनिया के सबसे बड़े खेल इवेंट में 10वें पायदान पर रहने तक की अपनी यादों को उन्होंने साझा किया।

पेशेवर रेस वाॅकर बनने का फैसला आपने कैसे लिया?

मैं बचपन से रेस वाॅकिंग नहीं कर रहा हूं। मैंने ये सिर्फ काॅलेज में एडमिशन लेने के लिए शुरू किया था। और उस समय मुझे साई हाॅस्टल में भी जगह मिल गई और इससे मुझे इस खेल से जुड़े रहने की प्रेरणा मिली। 2010 में, मैं इंडियन आर्मी  में भर्ती हुआ और वहां मैंने अपने पहले ही मुकाबले में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय खेलों के दौरान, कोच गुरूदेव सिंह ने मुझे देखा और नेशनल कैंप आने के लिए कहा। कैंप ज्वाइन करने के 10 दिनों के अंदर ही मुझे राष्ट्रीय मुकाबले में सिल्वर मेडल मिला, वो मेरा पहला मेडल था। उसके बाद मुझे सभी राष्ट्रीय मुकाबलों में स्वर्ण पदक हासिल हुआ।

2012 में, मैंने फेडरेशन कप में हिस्सा लिया और वहां से ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया। उससे पहले तक मैंने ओलंपिक के बारे में सोचा भी नहीं था। लेकिन 2012 फेडरेशन कप के बाद मैंने इस बारे में सोचना शुरू किया। इससे पहले मैं सिर्फ ओलंपिक में हिस्सा लेना चाहता था लेकिन मैंने वहां अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे नहीं पता कैसे लेकिन बस हो गया।

ओलंपिक में आपका अनुभव कैसा रहा?

मुझे अब भी विश्वास नहीं होता है कि मैं ओलंपिक में 10वें पायदान पर रहा। आप इसे मेरा पहला अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला कह सकते हैं क्योंकि इससे पहले मैंने सिर्फ विश्व कप में हिस्सा लिया था। अपने पहले ओलंपिक मुकाबले के शुरूआती दौर में मैं काफी पीछे था। बहरहाल, 10 किमी के बाद मैं शीर्ष 5 तक पहुंचने में कामयाब रहा था। लेकिन आखिर में मुझे दो फाउल मिले जिसकी वजह से मेरी गति भी कम हो गई थी। लेकिन फिर भी में शीर्ष 10 में खुद को लाने में सफल हो पाया।

इस खेल को चुनने की प्रेरणा आपको कहां से मिली?

मैंने किसी को देखकर रेस वाॅकिंग की शुरूआत नहीं की थी लेकिन मेरे गांव में एक शख्स रेस वाॅकर है। उसके पास राज्य और राष्ट्रीय स्तर का अनुभव है, उनकी वजह से मैं रेस वाॅकिंग में आया। लेकिन वैसे किसी दूसरे खिलाड़ी ने मुझे इस खेल के लिए प्रेरित नहीं किया। कई अंतर्राष्ट्रीय रेस वाॅकर मौजूद हैं। जेरड टेलेंट आॅस्ट्रेलियाई रेस वाॅकर हैं और हम ईमेल के जरिए बातचीत करते रहते हैं। मैं उन्हें फाॅलो करता हूं। 

भविष्य में कौन-से ऐसे टूर्नामेंट हैं जिसमें आप हिस्सा लेने वाले हैं?

2014 एशियन खेलों के बाद, मैं चोटिल हो गया था। मेरे टखने में फ्रैक्चर हो गया था। उसके बाद मैंने 2016 एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया लेकिन उसमें मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं था। लेकिन इस साल, मुझे यकीन है कि मैं अच्छा करूंगा क्योंकि फिलहाल कोई चोट नहीं है और मेरा शरीर भी अच्छा महसूस कर रहा है। मैं नेशनल चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं। अगस्त में विश्व चैंपियनशिप का आयोजन होने वाला है और उस मुकाबले के लिए मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं।

मैक्स बूपा नेशनल रेसवाॅकिंग चैंपियनशिप का आयोजन 18-19 फरवरी को नई दिल्ली में होगा।

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