केएल राहुल - क्रिकेट सिर्फ दिमाग का खेल हैं

no photo
 |

केएल राहुल - क्रिकेट सिर्फ दिमाग का खेल हैं

केएल राहुल, जिन्होंने हाल के दिनों में बल्लेबाज़ी में खूब कमाल दिखाया है, मानते हैं कि उनका खेलने का पुराने जमाने का है और इसी ने उन्हें सफलता दिलवाई है। ऐसे किसी भी डर से भी इन्कार करते है राहुल जो टीम में रहते हुए उन्हें सताती है। जबकि ओपनिंग बल्लेबाज़ों के लाइन-अप में बदलाव होते रहे हैं।

रोहित शर्मा और विराट कोहली की तरह स्टाइलिश और शिष्ट ना सही, पर पुराने समय के बल्लेबाजी के तरीकों को अपना कर अपने खेल में राहुल ने बहुत लचीलापन दिखाया है, और भारत के लिये बेहतरीन ओपनिंग बल्लेबाज साबित हुए हैं। शतक पर शतक जड़ने वाले इस खिलाड़ी ने अपने छोटे से अंतर्राष्ट्रीय करियर में अब ये सोचा है कि आने वाले समय में होम ग्राउंड पर लंबे समय तक टीम के साथ टिक कर बने रहना है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से खास बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनका शांत दिमाग और साथी ओपनिंग बल्लेबाज़ के साथ तालमेल सफलता में उनकी मदद करते हैं।

जरूरी नहीं की आप सिर्फ शारीरिक क्षमता से ही बेहतर कर सकते हैं, आपके बेहतर प्रदर्शन के मन की भूख भी जरूरी है। साउथ अफ्रीका के श्रृंख्ला के बाद आईपीएल तक मैंने कोई भी मैच नहीं खेल था। इस 4-5 महीनों के दौरान मुझए अहसास हुआ कि मैने वाकई 1 साल में कई अच्छे प्रदर्शन किये हैं, शतक जड़े हैं। साथ ही यह भी समझा है कि अगर मुझे सभी 3 प्रारूप अगर खेलने हैं, तो मुझs और बेहतर खेलना होगा। मैं हर गेम को संजीदा तरीके से लूंगा और खेल का आनंद लूंगा।

उन्होंने यह भी कहा कि खेल के पुराने नियमों को अपना कर ही उन्हें सभी 3 प्रारूपों में सफलता मिली है। पिछले सप्ताह वेस्टइंडीज़ के साथ मुकाबले के दौरान जब भारतीय टीम 1 रन से हार गई थी, सुरेश रैना और रोहित शर्मा के बाद राहुल तीसरे ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने सभी 3 फार्मैट में शतक जड़ा है।

ये मेरी बल्लेबाजी का दृष्टीकोण और नज़रिया है। जमाइका टेस्ट से पूर्व बनाए गए उस शतक का विश्लेषण कर रहा था जो मैंने 13 महीने पहले श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। उसके बाद से मैंने एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला था। मैंने तय किया कि में ठीक वैसे ही खेलूंगा जैसा में पिछले 6 महिने से खेल रहा हूं, चाहे वो टी20 हो या वन-डे। मैं कभी भी नए तरीके से नहीं खेलना चाहता। मैने य्पने आप से कहा कि कुछ भी नहीं बदलता अगर आप टेस्ट खेल रहे हो तो। बुनियादी चीजें कभी नहीं बदलतीं।

हर तरह के हालात में खेलने के अनुभव ने राहुल के अंतर्राष्ट्रीय करियर के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढाया है।

इसके सकारात्मक पहलुओं के सवाल पर राहुल ने  कहा-  बहुत सी बातें हैं। शुक्रगुजार हूं कि विदेशों में भी खेल रहा हूं, वर्ना इसके पहले सिर्फ भारत में ही खेलता था। ऑस्ट्रेलिया में कई बल्लेबाजों का हालातों ने मशक्कत करने पर मजबूर किया, श्रीलंका भी खेल के लिहाज से कठिन जगह है। कठिन इसलिये है क्योंकि आपने पहले उन हालातों या स्तर पर खेला नहीं । आपको कभी कभी खुद पर शक होने लगता है कि हम उस जगह के लिये नहीं हैं। कई बार आप बहुंत से फेंकी गई गेंदों को नहीं समझ पाते हैं। पर ऐसे हालात औपको बहुत कुछ सीखाते हैं। उनसे निपटने के लिये, जितने रन हो सकें समेट लेता हूं। इससे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिलता है। तब से भी ज्यादा जब मैंने 6 टेस्ट मैच खेले और 5 शतक बनाएं। मुझे भारत से बाहर जाकर खेलने से और भी ज्यादा शक्ति मिली है, और खुशी है कि यह मेरे करियर की शुरूआत में मिला है।

दरअसल शिखर धवन का फॉर्म में ना रहना, और मुरली विजय के चोट ने राहुल टीम इंडिया में जगह दी थी। पूछने पर राहुल ने बताया कि कोई भी टीम में बुरा नहीं है, बस सभी में प्रतियोगिता का जुनून है।

राहुल कहते हैं- सच में कोई भी ऐसा नहीं है, न ओपनिंग करने वाले बल्लेबाज़ों से,न किसी भी और खिलाड़ी से कोई असुरक्षा की भावना नहीं है। हम सभी युवा हैं, एक दूसरे का साथ अच्छा लगता है और सभी सीखना चाहते हैं। हममें एसे बहुत हैं जिन्होंने 30 से भी कम टेस्ट खेले हैं, तो हम सभी पहचान बनाने में  लगे हैं। हमारी टीम की दोस्ती और साथ बहुत अच्छा है। सभी 15 खिलाड़ी एक तरह के हैं और कुछ पाना चाहते हैं। हम बहुत जल्दी नम्बर वन टीम होंगेष यह हमारे लिये चैलेंज है, और कोशिश होगी की उस मुकाम पर लबे समय तक बने रहें।

कर्नाटका के इस बल्लेबाज़ ने कोच कुंबले के बारे में भी बात की और बताया कि वो कैसे पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं।

पहले तो हमे पता ही नहीं चला कि अनिल भाई हमारे साथ हैं। उन्होंने चीजों को बहुत आसान रखा है।  वो बहुत सीधे और सुलझे हुए हैं। उन्होंने हमें हमारी जिम्मेदारियां बता दी और हमसे उम्मीदों के बारे में बात की । फिर सबकुछ हमारे लिये बहुत आसान हो गया। हम सभी वहां तैयारी के साथ गए, और खुले मन से खेल के दौरान प्रदर्शन किया। वो बहुत हाल तक खेलते रहे हैं तो उनको पता है कि खिलाड़ियों के साथ क्या चल रहा है। टीम के प्रदर्शन के लिये कोड रखा गया है, और यह सभी को पसंद है। अब ज्यादा तत्परता और सलीके से साथ टेस्ट श्रृंख्ला में जीत से हमारे हौंसले बुलंद हैं। आखिर में उन्होंने कहा

 

What will be Carlos Brathwaite's Strike Rate?

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports, including Cricket. Play the CPL challenge and win cash prizes daily!!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS