मिस्बाह-उल-हक़ ने जताया अफ़सोस; नहीं कर पाए भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी

no photo
 |

Getty images

मिस्बाह-उल-हक़ ने जताया अफ़सोस; नहीं कर पाए भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की कप्तानी

वेस्ट इंडीज के खिलाफ होने वाली टेस्ट शृंखला के बाद मिस्बाह-उल-हक़ ने टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने का ऐलान किया और साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल में, भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में, पकिस्तान की कप्तानी न कर पाने का अफ़सोस जताया है। पाकिस्तान सुपर लीग से जुड़े घोटालों पर भी उन्होंने हैरानी जताई है।

"अब क्या कह सकते हैं? यह हमारे हाथ में नहीं है लेकिन मुझे अफ़सोस तो इस बात का हमेशा ही रहेगा कि मैं भारत के खिलाफ टीम की कप्तानी नहीं कर पाया। खासकर उस वक़्त जब हमारी टीम काफी अच्छे फॉर्म में है," जी न्यूज़ के अनुसार पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान मिस्बाह ने कहा।

"पिछले सात-आठ सालों में ऐसा हुआ नहीं। हालांकि, मैंने भारत में खेला है और मैं जानता हूँ कि वहां के लोग भी भारत पाकिस्तान मुकाबले देखना चाहते हैं।"

मिस्बाह ने इससे पहले खेल के लघु प्रारूपों से सन्यास लिया था।

"मैंने अपने कार्यकाल में काफी कुछ हासिल किया है और 2012 में मैंने टी20 और 2015 के विश्व कप के बाद ODI से सन्यास लेने का ऐलान किया था। और मेरे ख्याल से अभी सही समय है मेरे टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का," 42 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा।

मिस्बाह ने कहा कि 2011 और 2015 के विश्व कप में न जीत पाने से उनकी आकांक्षाएं अधूरी रह गयी हैं। 2011 में पाकिस्तान को सेमी फाइनल में भारत से हार मिली थी वहीं 2015 के विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हारे थे।

"यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है और इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कोई लेना देना नहीं है। मैं कुछ वक़्त से इस पर विचार कर ही रहा था," सन्यास लेने के निर्णय पर उन्होंने कहा।

"हम टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचे, वे (भारत) भी पहुंचे और वो भी एक दूसरे के साथ खेले बिना। मुझे उम्मीद है कि जैसे ही हालात सुधरेंगे, दोनों देशों के बीच मुकाबला जल्द ही शुरू हो जायेगा।"

मिस्बाह ने कहा कि 2015 के अंत में वह सन्यास लेने की सोच रहे थे लेकिन इंग्लैंड, न्यू जीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे की वजह से वह खेल में बने रहे। "ये चुनौतीपूर्ण दौरे थे और मुझे पता था कि अगर मैं उन दौरों से पहले सन्यास ले लेता तो आलोचक यही कहते कि मुश्किल भरे दौरों से पहले मैं भाग खड़ा हुआ और इसके अलावा मैं खुद भी टीम का साथ देना चाहता था, एक ऐसी टीम का साथ जिसने मुझे बेहतर कप्तान बनाया है और कामयाबी हासिल कराई है। मैंने 2002 में टेस्ट और ODI में शिरकत की थी लेकिन 2003 के बाद मुझे राष्ट्रीय टीम में शामिल होने के लिए चार साल का इंतज़ार करना पड़ा। वह एक लम्बा इंतज़ार था लेकिन इसके बाद मैंने जो कुछ भी हासिल किया वह मेरे लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है।"  

मैंने 2002 में टेस्ट और ODI में शिरकत की थी लेकिन 2003 के बाद मुझे राष्ट्रीय टीम में शामिल होने के लिए चार साल का इंतज़ार करना पड़ा। वह एक लम्बा इंतज़ार था लेकिन इसके बाद मैंने जो कुछ भी हासिल किया वह मेरे लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है।"  

मिस्बाह ने 72 टेस्ट, 162 ODI और 39 टी20 खेले हैं। "लेकिन मैं घरेलू क्रिकेट और टी20 लीग खेलता रहूँगा," उन्होंने कहा। हैरानी की बात यह है कि मिस्बाह ने कभी ODI में शतक नहीं लगाया। वह पिछले दिनों पाकिस्तान क्रिकेट में सामने आये घोटालों के मामले से काफी दुखी हैं।

मिस्बाह ने कहा कि PSL घोटाला मामले में दोषी खिलाड़ियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। "2010 के घोटाले के बाद काफी मेहनत करके हमने अपनी छवि सुधारी थी, और अब ऐसे घोटाले का मामला सामने आना निराशाजनक है। मुझे उम्मीद है कि खिलाड़ियों को अब सबक मिलेगा। और मैं यह कहना चाहूँगा कि जो भी इस घोटाले के दोषी हैं उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए," उन्होंने कहा।

PCB के अध्यक्ष शहरयार खान ने पाकिस्तान क्रिकेट के प्रति मिस्बाह के योगदान की सराहना की और कहा कि सन्यास ले रहे इस कप्तान को एक शानदार  विदाई दी जाएगी। "मिस्बाह हमारे बेहतरीन प्रतिनिधि रहे हैं। बाकी के क्रिकेट बोर्ड ने हमें उनके बारे में तारीफों भरी चिट्ठियां भेजी हैं," शहरयार ने कहा।

Ravi Rampaul or Shane Shillingford? Who will take more wickets?

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports, including Cricket. Play the CPL T20 challenge and win cash prizes daily!!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS