अमित मिश्रा दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन को लेकर आशान्वित

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अमित मिश्रा दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन को लेकर आशान्वित

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SportsCafe Desk

11/15/2016

अमित मिश्रा की इंग्लैंड के विरूद्ध पहला टेस्ट ड्रा होने का बाद और न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ एक दिवसीय शृंखला के बाद टेस्ट प्रारूप के साथ जल्दी सामंजस्य न बिठा पाने के कारण काफी आलोचना हुई है। हालाँकि मिश्रा ने गुरुवार को विशाखापट्नम में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताया है।

"मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने अच्छी गेंदबाज़ी नहीं की. मुझे लय में आने में थोड़ा समय लगा, खासतौर पर जब मैं लंबे समय के बाद टेस्ट मैच खेल रहा था। मैं वेस्ट इंडीज के विरुद्ध खेली गयी शृंखला में मैं बेंच पर था और न्यूज़ीलैण्ड के विरुद्ध शृंखला में भी मैं बाहर था. और मैं केवल एक दिवसीय शृंखला खेल कर आया था और एक दिवसीय से टेस्ट प्रारूप में सामंजस्य बैठाने में थोड़ा समय लगा। परंतु, मुझे लगता है कि दूसरी पारी में मेरी गेंदबाज़ी में सुधार था और मैंने बेहतर गेंदबाज़ी की," मिश्रा ने bcci.tv को बताया।

मिश्रा राजकोट में सबसे महंगे भारतीय गेंदबाज़ थे जिन्हें चार रन प्रति ओवर के हिसाब से रन पड़े और मुकाबले में केवल तीन विकेट ही ले पाए।

"वह बल्लेबाज़ी के लिए एक अच्छा विकेट था। वह एक धीमा विकेट था। यदि विकेट में थोड़ी और गति होती तो यह मुकाबला अधिक रोमांचक होता। इस मुकाबले का निर्णय हमारे पक्ष में होता यदि हम अधिक विकेट लेकर उनपर दबाव बनाने  हो पाते," 33-वर्षीय खिलाड़ी ने कहा।

"गेंदबाज़ों को बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल पिचों पर गेंदबाज़ी को परेशानी होती है और जब आप उस टीम के विरुद्ध गेंदबाज़ी कर रहें है जो पहले ही 500 रन बना चुकी हैं। एक गेंदबाज़ के तौर पर यह बहुत आवश्यक कि सही क्षेत्र में गेंदबाज़ी करें और बल्लेबाज़ को गलती करने के लिए मजबूर करें। हम पूरा प्रयास किया परंतु जिस प्रकार उन्होंने बल्लेबाज़ी की, मैं उनको इसका श्रेय देता हूँ।"

हरियाणा के इस गेंदबाज़ ने कहा कि अनिल कुंबले उन्हें समय समय पर प्रतिक्रिया देते हैं।

"उन्होंने मुझसे हमेशा कहा कि मैं एक विकेट निकालने वाला गेंदबाज़ हूँ। उन्होंने मुझे हमेशा विकेट के लिए जाने को कहा। खासतौर पर तब जब मैं राजकोट विकेट पर गेंदबाज़ी कर रहा था, उन्होंने मुझे अधिक परीक्षण करने की बजाये सही क्षेत्र और दिशा में गेंदबाज़ी करने लिए कहा। वह एक मुश्किल दिन था परंतु मैं परिस्थिति के अनुसार गेंदबाज़ी करूँगा और विकेट निकालूंगा," मिश्रा ने कहा।

मिश्रा ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि बावजूद इसके कि इंग्लैंड ने भारत पर दबाव बनाया जिसके फलस्वरूप भारत के 6 विकेट गिरे, उन्हें विश्वास था कि वो मैच बचा लेंगे।

"वहां पर थोड़ा दबाव था, परंतु हमें विश्वास था कि हम मैच बचा लेंगे। हमारे बल्लेबाजों ने रन बनाये थे और लय में थे। आने वाले बल्लेबाजों को भी विश्वास था कि वो बचे हुए ओवर में बल्लेबाज़ी कर लेंगे। कोहली की बल्लेबाज़ी शानदार थी," उन्होंने कहा।

"जडेजा काफी सकारात्मक थे और उन्होंने शॉट भी खेले। ऐसे समय पर गेंदबाज़ बैकफुट पर चल जाते हैं। उन्हें उनका प्राकृतिक खेल खेलने के लिए कहा गया था और साथ ही यह भी कहा गया था कि कोई जोखिम न उठायें। दोनों ने बड़ी परिपक्वता का परिचय दिया और यह दिखाया कि हम दबाव झेलने में सक्षम हैं।"

मिश्रा अगले टेस्ट के लिए उत्साहित हैं. "पहली पारी मेरे पक्ष में नहीं गयी, परंतु दूसरी पारी में जब पिच स्पिन गेंदबाज़ों को थोड़ी मदद दे रही थी, मुझे मेरी लय प्राप्त होनी शुरू हो गयी। यदि मुझे मौका मिला तो आशा है कि मैं अगले मुकाबले में भी उसी लय के साथ गेंदबाज़ी करूँगा। मेरे पास न्यूज़ीलैण्ड के विरुद्ध विज़ाग में लिए पाँच विकेटों से प्राप्त आत्मविश्वास है और मेरी तैयारियां दूसरे टेस्ट तक और भी बेहतर हो जाएँगी।"

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