सौरव गांगुली: कोहली की टेस्ट सफलता से धोनी पर पड़ेगा दबाव

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सौरव गांगुली: कोहली की टेस्ट सफलता से धोनी पर पड़ेगा दबाव

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को लगता है कि कोहली की शानदार टेस्ट सफलता से इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले ODI शृंखला में बेहतर प्रदर्शन के लिए एमएस धोनी पर दबाव पड़ेगा। गांगुली को यह भी लगता है कि करुण नायर और पार्थिव पटेल के बल्लेबाजी का फॉर्म भारतीय टीम के चयनकर्ताओं लिए एक सिरदर्द होगा।

इंग्लैंड के खिलाफ हुए पांच मुकाबलों के टेस्ट शृंखला में 4-0 से जीत हासिल करने के बाद, विराट कोहली के एमएस धोनी से मर्यादित ओवर की कप्तानी छीनने की बात पर सौरव गांगुली ने कहा, "वैसे तो यह एक वाजिब सवाल है और विराट कोहली की टेस्ट सफलता से चयनकर्ताओं पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन मेरे ख्याल से इसमें अभी थोड़ा और वक़्त लगेगा। एक दिन वह ODI के भी कप्तान बनेंगे, बस सही समय का इंतज़ार है। लेकिन चयनकर्ता ही यह तय करेंगे की 2019 के विश्व कप के लिए वे किसे कप्तान बनाना चाहते हैं और फिर उसी के अनुसार योजना बनायेंगे। मेरे ख्याल से धोनी पर, इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज में दबाव बना रहेगा।"

टेस्ट सीरीज के दौरान इंग्लैंड की टीम की कमी को गिनवाने वाले गांगुली भारतीय टीम के प्रदर्शन से भी काफी खुश थे।

"भारतीय टीम ने एक शानदार प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि यह प्रदर्शन आगे भी बरक़रार रहे। अगर आप भारतीय टीम को उसी की ज़मीन पर हराना चाहते हैं तो आपको अच्छे स्तर के स्पिनर चाहिए और यह स्पष्ट था की मोइन अली और आदिल राशिद उस स्तर के स्पिनर नहीं थे," गांगुली ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा।

आखिरी दिन पर इंग्लैंड ने टिया ब्रेक के बाद, 15 रनों के अन्दर ही छः विकेट खो दिए। उनकी पारी की समाप्ति की समीक्षा करते हुए गांगुली ने कहा, "मेरे ख्याल से यही विराट कोहली की कप्तानी की खूबी है। मुझे यकीन है कि उन्होंने खिलाड़ियों को यही कहा होगा कि मैच अभी तक समाप्त नहीं हुआ है।

"सीरीज में यही चीज़ काफी अच्छी रही। ये पिच स्पिन अनुकूल नहीं थें और हमने चार टॉस हारने के बावजूद लगातार चार मुकाबले जीत गए, तो बड़ी बात है," उन्होंने कहा।

विकेटकीपर और बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल और नए खिलाड़ी करुण नायर के शानदार प्रदर्शन के साथ ही अब चयनकर्ताओं को आगे की सीरीज में खेलने वाले XI खिलाड़ियों चुनने में मेहनत करनी होगी। लेकिन गांगुली को लगता है कि यह मुश्किल तब आसान होगी जब वे विदेश में खेलने लगेंगे।

"बल्लेबाजी का अतिरिक्त बल काफी अच्छा है। ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने प्रदर्शन कर दिखाया है। करुण नायर इस टेस्ट मैच में शानदार रहे थे। तो ऐसा होना बुरा भी है और अच्छा भी। यह मुश्किल अगले 12 महीनों में आसान होगी जब भारत विदेशों में दौरे करेगा और ऐसी परिस्थितियों में खेलेगा जो तेज़ गेंदबाजी और बाउंस अनुकूल होंगी," उन्होंने कहा।

गांगुली को यह भी लगता है कि देश में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले टेस्ट सीरीज से भी भारत को ज्यादा खतरा नहीं होगा।

"भारत में और पांच टेस्ट मुकाबले होंगे और इन सभी में टीम जीतेगी। इसके बाद वे दौरे पर निकलेंगे और यह तय होगा कि अच्छे स्तर की तेज़ गेंदबाजी के सामने कौन टिक पाता है," गांगुली ने कहा।

पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने रविन्द्र जडेजा की भी तरीक की और उन्हें सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक माना। इंग्लैंड की दूसरी पारी में जडेजा ने विरोधी टीम के साथ विकेट अकेले ही चटकाए थे।

"वह (जडेजा) धीमे और घुमावदार पिचों में आक्रामक हो जाते हैं। मेरे ख्याल से वैसे परिस्थितियों में वह सर्वश्रेष्ठों में शामिल होते हैं," उन्होंने कहा।

जब उनसे रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा और अनिल कुंबले तथा हरभजन सिंह की जोड़ी के बीच तुलना करने को कहा गया, तो पूर्व कप्तान सवाल से बचते नज़र आये।

"मुझे नहीं लगता कि तुलना करना सही होगा दोनों क्रिकेट के अलग अलग युग थें," 44 वर्षीय ने अंत में कहा

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