क्या आप 100 करोड़ रुपयों का नुक्सान करना चाहेंगे?, BCCI ने लोढा सुझावों पर किया सवाल

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क्या आप 100 करोड़ रुपयों का नुक्सान करना चाहेंगे?, BCCI ने लोढा सुझावों पर किया सवाल

लोढा सुझावों पर अक्षरसह अमल करने का दबाव झेल रहे BCCI ने विरोध करते हुए कहा है कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें करोड़ों का नुक्सान हो जायेगा। BCCI के प्रमुख अनुराग ठाकुर, विराट कोहली के DRS के इस्तेमाल की मंज़ूरी दिए जाने के बावजूद, BCCI द्वारा उसके विरोध का समर्थन कर रहे हैं।

BCCI, कई महीनों से, सुप्रीम कोर्ट द्वारा समर्थित लोढा समिति के सामने खुद को पस्त होते हुए देख रहा है। उनके विरोध और प्रतिरोध के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड को 'स्वयं बात मानने' की हिदायत देते हुए कहा है कि ऐसा न करने पर उनसे 'जबरन बात मनवाई जाएगी'। हालांकि, हफ्ते के अंत में हुई, BCCI स्पेशल जनरल मीटिंग में इस बात पर 'सर्वसम्मति' बनी रही कि बोर्ड 'अहम सुझावों' को लागू करने के लिए तैयार है लेकिन मुख्य एवं विवादित सुझावों को वह छोड़ना पसंद करेगा।     

बोर्ड अपने इस रुख पर अब भी कायम है और स्पोर्ट्स्टार के 'इंडिया 500 टेस्ट' के बुक लांच पर BCCI के अध्यक्ष ने संशोधनों के प्रति विरोध को सही बताकर आने वाले वक़्त में बोर्ड के रवैये की तरफ इशारा किया है। "अगर आप IPL के पूरे कार्यक्रम को देखे तो IPL इस तरीके से आयोजित नहीं हो पायेगा। क्या आप 100 करोड़ का नुक्सान झेलने के लिए तैयार हैं?," BCCI अध्यक्ष ठाकुर ने समिति द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बीच 15 दिन के अंतराल के सुझाव के बारे में कहा।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सुझावों से बोर्ड के करोड़ों के नुक्सान को झेलने की बात रखते हुए, उन्होंने कहा, "वह राशि क्रिकेटरों को दी जाती है। रु. 110 करोड़ से अधिक, इससे पहले क्रिकेटरों को दिया जा चुका है। अगर आप अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण IPL को समाप्त कर देंगे तो भारतीय क्रिकेट नुक्सान में रहेगा। हमें सारी चीज़ें देखनी होंगी। अगर IPL और टेस्ट कार्यक्रम को बरक़रार रखना है, तो आज की तरीख में 15 दिनों का अंतराल संभव नहीं है।"

डिसिशन रिव्यु सिस्टम (DRS) पर BCCI के लम्बे वक़्त से चल रहे विरोध को कायम रखते हुए, ठाकुर ने कहा है कि वह इस प्रणाली की एक बार और समीक्षा करने के बाद ही इसपर अमल करेंगे। "हम DRS के प्रदर्शन की एक और बार समीक्षा करना चाहते हैं। अगर यह संतोषजनक है तो ही BCCI इस पर अमल करेगा। हम इस सत्र में देश में 13 टेस्ट की मेजबानी कर रहे हैं, तो फिर क्यों नहीं? यह निर्णय हम DRS के नवीनतम प्रयोगों के नतीजों और उस पर प्रतिक्रियाओं पर छोड़ते हैं," ठाकुर ने मीडिया से कहा।

"21वि सदी के डिजिटल युग में, ऐसा कुछ भी नहीं है जो हमें तकनीकों के उपयोग से रोक सकता है। हम इस बात पर भरोसा करते हैं। हम सर्वश्रेष्ठ न सही, लेकिन उसके करीब पहुंचना चाहते हैं," भारत और न्यू जीलैंड के बीच हो रहे दूसरे टेस्ट के बारे में एक अनौपचारिक वार्तालाप में उन्होंने कहा।

इस बीच उन्होंने BCCI द्वारा DRS पर अमल करने से पहले, उसे 100% भरोसेमंद बनाने की मांग का ज़िक्र भी किया।

"अगर अंपायरों के निर्णय 95-97 प्रतिशत सही होते हैं और DRS के साथ भी ऐसा ही है, तो फिर परिवर्तन कहाँ है? तो बात बस इतनी है कि अगर वह 100% भरोसेमंद नहीं है तो हम फील्ड अंपायर के विकल्प को ही अपनाना चाहेंगे।"

" BCCI DRS के लिए तैयार है। लेकिन क्या वह तकनीक 100% भरोसेमंद है? उसमें कई खामियां थी। हमने ICC के क्रिकेट समिति से DRS की समीक्षा करने को कहा है और MIT (मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) हमें इसकी रिपोर्ट देने वाली है," ठाकुर ने कहा।

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