एंड्रू टाई: नकल गेंद टी20 क्रिकेट में मेरा सबसे प्रभावशाली अस्त्र

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एंड्रू टाई: नकल गेंद टी20 क्रिकेट में मेरा सबसे प्रभावशाली अस्त्र

गुजरात लायंस के तेज़ गेंदबाज़ एंड्रू टाई ने कहा है कि उन्हें नकल गेंदबाजी में महारथ हासिल करने में 5-6 साल लगे जो आखिरकार खेल के सबसे छोटे प्रारूप में उनके लिए सबसे प्रभावशाली अस्त्र बना है। उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि यह किसी खिलाड़ी के लिए अपने खेल को मज़बूत बनाने के लिए बेहतरीन जगह है।

अपने IPL डेब्यू में एंड्रू टाई ने नक़ल गेंद का बेहतरीन इस्तेमाल किया। यह एक ख़ास प्रकार की गेंदबाजी है जिसमें गेंदबाज़ अपनी तर्जनी और बीच की ऊँगली और अंगूठे की मदद से गेंद डालता है। और चूकी इसमें गेंद पर पकड़ मज़बूत बनानी पड़ती है, तो डिलीवरी काफी धीमी होती है जिससे बल्लेबाज़ को दिक्कत होती है। नकल गेंद की मदद से टाई ने 5 विकेट चटकाए हैं जिनमें एक हैट-ट्रिक भी शामिल है।

अपनी इस खूबी के बारे में बात करते हुए टाई ने iplt20।com से कहा, “नकल गेंद को इतने अच्छे से डालने के लिए मुझे 5-6 साल की मेहनत लगी है। मैंने इसपर काफी अभ्यास लिया है। अब यह टी20 में मेरा सबसे प्रभावशाली अस्त्र है।

गेंदबाज़ ने न सिर्फ एक हैट-ट्रिक अपने नाम किया है बल्कि अपने पहले IPL में उन्होंने 5 विकेट भी लिए हैं। टाई ने ब्रिसबेन हीट के खिलाफ, बिग बैश लीग में पर्थ स्कोर्चर्स के लिए भी हैट-ट्रिक हासिल किया था। लेकिन उन्होंने यह भी खुलासा किया कि हैट-ट्रिक गेंद डालने से पहले ही उन्होंने धीमी गेंद डालने का निर्णय लिया था। जबकि बिग बैश लीग में इसके लेकर वह असमंजस में थे।

 “बिग बैश लीग से अलग, इस बार मैं जानता था कि यह हैट-ट्रिक गेंद है। वह बिलकुल सटीक रहा, कभी कभी आप चाहकर भी वैसी गेंदबाजी नहीं कर पाते। आप हमेशा रन-अप के लिए तैयार होते हुए सोचते हैं कि आपको कैसी गेंद डालनी है। दौड़ने से पहले मैंने सोच लिया था कि मैं धीमी गेंद डालूँगा। मैं उसे स्टंप तक पहुँचाने में कामयाब रहा और बल्लेबाज़ से वह छूट गयी।”

2015 के IPL में चेन्नई सुपर किंग्स में रहने वाले टाई ने अगले साल से गुजरात लायंस में शिरकत की और एक लम्बे समय तक वह अतिरिक्त बल में रहे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना खेल बेहतर किया।  

“अगर आप न भी खेल रहे हो, तो भी भारत में आप बेहतर बन सकते हैं और विश्व के बेहतरीन खिलाड़ियों से प्रेरणा ले सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए मेरा खेल बेहतर हुआ है। इससे आपका विकास ही होता है।

“सुबह हमारे कोच होजी (ब्रैड होज) ने मुझसे कहा, ‘खेलने के लिए तैयार हो जाओ। तुम खेल रहे हो’ पहले ही ओवर में विकेट मिलने से मैं स्थिर हो गया। मैं यहाँ किसी दबाव में नहीं था। आप जब काफी लम्बा इंतज़ार करते हैं, तो आप प्रदर्शन करने के लिए बेक़रार होते हैं। मैं आज के प्रदर्शन से खुश था।”

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