जीत के लिए हमें पिच पर निर्भर होने की ज़रुरत नहीं: विराट कोहली

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जीत के लिए हमें पिच पर निर्भर होने की ज़रुरत नहीं: विराट कोहली

शृंखला के तीसरे मुकाबले को जीतने के बाद विराट कोहली ने पिच समीक्षकों की निंदा करते हुए कहा कि यह साबित कर दिया गया है कि जीत के लिए भारतीय टीम को पिच पर निर्भर होने की ज़रुरत नहीं है। भारतीय कप्तान ने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की और पार्थिव की कामयाब वापसी को चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द बताया।

भारत ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका को हराया था, लेकिन उस दौरान जीत के बाद चर्चा खिलाड़ियों की गुणवत्ता के बजाय पिच के बारे में हुई थी। मीडिया से लेकर पूर्व खिलाड़ियों तक, सभी ने भारतीय टीम पर जीत के लिए पिच में फेर बदल करने आरोप लगाया था। हालांकि, एक साल बाद, न्यू जीलैंड को 3-0 से हराकर और अब इंग्लैंड के खिलाफी शृंखला में 2-0 की बढ़त हासिल करने के बाद, सभी आरोपों को बेबुनियाद साबित कर दिया गया है।

इंग्लैंड के खिलाफ एक अजेय बढ़त लेने के बाद कोहली ने कहा, "मेरे ख्याल से पक्षपाती पिचों को लेकर सवाल उठाये जाने के बाद अब ठीक एक साल बीत चुके हैं और अब तो इस सवाल का जवाब हमारे खेल ने ही दे दिया। हमें पिचों को लेकर ज्यादा चर्चा करने की ज़रुरत नहीं है। हम एक ऐसी टीम हैं जो अच्छा क्रिकेट खेलने में, मुकाबले जीतने में और परिस्थितियों से जूझने में दिलचस्पी रखते हैं, या फिर अगर हम किसी मुसीबत में हैं, तो हम उस स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढते हैं।

"यह पिच क्रिकेट खेलने के अनुकूल था। अगर आप तेज़ गेंदबाजों की बात करें, तो जब उन्होंने अपनी गति बढाकर प्रयास किया तो उन्हें इसका परिणाम भी मिला। यह एक ऐसा विकेट था जिसमें अगर आप टिक कर समय बिताते हैं तो आपको इसका परिणाम ज़रूर मिलेगा। मुझे लगता है हमने ऐसा ही किया जिस वजह से हमें अच्छे नतीजे मिले। इस साल, इससे पहले, जब हम कोलकाता में खेल रहे थे तो हमने यह जता दिया था कि हम ऐसे पक्ष नहीं हैं जिन्हें सिर्फ स्पिन अनुकूल पिच की ही ज़रुरत है। हम अच्छा क्रिकेट भी खेल सकते हैं और किसी भी टीम के खिलाफ जीत सकते हैं। हमारे बीच ऐसी ही भावना है और यह तभी हो सकता है जब आपका ध्यान बाकी की चीज़ों पर नहीं जाता। आप अपनी कुशलता और ताक़तों पर ध्यान दें और आगे आगे बढ़े।"

भारत के पास अब अच्छे स्पिनरों के साथ अच्छे तेज़ गेंदबाजों का भी बल है, फिर चाहे मैदान में उतरे 11 खिलाड़ियों की बात हो या अतिरिक्त खिलाड़ियों की।

गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कोहली ने कहा, "इससे यकीनन हमारा आत्मबल बढ़ता है। जिस तरह से अच्छे गेंदबाज़ हमारे पास है, एक कप्तान होने के नाते मैं हर मुकाबले के साथ उन्हें कुछ बेहतर करने को कह सकता हूँ। हमारे अतिरिक्त खिलाड़ियों में इशांत शर्मा और भुवनेश्वर कुमार मौजूद है। दोनों ही बेहतरीन गेंदबाज़ हैं। स्पिनरों में भी, अमित मिश्र ने अब तक नहीं खेला है, तो अच्छी बात यह है कि जो भी टीम का हिस्सा बन रहा है जो योगदान देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। कप्तान होने के नाते यह देखना काफी संतोषजनक बात है, ख़ासकर एक ऐसे गेम में जहाँ आप टॉस हार जाते हैं और एक सपाट विकेट पर विरोधी टीम को 280 (283) पर सीमित करते हैं। इससे गेंदबाज बल का आत्मविश्वास बढ़ता है, ऐसा लगता है कि हम सर्वश्रेष्ठ बनने के रास्ते पर हैं।

घुटने में लगी एक गंभीर चोट के बाद, 15 महीने खेल से अलग रहने के बाद, मोहम्मद शमी ने कैरीबीयन दौरे से वापसी की थी। लेकिन इससे उनके आक्रामक रुख में कोई बदलाव नहीं आया और बड़ी आसानी से उन्होंने प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ का स्थान एक बार फिर हासिल कर लिया, और टीम में उमेश यादव का बखूबी साथ दिया।

"हाँ, शमी वापसी के बाद और भी बेहतर हो गए हैं। वह मज़बूत हैं, क्योंकि उन्होंने कड़ी मेहनत की है। चूंकि उनके घुटने में चोट लगी थी और एक पैर दूसरे की तुलना में अधिक कमज़ोर थी, तो ज़ाहिर है वह इस चीज़ का कुछ कर नहीं सकते थे।

"उन्होंने वापसी करके कड़ी मेहनत की, वह अपने प्रशिक्षण में काफी सतर्क रहते थे और अब उनकी गति काफी बढ़ गयी है। अब वह पांच ओवरों तक जोश के साथ गेंदबाजी कर पाते हैं और उनका यह समयकाल बड़ा होता जा रहा है। अपने लक्ष्य को उन्होंने अपने दिमाग में स्पष्ट कर लिया है और यह समझ लिया है कि एक अच्छा टेस्ट बॉलर होने के नाते उन्हें क्या करना चाहिए और वह इसके लिए मेहनत कर रहे हैं। अगर आप यह तीन खेल देखे, तो उनकी गति बहुत अच्छी थी और उमेश की भी. दोनों ने निरंतर 145 kph पर गेंदबाजी की है। इस तरह की पिच पर उम्मीद पर कायम रहना और बेहतर गेंद डालने का प्रयास करना इन खिलाड़ियों का व्यक्तित्व ज़ाहिर करता है। हम एक ऐसे पिच पर खेलना पसंद करूँगा जो उनके अनुकूल होगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि वैसी परिस्थिति में वे क्या करते हैं। वह अपनी अपनी भूमिका में बेहद खुश हैं। वे विकेट चटकाने में जल्दबाजी नहीं दिखाते। वे मैदान में उतरते हैं, अपना काम करते हैं और दूसरे को भी करने देते हैं," कोहली ने कहा।

आठ सालों के बाद, राष्ट्रीय टीम में पार्थिव पटेल की कामयाब वापसी की बात करते हुए विराट ने कहा कि एक बार वृद्धिमान साहा ठीक होकर लौट आये, फिर चयनकर्ताओं की मुसीबत काफी बढ़ जाएगी।

"यह एक बड़ा सिरदर्द होने वाला है, सच कह रहा हूँ। हो सकता है कि इसकी भी संभावना हो। हमें अगले कुछ दिन पर इसकी समीक्षा करनी होगी। हम उसी के अनुसार निर्णय लेनेगे," विराट कोहली ने कहा।    

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