एन. श्रीनिवासन की धमाकेदार वापसी: बन सकते हैं आईसीसी में बीसीसीआई के प्रतिनिधि

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एन. श्रीनिवासन की धमाकेदार वापसी: बन सकते हैं आईसीसी में बीसीसीआई के प्रतिनिधि

दो साल पहले बीसीसीआई से बाहर होने के बाद, एन. श्रीनिवासन आईसीसी में भारतीय बोर्ड के प्रतिनिधि पद पर नामांकित होकर, भारतीय क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। इसे आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर द्वारा विश्व क्रिकेट में भारतीय बोर्ड की अहमियत को घटाने के प्रयास के प्रति बीसीसीआई की प्रतिक्रिया माना जा रहा है।

भारतीय क्रिकेट में हमेशा से ही सांप सीढ़ी का खेल चलता रहा है। राजनीती और शक्ति प्रदर्शन के बदौलत, कुछ ही महीनों में जहाँ ताक़तवर अधिकारी महज़ कटपुतली बनते रहे हैं वहीं कुछ समझौता करने वाले अपनी सत्ता भी खड़ी कर चुके हैं। दो साल पुरानी बात है, जब एन. श्रीनिवासन को एक ही समय पर आईसीसी (अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) और बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रक बोर्ड) का अध्यक्ष बनते देख, उनकी शक्ति पर लगाम लगाने के लिए, बोर्ड से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था - हालांकि उस वक़्त स्पॉट फिक्सिंग मामले में उनके दामाद का नाम उछलने के कारण उनके विरोधियों के लिए ये काम आसान हो गया था।     

उस वक़्त, अन्य कारणों को सामने रखकर श्रीनिवासन को दोनों पदों से हटाया गया। हालांकि, जिन दो सत्ताधारियों- शशांक मनोहर और अनुराग ठाकुर ने उन्हें विस्थापित किया, वे अब खुद ही एक दुसरे के खिलाफ खड़े दिख रहे हैं।

आईसीसी प्रमुख का पद सँभालने के लिए बीसीसीआई की अध्यक्षता से इस्तीफा देने वाले मनोहर की जगह लेने वाले अनुराग ठाकुर के लिए, उनके पूर्व संचालक के साथ काम करने का अनुभव सुखद नहीं रहा है। वैश्विक स्तर पर, खेल को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए मनोहर एक निष्पक्ष नियंत्रक रहे हैं लेकिन इस कारण उनकी छवि विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड के सामने मैली हो गयी। कहा जा रहा है कि, अब इन टकराव के कारण एन. श्रीनिवासन की दूसरी पारी की शुरुआत हो सकती है।    

पीटीआई के अनुसार, बीसीसीआई एन श्रीनिवासन को अंतर्राष्ट्रीय निकाय के सशक्त निदेशक बोर्ड में शशांक मनोहर की जगह प्रस्तावित करने वाला है। बुधवार को हुए निकाय के वार्षिक बैठक (एजीएम) में, बोर्ड के नाखुश सदस्यों द्वारा, आईसीसी में मनोहर की पकड़ को कमज़ोर करने के लिए श्रीनिवासन को भेजे जाने का प्रस्ताव रखा गया है। पीटीआई के अनुसार, यह कदम 4 सितम्बर को चेन्नई में बीसीसीआई के सचिव और एक वक़्त पर श्रीनिवासन के दुश्मन रहे अजय शिर्के और उनके बीच हुई मुलाक़ात के बाद उठाया गया है।      

भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के आमदनी के अधिक से अधिक हिस्से पर अपना अधिकार जमाने और एक विस्तृत परामर्श के बजाय अहम निर्णयों को लेने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए आईसीसी द्वारा छेड़े गए मुहीम का मोर्चा मनोहर ही संभाल रहे हैं। बीसीसीआई के अलावा, अधिकतम पक्षों द्वारा प्रोत्साहित 'टू-टियर टेस्ट' प्रणाली को लागू करवाने वाले मनोहर ने कथित तौर पर बीसीसीआई को धोखा देने वाला कार्य किया है।  

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