धोनी और कोहली एक ही ड्रेसिंग रूम में मौजूद दो 'नायक' हैं, रवि शास्त्री ने कहा

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धोनी और कोहली एक ही ड्रेसिंग रूम में मौजूद दो 'नायक' हैं, रवि शास्त्री ने कहा

पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री ने कहा कि विराट कोहली और एमएस धोनी भारतीय ड्रेसिंग रूम में मौजूद दो बड़े नायक हैं, लेकिन वे दोनों ही, एक दूसरे की बहुत इज्ज़त करते हैं। शास्त्री का मानना है कि BCCI को लोढा समिति के सुझावों पर अमल करते हुए, अपने प्रशासन को और पारदर्शी बनाना चाहिए।

हाँ एक तरफ, दिन-ब-दिन मर्यादित ओवरों के खेल में एमएस धोनी से कप्तानी छीनकर, कोहली को सौंपे जाने के कयास बढ़ते जा रहे हैं, वहीं भारतीय टीम के पूर्व निदेशक रवि शास्त्री का मानना है कि कोहली को ज़िम्मेदारी सौंपी जाने से पहले अभी धोनी को एक लम्बे वक़्त तक टीम की कप्तानी करनी है।

इंडिया टुडे को दिए गए इंटरव्यू में शास्त्री ने कहा, "धोनी अब भी काफी लम्बे वक़्त तक क्रिकेट खेल सकते हैं, उनका स्वास्थ काफी अच्छा है। वह कप्तान की ज़िम्मेदारी पिछले 10-12 वर्षों से उठाये हुए हैं और अब वक़्त है कि कोई इस ज़िम्मेदारी को अगले 12 से 18 महीनों में अपने कन्धों पर ले ले।"  

"वहीं, दूसरी तरफ धोनी जानते हैं कि कोहली एक आक्रामक खिलाड़ी हैं और उनसे अधिक से अधिक बेहतर प्रदर्शन कैसे करवाया जा सकता है। दोनों ही, एक ही ड्रेसिंग रूम में मौजूद, अपने अपने क्षेत्र में नायक हैं। लेकिन फिर भी दोनों के बीच एक दूसरे के प्रति काफी सम्मान है," उन्होंने कहा।

शास्त्री ने विराट कोहली की प्रशंसा करते हुए कहा कि 28 वर्षीय खिलाड़ी में अविश्वसनीय रिकॉर्ड कायम करने की क्षमता है।

"28 साल की उम्र में, कोहली ने एक दिवसीय खेलों में 26 या 27 शतक लगायें हैं, और 35 से 40 अंतर्राष्ट्रीय शतक लगायें हैं। क्रिकेट खेलने के लिए, उनके पास अभी और 10 साल का वक़्त हैं, और अगर वह स्वस्थ रहते हुए ऐसे ही खेलते रहेंगे, तो कुछ भी हो सकता है। हमें उनपर दबाव नहीं डालना चाहिए क्योंकि सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड (100 शतक) काफी भव्य है। सचिन जैसे खिलाड़ी बार बार नहीं बनते। अब कोहली ने 40 अंतर्राष्ट्रीय शतक अपने नाम किये हैं, और उनके पास 10 साल और हैं खेलने के लिए, आगे क्या हो जाए किसे पता," शास्त्री ने कहा।   

भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी ने BCCI-लोढा समिति के मसले पर अपने पुराने विचार दोहराते हुए कहा कि समिति के सभी सुझावों पर अमल करने से देश में क्रिकेट प्रशासन का संचालन करना संभव नहीं हो पायेगा।  

"क्रिकेट में संशोधन लाना अनिवार्य है और लोढा समिति का 80 से 85 प्रतिशत लागू किया जा सकता है। कुछ मामलों में, हमें सख्त होना होगा, यह ज़रूरी है," शास्त्री ने कहा।

"लोढा समिति के सुझावों का 80 से 85 प्रतिशत पर अमल किया जाना चाहिए, लेकिन बाकी बचे 15 प्रतिशत सुझावों की उपयोगिता पर सवाल उठाये जा रहे हैं," उन्होंने कहा।

शास्त्री ने BCCI की बुरी छवि पर प्रश्न उठाते हुए कहं "अगर आपको लगता है कि BCCI इतना ही बुरा है, तो हम तीन विश्व कप कैसे जीत पायें और हमने दुनिया को विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे खिलाड़ी कैसे दिए?

54 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी का मानना है कि चयन समिति में पांच चयनकर्ता होने चाहिए को पांच अलग अलग जोन से होंगे, ताकि चयन प्रक्रिया सरलता से चल सके। "अगर आपको निष्पक्ष चयन चाहिए, तो भारत जैसे बड़े देश में, जहाँ दूसरे देशों की तुलना में अधिक खिलाड़ी मौजूद है, पांच जोन के प्रतिनिधित्व वाले पांच राष्ट्रीय चयनकर्ता होने चाहिए, जिनके साथ हर जोन से दो यानी की 10 योग्यता समीक्षक भी हो," शास्त्री ने कहा।  

"अब भी बातचीत (BCCI और लोढा समिति के बीच) से मामला सुलझ सकता है," उन्होंने कहा। 

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