ब्रैंडन मैक्कलम ने कहा, कोहली और तेंदुलकर के बीच तुलना संभव नहीं

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ब्रैंडन मैक्कलम ने कहा, कोहली और तेंदुलकर के बीच तुलना संभव नहीं

न्यूजीलैंड की टीम के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कलम का मानना है कि दो अलग युग के खिलाड़ियों के बीच तुलना नहीं की जा सकती और इसीलिए बेहतर यही है कि आराम से बैठकर विराट कोहली के बहतरीन प्रदर्शन का आनंद उठाया जाए बजाय इसके कि उनकी तुलना उन्ही के देश के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर से की जाए।

हज़ 27 साल की उम्र में, 26 शतकों के साथ कोहली विश्व के सर्वाधिक ODI शतक बनाने वालों की उस सूची में चौथे स्थान पर पहुँच चुके हैं जिसमें तेंदुलकर (49), ऑस्ट्रेलियाई रिकी पोंटिंग (30) और श्री लंकाई सनाथ जयसूर्या (28) शामिल हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान ने 48 टेस्ट में 45 के बेहतरीन औसत के साथ 13 शतक और 12 अर्धशतक भी लगाये हैं जिस वजह से उन्हें आधुनिक क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक माना जा रहा है।   

इसके साथ ही, अक्सर, उनकी उपलब्धियों की तुलना रिकॉर्ड तोड़ने वाले तेंदुलकर के साथ किया जाता है जिनकी 24 साल लम्बे चले अपने अंतर्राष्ट्रीय कार्यकाल उस वक़्त समाप्ति की ओर बढ़ रही थी जब कोहली ने अपने वैश्विक तौर पर अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी।

"हाँ, यकीनन वह मौजूदा सर्वोच्च तीन (बल्लेबाजों) में शामिल हैं। मेरे ख्याल से वह पिछले कई सालों से इसी स्थान पर हैं। जैसा प्रदर्शन वह टेस्ट और वन-डे में करते हैं, उस वजह से इस साल उनका IPL भी शानदार रहेगा," PTI की रिपोर्ट के अनुसार मैक्कलम ने कहा।

"एक अस्थिर खेल में उनका स्थिर रहना उनके खेल के उच्य स्तर का वर्णन करता है। वह महज़ 27 साल के हैं। मेरे ख्याल से हमें सिर्फ इसी बात से ख़ुशी होनी चाहिए कि अगले पांच सालों के लिए हमें एक जीनियस मिल चुका है।

"मेरे ख्याल से हमें बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ी के खेल का आनंद लेना चाहिए जो पूरे विश्व में सभी का मनोरंजन कर रहा है। मेरे ख्याल से इस खेल में तुलना करना मुश्किल है, परिस्थितियां अलग हैं, युग अलग हैं, माहौल अलग हैं लेकिन हमें इस बात को समझने से नहीं चूकना चाहिए कि हमारे पास एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं जो विश्व भर में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।"

मैक्कलम ने एमएस धोनी द्वारा आर्डर में ऊपर आकर बल्लेबाजी के फैसले पर अफ़सोस जताया और कहा कि उनके पूर्व CSK टीममेट चौथे स्थान पर आकर अधिक प्रभाव डाल पाते हैं।

"मैं बिलकुल हैरान नहीं हूँ। वह एक उम्दा कप्तान हैं। मेरे ख्याल से चूंकि अब वह टेस्ट नहीं खेलते और उनका सारा ध्यान मर्यादित ओवर के खेल पर है तो वह खेल पर अधिक प्रभाव डाल सकते हैं। शायद इसीलिए वह खुद को बल्लेबाजी के आर्डर में ऊपर ले गए। और उन्होंने प्रदर्शन भी किया है। विश्व स्तर के खिलाड़ी ऐसा ही करते हैं," कीवी खिलाड़ी ने कहा।

आक्रामक दायें हाथ के खिलाड़ी ने क्रिकेट जगत को तब हैरान कर दिया जब उन्होंने इस साल विश्व टी20 से पहले अतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अपनी निवृत्ति का ऐलान किया। लेकिन 35 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह अब भी प्रतियोगितात्मक क्रिकेट खेल सकते हैं।

"यह निर्धारित रूप से एक चुनौती है (अंतर्राष्ट्रीय निवृत्ति के बाद स्वस्थ रहना) लेकिन आप इस पर काबू पा सकते हैं अगर आप शारीरिक रूप से फिट रहे, मज़बूत रहे और प्रोत्साहित रहे। मैं अब भी काफी प्रोत्साहित हूँ। मैं 35 साल का हूँ, और मेरे ख्याल से अब भी मैं तीन-चार साल प्रतियोगितात्मक क्रिकेट खेल सकता हूँ वह भी अच्छे प्रदर्शन के साथ," उन्होंने कहा।

न्यू जीलैंड के दौरे पर उन्होंने कहा,"भारत दौरा करने के रूप से काफी दुर्गम देश है वहां प्रदर्शन करना बेहद कठिन है, वहां की परिस्थितियां हमारे देश से काफी अलग हैं मेरे खुअल से खिलाड़ियों को इस दौरे से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा मुझे यकीन है कि आने वाले वक़्त में इस जटिल दौरे से मिली सीख खिलाड़ियों का खेल बेहतर बनाएगी

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