आर अश्विन: बेबाक राय रखने की वजह से लोग मुझे पसंद नहीं करते हैं

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आर अश्विन: बेबाक राय रखने की वजह से लोग मुझे पसंद नहीं करते हैं

रविचंद्रन अश्विन ने दावा किया है कि अपने मन की बात को सामने रख देने की आदत की वजह से लोग उन्हें पसंद नहीं करते हैं। तमिलनाडु के इस गेंदबाज ने घरेलू सत्र में कमाल का प्रदर्शन करते हुए 13 टेस्ट मैच में 82 विकेट हासिल किए। इस खिलाड़ी ने हर विवादित मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

टीओआई के आॅफिस में रविचंद्रन अश्विन गेस्ट एडिटर के तौर पर पहुंचे और वहां उन्होंने ऐसे कई मुद्दों पर राय रखी जो उनके मुताबिक महत्वपूर्ण है। उनका गृह-राज्य तमिलनाडु हाल के दिनों में जलीकट्टू की वजह से सुर्खियों में रहा और इस स्पिनर ने कहा कि अपनी राय रखने की वजह से उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा।

अश्विन ने टीओआई से कहा, ‘‘मैंने स्टैंड लिया और कई लोग मुझे इसलिए पसंद नहीं कर रहे हैं क्योंकि मैंने स्टैंड लिया है। ज्यादातर मौकों पर लोग मेरे सही विचार का राजीनितिकरण कर देते हैं। कम से कम हजारों लोगों ने मुझे इस पर टिप्पणी ना करने की हिदायत दी। सब चाहते हैं कि दूसरे इसमें फंसे रहे, ऐसी ही लोगों की जिंदगी चलती है। मैं दूसरों को ऐसा करने के लिए नहीं उकसा सकता हूं लेकिन कम से कम मुझे जो सही लगता है वो तो मैं कर सकता हूं।’’

‘‘जिस पल मैंने कुछ राजनीति से संबंधित कहा तो मेरे घर पर पथराव हो जाएगा, मेरा परिवार और मैं जीना चाहते है। हम हमेशा भीड़ से घबराते हैं। मैं चेन्नई के दिल में शांतिपूर्ण ढंग से रहता आया हूं और मैं आगे भी ऐसे ही रहना चाहता हूं। मैं अपने इस देश को छोड़ना नहीं चाहता हूं जिससे मैं प्यार करता हूं और जिसने मुझे बहुत कुछ दिया है।’’

30 वर्षीय इस खिलाड़ी के कोमल पक्ष का भी पता चला जब उन्होंने कहा कि वो चेन्नई में घर के बाहर आने वाले बच्चों के साथ कई बार खेलते हैं। उन्होंने इससे जुड़ी एक कहानी भी साझा करते हुए कहा, ‘‘मोटा चश्मा लगाए हुए एक बच्चा था जो चेन्नई की गर्मी में दिन के 2 बजे मेरे घर के बाहर आता था। जब वो कैच पकड़ता तो गेंद उसके हाथ से छिटक कर उसकी छाती पर लगती थी। एक दिन सीम की वजह से उसका हाथ कट गया, उसने गेंद को संभालने का प्रयास किया लेकिन उसे संघर्ष करना पड़ा। मैं उसे डाॅक्टर के पास ले गया और उन्होंने बताया इसे डिस्लेक्सिया की परेशानी है। तब से डिस्लेक्सिया से ग्रसित आने वाले बच्चे को मेरी क्रिकेट अकादमी में फ्री कोचिंग दी जा रही है।’’

तेजी से 250 विकेट का आंकड़ा छूने वाले अश्विन टीओआई के दफतर में लगी महात्मा गांधी की तस्वीरों को देख रहे थे। ‘‘पुराने पन्नों को देखकर मुझे अपने बचपन की याद आ गई, जब मैं रोजाना अखबार पढ़ा करता था। आज भी, जब मैं घर पर होता हूं तो मुझे एक अच्छी काॅफी के साथ अखबार के पन्ने पलटना ज्यादा पसंद है।’’

टीम इंडिया में दाढ़ी बढ़ाने के ट्रेंड को देखकर अश्विन ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपने बारे में बता सकता हूं। मैं पहले ही सांवला हूं और मैं इससे ज्यादा सांवला होना नहीं चाहता।’’

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