नॉक-आउट के बादशाह, विजेंदर सिंह की फ्रांसिस चेका से होगी रोमांचक भिड़ंत

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नॉक-आउट के बादशाह, विजेंदर सिंह की फ्रांसिस चेका से होगी रोमांचक भिड़ंत

भारतीय मुक्केबाजी के सितारे और WBO एशिया पसिफ़िक सुपर मिडिलवेट चैंपियन विजेंदर सिंह और पूर्व विश्व विजेता फ्रांसिस चेका के बीच आज नई दिल्ली में घमासान होगा। वहीं 'नाईट ऑफ़ द चैंपियंस' का मुकाबला 17 दिसम्बर 2016 को नई दिल्ली में ही आयोजित किया जायेगा।

भारतीय मुक्केबाजी के सितारे और WBO एशिया पसिफ़िक सुपर मिडिलवेट चैंपियन विजेंदर सिंह और पूर्व विश्व विजेता फ्रांसिस चेका के बीच आज एक घमासान होगा। इस मुकाबले के प्रायोजक हैं IOS बॉक्सिंग प्रमोशन्स के नीरव तोमर। यह मैच नई दिल्ली के होटल ला मेरीडियन में आयोजित किया जायेगा।

मीडिया के ज़रिये बयानों से एक दूसरे से मुकाबला करने के बाद यह पहली बार होगा जब चेका और सिंह एक दूसरे के आमने सामने होंगे। अभी तक में, चेका सबसे अनुभवी और चुनौतिपूर्ण खिलाड़ी हैं जिनका मुकाबला विजेंदर रिंग में करेंगे।

34 वर्षीय तंज़ानिया के न.1 पेशेवर मुक्केबाज़ विजेंदर की श्रेणी में (सुपर मिडिलवेट में) विश्व विजेता रह चुके हैं। चेका ने कुल 43 मुकाबले किये हैं जिनमें से 17 नॉक-आउट में उन्होंने जीत हासिल की है। पिछले दो महीनों से वह काफी प्रशिक्षण ले रहे हैं, ताकि वह विजेंदर से WBO एशिया पसिफ़िक सुपर मिडिलवेट चैंपियन का खिताब छीन सके। उन्होंने खुल्लम-खुल्ला यह ऐलान किया है कि विजेंदर इससे पहले उन जैसे किसी खिलाड़ी से नहीं भिड़े हैं, और वह यह साबित कर देंगे कि यह विजेंदर के कार्यकाल का सबसे मुश्किल भरा मुकाबला होगा। 

चेका का आत्मविश्वास से लैस विजेंदर का मुकाबला करने के लिए तैयार दिखे। मौके पर उन्होंने कहा, "विजेंदर तो एक बच्चे जैसे हैं जिन्होंने अभी अभी पेशेवर मुक्केबाजी में कदम रखा है, और वह नहीं जानते कि उन्हें किस तरह की चुनौती का सामना करने को मिलेगा। मेरे ख्याल से, 17 तरीक को मैं ही उन्हें बताऊंगा कि पेशेवर मुक्केबाजी होती क्या है, और इसके लिए मैं उनके चेहरे पर जोर से एक मुक्का मारूंगा। मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ। यह मेरे लिए एक नई चुनौती के समान है और मैं उन्हें चित्त करने के लिए बिलकुल तैयार हूँ।सिर्फ चार दिन और, और फिर मेरे मुक्के विजेंदर को उन्ही के प्रशंसकों के सामने, मुकाबले की शुरुआत में ही मैं धुल चटाउंगा।"

वहीं दूसरी ओर विजेंदर सिंह पिछले दिनों अपने प्रशिक्षक ली बियर्ड के साथ मेनचेस्टर में मेहनत कर रहे थे। हाल ही में वह तीन महीनों के लिए भारत आएं हैं। ली ने विजेंदर को कुछ कड़े अभ्यासों के साथ प्रशिक्षण दिया है ताकि उनकी ताक़त और सहन-शक्ति बढ़ सकते जिससे कि वह 10 या उससे अधिक दौरों के लिए रिंग में टिक सके।

नॉक-आउट के बादशाह जिनके नाम 7 में से सातों मुकाबलों में जीत हासिल करने का रिकॉर्ड है, अब अपने कार्यकाल के सबसे बड़े पेशेवर मुक्केबाजी की चुनौती, फ्रांसिस चेका से भिड़ेंगे। ऑस्ट्रेलिया के केरी होप के साथ हुए पिछले मुकाबले में मिली जीत की बदौलत विजेंदर सिंह WBO एशिया पसिफ़िक सुपर मिडिल वेट चैंपियन बने थे और WBO रैंकिंग में सर्वोच्च 10 में शामिल हुए थे।  

चेका के बारे में बात करते हुए विजेंदर ने कहा, "उन्हें लगता है कि पेशेवर मुक्केबाजी में मैंने सिर्फ शुरुआत की है। बस चार दिन बाकी है और उसके बाद मैं उन्हें बताऊंगा कि इस बच्चे के मुक्कों में कितनी ताक़त है। मैं हमेशा ही मुक्केबाजी में अपनी शालीनता बनाये रखूँगा, और बातों के बजाय अपने मुक्कों से साबित करना चाहूँगा। मैंने यह खिताब अपने प्रशंसकों के साथ इन्ते गर्व के साथ हासिल किया था। यह उन्ही के समर्थन का नतीजा है और मैं इसे इतनी आसानी से नहीं खोऊंगा।

IOS बॉक्सिंग प्रमोशन्स के प्रचारक नीरव तोमर, जिसके नाम विजेंदर सिंह के पेशेवर मुक्केबाजी के कार्यकाल का श्रेय है, आगले कुछ ही दिनों में होने वाले इस मुकाबले को लेकर काफी आश्वस्त दिखे। मौके पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं और मेरी टीम ने इस मुकाबले के आयोजन के लिए काफी मेहनत की है, हम पिछले चार महीनों से मेहनत कर रहे हैं। विजेंदर की जीत को लेकर मैं आश्वस्त हूँ। हम कुछ और मुक्केबाजों को भी अंडरकार्ड फाइटर्स के तौर पर रिंग में उतारने वाले हैं और उनमें से कुछ के साथ हमने सौदा भी कर लिया है। मुझे उम्मीद है कि इस कदम से देश में पेशेवर मुक्केबाजी भी अन्य खेलों की श्रेणी में शामिल होने में कामयाब होगी। नए युवा मुक्केबाजों को प्रो रिंग में लाने के लिए हमने परदीप खरेरा और कुलदीप ढांडा के साथ सौदा किया है जो 17 दिसम्बर को अंडरकार्ड फाइटर्स के तौर पर नज़र आयेंगे।"

विजेंदर सिंह पर चेका की बातों का कोई असर होते हुए नहीं दिखा। वह तंजानिआई मुक्केबाज़ के सामने सिर उठाकर खड़े रहे। जबकि विजेंदर के इसी आत्मबल को देखकर चेका थोड़े बहुत परेशानी में नज़र आएं।

यह तो वक़्त ही बताएगा कि क्या चेका सिर्फ बातों के ही शेर हैं या 17 दिसम्बर 2016 को विजेंदर सिंह से भिड़ने के बाद उनके मुक्कों से भी ऐसी ही आवाजें आयेंगी।

टाइटल डिफेन्स मुकाबले के अलावा, नाईट ऑफ़ द चैंपियंस में पांच अन्य अंडरकार्ड मुकाबले होने हैं। यह प्रमुख भिडंत के बाद आयोजित होंगे। IOS बॉक्सिंग ने इस बार अंडरकार्ड फाइट भारत और विदेशों से मुक्केबाजों को बुलाया है। परदीप,कुलदीप,धरमेन्दर, दीपक और राजेश जैसे मुक्केबाजों के साथ सौदा किया गया है। सभी मुक्केबाजों के पास अमेचर मुक्केबाजी की श्रेणी में काफी अच्छी उपलब्धि है और उन्होंने या तो हाल ही में पेशेवर मुक्केबाजी में कदम रखा है या नाईट ऑफ़ द चैंपियंस से वे डेब्यू कर रहे हैं।   

1. 67 kg वज़न की श्रेणी में - परदीप खरेरा IOS बॉक्सिंग प्रमोशन्स द्वारा साइन किये गए एक शानदार मुक्केबाज़ हैं, उनके अब तक के मुक्केबाजी का कार्यकाल काफी रोमांचक रहा है और फिलिपींस में अपने पहले एक्सबिशन मुकाबले में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। राज्य स्तरीय मुकाबले में वह तीन स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। पिछले साल परदीप पेशेवर मुक्केबाज़ बने और IBC के अंतर्गत उन्होंने दो मुकाबले किये हैं, जिनमें एक में उन्होंने जीत हासिल की और दूसरे में हार गए। परदीप इस बार 'नाईट ऑफ़ द चैंपियंस' के ज़रिये अपना तीसरा पेशेवर मुकाबला खेलेंगे और इस बार उन्हें ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट एडवर्ड्स से भिड़ना होगा। स्कॉट ने इससे पहले चार मुकाबले खेले हैं जिनमें वह विजयी रहे थे और वे सभी मुकाबले नॉक-आउट थे। एडवर्ड फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया-न्यू साउथ वेल्स स्टेट वेल्टरवेट खिताब के विजेता हैं।   

2. 61 kg वज़न की श्रेणी में- कुलदीप  ने दो पेशेवर मुकाबले खेले हैं और वह इस साल अप्रैल में पेशेवर बने। ढांडा ने इससे पहले, इस साल जुलाई में, IOS बॉक्सिंग के सिंह व्स होप प्रतियोगिता में भाग लिया था। वह थाईलैंड के मुक्केबाज़ वचायान खामोन के खिलाफ थे और मुकाबले में उन्हें सर्वसम्मति से जीत हासिल हुई थी। इससे पहले उन्होंने विजय गायकवाड़ का भी मुकाबला किया था जिसमें उन्हें जीत मिली थी। कुलदीप ने अब, पेशेवर मुक्केबाजी में आगे बढ़ने के लिए, IOS बॉक्सिंग प्रमोशन्स के साथ सौदा किया है और वह 'नाईट ऑफ़ द चैंपियंस' के मुकाबले में इंडोनेशिया के एगी रोज़टेन के साथ भिड़ेंगे। एगी हरयाणा के कुलदीप की तुलना में कई गुना अनुभवी हैं। रोज़टेन ने 19 मुकाबले किये हैं और 79 दौरों में हिस्सा लिया है। उनके पांच मुकाबलों में मिली जीत में 3 नॉक-आउट भी शामिल हैं।

3. 91 kg वज़न की श्रेणी में - धरमेंदर ग्रेवाल यूगांडा के अबासी क्योबे से भिड़ेंगे। नाईट ऑफ़ द चैंपियंस का यह मुकाबला अबासी का पहला मुकाबला होगा। वहीं धरमेंदर अब तक दो मुकाबले खेल चुके हैं जिनमें से एक नॉकआउट जीत थी और दूसरे में भी उन्हें सर्वसम्मति से जीत मिली थी।

4. 67 kg वज़न की श्रेणी में - दीपक तंवर इंडोनेशिया के सुत्रियोनो बारा बॉयज के खिलाफ खेलेंगे। सुत्रियोनो ने 6 मुकाबले और 22 राउंड्स खेले हैं और ऐसे में वह, पहली बार खेल रहे, अखिल के मुकाबले अधिक अनुभवी हैं। 2015 में वह पेशेवर मुक्केबाज़ बनने के बाद, दीपक ने तीन पेशेवर मुकाबलों में हिस्सा लिया है और तीनों में विजयी रहे हैं और एक जीत नॉक-आउट रही थी।    

5. 61 kg वज़न की श्रेणी में - राजेश कुमार यूगांडा के मुबराका सेगुया के खिलाफ खेलेंगे। सेगुया ने 11 मुकाबलों और 40 दौरों में हिस्सा लिया है और 8 मुकाबले और 4 नॉक-आउट्स में जीत हासिल की है। जबकि भिवानी के राजेश कुमार ने पिछले साल से अब तक 6 मुकाबले खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है। इनमें से एक जीत नॉक-आउट भी रही थी।  

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