विराट कोहली: मैंने निर्णय लेने की कला धोनी से सीखी है

no photo
 |

© Getty

विराट कोहली: मैंने निर्णय लेने की कला धोनी से सीखी है

भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने कहा कि निर्भयता से निर्णय लेना कप्तान की अहम विशेषता है और अपने अन्दर इस कला का श्रेय उन्होंने एमएस धोनी को दिया है। कोहली ने यह भी कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी करना उनके लिए सम्मान है और उम्मीद की है कि भारत हाल ही में हासिल किये न. 1 के स्थान पर बरक़रार रहेगा।

मर्यादित ओवर के क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी के हुनर और कप्तानी की कुशलता से दुनिया को चकित करने के बाद, विराट अब खुद में एक परिपक्व खिलाड़ी बन चुके हैं। 2014 के आखिरी भाग में, टेस्ट प्रारूप में भारतीय टीम की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी के हाथों से लेने के बाद, उन्होंने कमाल की तन्यकता दिखाते हुए भारत को 16 मैचों में 9 जीत दिलाई है। भारत, इस काल में सिर्फ दो ही खेलों में हारा है, एक एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, जिसमें वह एक असंभव जीत का पीछा कर रहा था और दूसरा श्री लंका के खिलाफ गेल में।     

उन्होंने माना है कि निर्भय निर्णय लेने की यह कला उन्होंने एमएस धोनी से सीखी है।

bcci.tv को दिए गए एक इंटरव्यू में, भारतीय टेस्ट कप्तान ने कहा, "निर्णय लेना कभी कभी बहुत मुश्किल होता है और इसे करने के लिए हिम्मत की ज़रुरत होती है। जब मैं धोनी को ऐसे निर्णय लेते हुए देखता था तब मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है। हो सकता है, वे कभी कभी सही और कभी गलत भी हो, लेकिन आपको एक निर्णय लेने के लिए पहले खुद को यकीन दिलाना होता है और फिर आप उसके साथ आगे बढ़ सकते हैं, एक अच्छे कप्तान की यह विशेषता होती है।"  

28 वर्षीय दिल्ली के बल्लेबाज़ ने कहा, "देश के टेस्ट टीम की कप्तानी करना एक सम्मानजनक बात है। ऐसा करने के कारण मुझे खुद पर गर्व होता है। पहले तो एक टेस्ट क्रिकेटर बनना और उसके बाद एक टेस्ट टीम की कप्तानी करना, मेरे लिए यह एक बड़ा स्थान है।"

विराट की कप्तानी में भारत ने, 2008 में अंडर-19 विश्व कप में जीत हासिल किया था और जिस तरह से उन्होंने टीम की कप्तानी की थी, उसी वक़्त सभी के ज़हन में यह बात थी कि वह एक आधुनिक युग के सुपरस्टार और एक बेहतरीन कप्तान हैं।

उन्होंने कहा, "हम वर्ल्ड क्लास टीम बनना चाहते हैं और निस्संदेह यह बात सबके मन में होता है। आप जब कप्तान बनते हैं तो आप न. 1 बनने के बारे में नहीं सोचते लेकिन आप जिस भी प्रारूप में खेलते हो आप उसमें सर्वश्रेष्ठ होना चाहते हैं और पूरी लड़ाई इसी बात की है।

"टेस्ट में अपनी टीम को एक बेहतरीन प्रदर्शन करवाने की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेना एक गर्व की बात है और मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है। यह आपके लिए एक चुनौती है ताकि आप खुद को पहचान सके और सबको लेकर लक्ष्य की ओर बढ़ने में अपनी सक्षमता को समझ सके, जो मेरे ख्याल से मेरे लिए एक फायेदे की बात है और ना की दबाव की।"  

"ज़ाहिर है, ऊंच नीच तो होगी ही और आपको गर्म माहौल मिलेगा, आपकी आलोचना होगी और नकारात्मक चीज़ें भी सामने आएँगी। लेकिन इसी की वजह से आप खुद को बेहतर कर पाते हो," कोहली ने कहा।

Shoaib Malik or Johnson Charles? Who will score more runs?

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports, including Cricket. Play the CPL T20 challenge and win cash prizes daily!!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS