स्पिनरों की सहायता के लिए भारतीय तेज़ गेंदबाजों को अपने खेल का स्तर बढ़ाना होगा, सौरव गांगुली ने कहा

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स्पिनरों की सहायता के लिए भारतीय तेज़ गेंदबाजों को अपने खेल का स्तर बढ़ाना होगा, सौरव गांगुली ने कहा

सौरव गांगुली ने कहा है कि भारत के तेज़ गेंदबाजों, उमेश यादव, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी को स्पिनर्स के ऊपर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए अपने खेल का स्तर बढ़ाना होगा। गांगुली ने इस बात पर जोर डाला है कि भारतीय टीम के विदेशों के प्रदर्शों को बेहतर बनाने के लिए देश में अच्छे पिचों को तैयार करना होगा।

"पहले दिन, इस तरह के पिच (राजकोट) पर तेज़ गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इसीलिए मैं इस बात पर जोर देता रहता हूँ कि भारत में अच्छे पिचों के निर्माण की आवश्यकता है ताकि हमारा प्रदर्शन विदेशों में भी अच्छा रहे," सौरव गांगुली ने ESPNcricinfo से इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए कहा।  

बंगाल के बल्लेबाज़ ने कहा कि जब खेलने के लिए सतह अच्छी हो, तो सिर्फ भारतीय स्पिनरों से सारी उम्मीदें करना गलत है।

"केवल स्पिनरों को गेंद सौंपना सही नहीं है जब पहली ही दिन से पिच सपाट हो। आप आराम से जीत सकते हैं। इससे किसी की सहायता नहीं होती और ना ही इस टीम को कोई मदद मिलती है। मैं खुश हूँ कि उन्हें थोड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। यह एक युवा टीम है। आपको 3 दिनों में मैच जीतने की ज़रुरत नहीं है, आप पांच दिन में भी जीतेंगे तो उसे जीत माना जायेगा," उन्होंने अपने समीक्षण को स्पष्ट किया।

गांगुली ने दक्षिण अफ्रीका (2015) और ऑस्ट्रेलिया (2013) के भारत दौरे के दौरान पिच निर्माण की बात की, और उन्हें "माइनफिल्ड' कहते हुए, इस बात पर जोर डाला कि विदेशों में प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ऐसे पिचों को तैयार करना ज़रूरी है।  

"अब भी यह इस मैच की शुरुआत है लेकिन मैं मानता हूँ कि जो पिच ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे के दौरान तैयार किया गया था वह एक माइनफिल्ड से कम नहीं था। मुझे याद है दिल्ली में (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) हुआ टेस्ट मैच 3 दिनों में समाप्त हो गया। आप इस तरह के टेस्ट पिच नहीं बना सकते। मुझे लगता है जो हो रहा है वह भारतीय क्रिकेट के लिए सही है।"

गांगुली को लगता है कि तेज़ गेंदबाजों के अधिक योगदान से रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा का बोझ हल्का होगा।

"हम दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेले थे। चार टेस्ट माइनफिल्ड समान पिचों पर लेकिन अब यह काम नहीं आएगा। अगर भारत अच्छी पिचों पर पांच टेस्ट मैच खेलता है और अनिल कुंबले शमी, यादव और इशांत को पहले दिन पर तीन विकेट चटकाने के लिए लाते हैं, तो भारत एक बेहतर पक्ष बनेगा। क्योंकि आप रविचंद्रन अश्विन या रविन्द्र जडेजा से किसी सपाट पिच पर एक अच्छी बल्लेबाजी वाली टीम के पांच विकेट चटकाने की उम्मीद नहीं कर सकते। वे शायद यह एक या दो बार कर सके लेकिन निरंतर ऐसा करना उनके लिए कठिन होगा," उन्होंने कहा।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब भारत ने न्यू जीलैंड के खिलाफ कोलकाता में टेस्ट खेला था तब विराट कोहली ने एक बार भी घुमावदार पिच की मांग नहीं की थी।

"वे न्यू जीलैंड के विरुद्ध खेले, मुझे किसी का कोई निवेदन नहीं मिला। जब कोहली मुझसे मिले, उन्होंने मुझे पिच के बारे में पूछा, तो मैंने कहा, "उसमें थोड़ी बहुत घास है। मैं उन्हें देखता रहा, उन्होंने पहले तीन दिन अपनी टीम के साथ प्रशिक्षण किया। यही वह बातें हैं जो उन्हें बेहतर बनाएगी," गांगुली ने कहा।

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