भारत में सफलता हासिल करने के लिए इंग्लैंड में थी मानसिक बल की कमी, माइकल वॉगन ने कहा

no photo
 |

Getty

भारत में सफलता हासिल करने के लिए इंग्लैंड में थी मानसिक बल की कमी, माइकल वॉगन ने कहा

4-0 से मिली शिकस्त के बाद, पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल वॉगन ने कहा कि भारतीय परिस्थितियों में जीतने के लिए इंग्लैंड की टीम के पास मानसिक बल की कमी थी। वॉगन मानते हैं कि अब एलेस्टर कुक को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या वह टीम की कप्तानी संभालने योग्य हैं?

'डेली टेलीग्राफ' में अपने स्तंभ में वॉगन ने लिखा है कि भारत में जीत हासिल करने के लिए इंग्लैंड की टीम में मानसिक बल थी ही नहीं।

"कभी कभी जब परिस्थितियां हाथ से बाहर होती है, तब भी मानसिक शक्ति की बदौलत जीत हासिल की जा सकती है। मानसिक शक्ति से हम बुरे से बुरे वक़्त से बाहर निकल सकते हैं, और इसी की मदद से इंग्लैंड की टीम सीरीज के आखिरी टेस्ट के पांचवे दिन पर अपने प्रदर्शन के स्तर को बढ़ाकर हारने से बच सकती थी," उन्होंने कहा।

"पिछले आठ में से सात शृंखलाओं में इंग्लैंड आखिरी टेस्ट में हारता आया है। जब हम सीरीज के आखिरी दिन पर होते हैं, तो हमारे हाथ में 10 विकेट और दो सेशन होते हैं, मानसिक बल का प्रदर्शन तब होता है जब आप पूरे हौसले के साथ खेलते हैं।  

"भारत में, वे निरंतर चूकते रहे, बेतुके शॉट्स पर आउट होते रहे, और बहाना यह बनाया गया कि इंग्लैंड के पास विश्व स्तरीय स्पिनर नहीं है। अगर आप आखिरी दो सेशंस में 10 विकेट के रहते हुए भी पूरी तरह से बल्लेबाजी नहीं कर सकते, तो विश्व स्तरीय स्पिनरों के रहने से भी कुछ नहीं होगा," वॉगन ने कहा।

भारत के खिलाफ शृंखला में एलेस्टर कुक द्वारा ली गयी नीतियों में गलतियाँ साफ़ नज़र आ रही थी, जिसके साथ ही, बिना किसी लड़ने के प्रयास के, इंग्लैंड को 4-0 की हार मिली। एक रक्षात्मक फील्ड सेट और तेज़ गेंदबाजों पर ज़रुरत से अधिक भरोसा करने के कारण उन्होंने मेज़बान देश के जीत हासिल करने का मौका दिया। और वक़्त के साथ भारतीय टीम शृंखला की पहले टेस्ट में अपने लड़खड़ाये कदमों को संभालते हुए, इंग्लैंड को मात देती रही। कप्तान के तौर पर, रक्षात्मक होने के साथ ही कुक ओपनिंग बल्लेबाज़ के तौर पर भी असफल रहे।    

वॉगन ने कहा कि कुक को टॉप आर्डर में रहते हुए रन बटोरने चाहिए क्योंकि वह उनका यह योगदान, टीम के लिए, उनकी कप्तानी से अधिक महत्वपूर्ण होता।

वॉगन ने लिखा, "जब आप कप्तान हैं, और टीम हार नहीं है, तो आपको मज़ा नहीं आता। इससे आपको दुःख होता है। आप सुबह उठते हैं, और आपको खेलने का मन भी नहीं करता। कुक को अपने अन्दर के जूनून को फिर से जगाना होगा। टीम को उनकी ताक़त की ज़रुरत है। उनकी कप्तानी से अधिक, टॉप आर्डर में उनकी शानदार बल्लेबाजी की आवश्यकता है।"

वॉगन का मानना है कि कुक को बल्लेबाज़ के तौर पर अपनी समीक्षा करनी चाहिए और खुद से यह पूछना चाहिए कि क्या इंग्लैंड की टीम को पुनर्जीवित करने के लिए वह सही हैं?

"कोई उन्हें यह नहीं कह सकता कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। लेकिन एक हारी हुई टीम के साथ अगले साल दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज और फिर ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने से पहले उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वह खुद कप्तानी के लिए कितने तैयार हैं। उन्हें यह सोचना होगा कि क्या वह सातों टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम का हौसला बनाये रख पाएंगे, ऑस्ट्रेलिया में होने वाले एशेज में जीत पाएंगे या अब वह आगे यह ज़िम्मेदारी नहीं उठा सकेंगे?

"अगर उन्हें ऐसा लगता है कि अगले साल टीम की कप्तानी वह ही सकुशल कर सकेंगे तो उन्हें प्रमुख खिलाड़ियों के साथ बैठना होगा और टीम को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें बढ़ावा देना होगा। वह कोई गलती नहीं कर सके। वह जुलाई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट हारकर यह नहीं सोच सकते कि 'अरे! मैंने यह क्या कर दिया? मुझे कप्तानी नहीं करनी चाहिए थी।," उन्होंने कहा। 

Ravi Rampaul or Shane Shillingford? Who will take more wickets?

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports, including Cricket. Play the CPL T20 challenge and win cash prizes daily!!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS
!-- advertising -->