गुस्साई भीड़, कार का पीछा और पुलिस स्टेशन/  2007 के वर्ल्ड कप में शुरूआती हार के बाद धोनी का अनुभव

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गुस्साई भीड़, कार का पीछा और पुलिस स्टेशन/  2007 के वर्ल्ड कप में शुरूआती हार के बाद धोनी का अनुभव

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Anupama Roy

09/16/2016

धोनी ने गुरुवार को उन लम्हों को याद किया जब वह और वीरेंद्र सहवाग 2007 के ओडीआई वर्ल्ड कप के दौरान वेस्टइंडीज में वर्ल्ड कप से बाहर का रास्ता देखने के बाद फैंस और मीडिया की कड़े रूख का सामना कर रहे थे। हालांकि उसी वक्त को धोनी अपने बेहतर खिलाड़ी और क्रिकेटर बनने के लिये भी श्रेय देते हैं।

उस वक्त राहुल द्रविड़ की अगुवाई में 2007 का ओडीआई वर्ल्ड कप श्रीलंका और बांग्लादेश से हारने के बाद भारीय टीम आगे नहीं खोल पाई थी। इसके बाद टीम को अपने फैंस का गुस्सा, खेल समीक्षकों की तीखी प्रतिक्रिया, और मीडिया के सवालों का सामना करना पड़ा था। लेकिन 7 महीने के बाद यही आलोचनाएं, तारीफ में बदल गई, जब टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप जीत गई थी । धोनी भी भारतीय टीम का हिस्सा थे और जीत का श्रय बहुत हद तक उन्हें दिया जाता है। 2007 की हार के बाद का अनुभव साझा करते हुए धोनी काफी संजीदा हो जाते हैं।

 “जब हम दिल्ली पहुंचे तो बहुत सारी मीडिया हमारे आस-पास थी।कभी-कभी लोगों को लगता है कि हम अपने खेल को लेकर इमोश्नल नहीं हैं,लेकिन मैंने हमेशा खिलाडी होने के नाते उसका अनुभव किया है ।हमें बहुत मजबूत होना पड़ता है ऐसे हालातों से निकलने के लिए और यह हमारे अंदर से होता है। ऐसा नहीं है कि यह सब हम सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हैं, या मैदान पर दिखाते हैं ।

 “तो उस वक्त हमें वहां (दिल्ली )पहुंचने के बाद पुलिस वैन में निकलना पड़ा। मैं वीरू (विरेंद्र सहवाग) पाजी के बगल में बैठा था। रात या शाम का वक्त था और हम लगभग 60-70 किलोमीटर की स्पीड पर आगे जा रहे थे। बहुत पतली सड़क थी उस वक्त मीडिया की कई गाड़ियां हमारे आस-पास थीं। उनके कैमरे हम पर लगे थे, बड़ी लाइट्स हम पर थी और ऐसा लग रहा था मानो हमने कोई गुनाह किया हो,या आतंकवादी हों या कुछ और।  दरअसल हमारा पीछा किया जा रहा था।

 धोनी जिन्हें वर्ल्ड कप टाइटल दिलाने में अहम किरदार निभाने वाला खिलाड़ी माना जाता है, कहते हैं कि 4 साल पहले के हालातों ने उन्हें सफल मुकाम पर पहुंचाया है।

 “जाने के बाद हम थोड़ी देर बैठे(पुलिस स्टेशन में)फिर अपनी अपनी गाड़ियों में 15 मिनट के बाद निकले। दरअसल वह पल ही है जिसने मुझे एख बेहतर खिलाड़ी और इंसान बनने में मदद की।

 दरअसल धोनी  अपने ऊपर बनी फिल्म के प्रमोशन के लिए न्यूयॉर्क में थे। उन्होंने कहा कि यह मूवी उन्हें अक आम खिलाड़ी की तरह ही दिखाएगी, किसी बड़े पहचान वाले व्यक्ति की तरह नहीं।

यह एक बहुत सिंपल सी कहानी है और यही इसकी खूबसूरती है।

मूवी के बारे में बात करते हुए धोनी ने कहा,”मैंने एक बार नीरज(डायरेक्टरको कहा था की यह कहानी मुझे बड़ा दिखाने के तौर पर ना बनाई जाए। यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो प्रोफेशनल खिलाड़ी है और बस इसी के बारे में बात होनी चाहिए।

धोनी से पूछा गया कि आखिर ऐसी कौन सी वजह थी जिसने उन्हें क्रिकेटर बनाया या इंसान बनाया, तो उन्होंने कहा, “आप जिंदगी में सारी चीजों को आसान कैसे बना सकते हैं?  आप हमेशा सुनेंगे बॉल को देखो और बॉल को मारो और बस इतना ही आसान है सब कुछ।

 धोनी ‘द अनटोल्ड स्टोरी’ 30 सितंबर 2016 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

 

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