भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दौरान डीआरएस ट्रायल में नहीं होगी हॉटस्पॉट तकनीक

no photo
 |

© BCCI Media

भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दौरान डीआरएस ट्रायल में नहीं होगी हॉटस्पॉट तकनीक

भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज जोकि नौ नवंबर से शुरू होनेवाली है में डीआएस सिस्टम में हॉटस्पॉट तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा। इसका कारण यह है कि हॉटस्पॉट तकनीक में उपयोग किया जाने वाला हार्डवेयर पहले टेस्ट से पहले नहीं आ पायेगा। इसके भारत आने की संभावना कम-से-कम 15 नवंबर तक की है।

बीसीसीआई ने अब डीआरएस (Decision Review System) को अपने यहां भी लागू करने की सहमति दे दी है। और अब यह भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में ट्रायल के तौर पर उपयोग में लाया जायेगा। बीसीसीआई ने हॉकआई और आइसीसी के प्रतिनिधियों से बात करने के बाद यह फैसला लिया है। खबर के अनुसार बीसीसीआई अब तक डीआएस की खामियों के कारण उसका विरोध कर रहा था, वह अब पूरी तरह से ठीक हो चुका है।

क्रिकइंफो की खबर के अनुसार बीसीसीआई ने हॉटस्पॉट प्रोपराइटर को हॉटस्पॉट और स्नीकोमीटर के सामान लगाने पर सहमति दे दी है। हालांकि, वह डीआरएस को लागू करने के प्लान को लेकर अभी भी दुविधा में है, पर वह इसे ब्रॉडकास्ट टूल के रूप में उपयोग में लाना चाहता है। 

बहरहाल, हॉटस्पॉट प्रोपराइटर्स ने कहा है कि उन्होंने बोर्ड को इसकी जानकारी दे दी है कि वे हॉटस्पॉट को को टेस्ट सीरीज के समय पर नहीं दे पायेंगे। हॉस्टस्पॉट के हार्डवेयर को यहां आने में फरवरी तक का समय भी लग सकता है क्योंकि इस तकनीक में लगनेवाले कैमरे मिलिट्री ग्रेड के होते हैं और इसके निर्यात के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार से खास अनुमति की जरूरत होती है।

Ravi Rampaul or Shane Shillingford? Who will take more wickets?

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports, including Cricket. Play the CPL T20 challenge and win cash prizes daily!!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS