अनिल कुंबले: हम आॅस्ट्रेलिया के साथ दूसरी टीमों जैसा ही बर्ताव करेंगे

no photo
 |

BCCI

अनिल कुंबले: हम आॅस्ट्रेलिया के साथ दूसरी टीमों जैसा ही बर्ताव करेंगे

भारतीय क्रिकेट टीम के अजेय घरेलू सत्र की बात को शांत करते हुए अनिल कुंबले ने कहा कि वो स्टीव स्मिथ और उनकी टीम को हल्के में नहीं ले सकते हैं। आॅस्ट्रेलियाई चुनौती को बेअसर करने के लिए स्पिनर्स को मदद करने वाले ट्रैक बनाने के सवाल को भी उन्होंने नकार दिया।

भारतीय क्रिकेट टीम इस समय अपने विजयी रथ पर सवार है जिन्होंने वेस्टइंडीज को उनके घर पर और न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और बांग्लादेश को घरेलू मैदान पर हराकर लगातार चार सीरीज में जीत दर्ज की। मीडिया और पूर्व क्रिकेटरों के मुताबिक विराट कोहली की अगुवाई वाली इस टीम को घरेलू मैदान पर हरा पाना नामुमकिन है। इस सवाल पर कुंबले ने काफी शालीन जवाब दिया।

अनिल कुंबले ने कहा, ‘‘हम सभी विपक्षी टीमों का सम्मान करते हैं। हमने इस बारे में तब भी बात की थी जब न्यूजीलैंड के साथ इस सीजन की शुरूआत हुई थी। इंग्लैंड मजबूत टीम थी। हम सभी आॅस्ट्रेलियाई टीम के बारे में जानते हैं। वो काफी पेशेवर हैं लेकिन हम उनके साथ बाकि दूसरी टीमों की तरह ही बर्ताव करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वो एक अच्छी टीम है जिनके पास कुछ अच्छे बल्लेबाज और गेंदबाज हैं। वो आक्रामक रवैया अपनाने वालों में से हैं। हम इस बारे में जानते हैं और हम इसका सामना करने के लिए अपनी सभी रणनीति को अपनाएंगे।’’

पिच के सवाल पर कुंबले ने कहा, ‘‘हम सीरीज या मैच के पहले पूछे जाने वाले इस तरह के सवालों को काउंटर करते आ रहे हैं जिसमें पूछा जाता है कि पिच कैसी है और आप टाॅस के बारे में क्या सोचते हैं। आप पीछे मुड़ कर देखें तो हाल में घरेलू मैदान पर जो नौ मुकाबले खेले हैं उन सभी में अपनी-अपनी तरह की चुनौतियां थी। हमने उन स्थानों पर मुकाबले खेले जहां पहले कभी टेस्ट मुकाबले नहीं हुए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उस नजरिए से देखें तो ये टीम किसी भी तरह की चुनौती में खुद को ढालने में सक्षम है। जिस तरीके से चीजें आगे बढ़ रही हैं उससे मैं संतुष्ट हूं। चेन्नई में हुए टेस्ट मुकाबले के आखिरी दिन मुझे नहीं लगता कि लोगों ने सोचा था कि भारत जीत जाएगा क्योंकि इंग्लैंड ने पहली पारी में ही 500 रन बना लिए थे। मुंबई में भी ऐसा ही हुआ था, जहां हम टाॅस हार गए थे और उन्होंने 400 रन स्कोर कर दिए थे लेकिन हमने एक पारी से जीत दर्ज की थी।’’

1990 के दशक में भारत ने घरेलू मैदान में अपना दबदबा बनाया था जिसमें कुंबले की अहम भूमिका थी। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी का भार भी संभाला। उसके बाद अब वो भारतीय टीम के कोच की भूमिका निभाते हुए इन युवाओं को क्रिकेट की नई उचाइंयों तक ले जा रहे हैं। 

जब उनसे उनके बेहतरीन दौर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘आप वर्तमान से मेरे खेलने वाले दिनों की तुलना नहीं कर सकते हैं। चीजें बदल गई हैं। मै काफी खुश हूं कि मुझे पिछले 10 महीनों में इस युवा टीम के साथ काम करने का मौका मिला। उन्हें बढ़ते देखना, समझना और सलाह देना अच्छा लगता है।’’

कोहली ने दो साल पहले जबसे टीम की कप्तानी संभाली है तब से उन्होंने लगातार दो मुकाबलों में समान 11 खिलाड़ियों की कप्तानी नहीं की है, इसके बारे में भी कुंबले ने बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘दिन के आखिर में आप एक ऐसी टीम चाहते हैं जो आत्मनिर्भर हो। आप ऐसे लोग नहीं चाहते हैं जो हमेशा सलाह का इंतजार करते हो। मैं ऐसा ही माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहा हूं जहां सभी एक-दूसरे को देखकर सीखें, मैदान में और मैदान के बाहर वो खुद हल निकालें। कोच होने के नाते इससे मुझे प्रोत्साहन मिलेगा और पिछले 10 महीनों में इन खिलाड़ियों के समूह के साथ मैं वही देख रहा हूं।’’

‘‘मुझे नहीं लगता है कि लगातार ऐसे दो मुकाबले हुए हैं जिनमें वही 11 खिलाड़ी खेले हों। और यही इस टीम की खूबसूरती है। ये मायने नहीं रखता है कि कौन खेल रहा है। दिन के आखिर मैं जो भी इसका हिस्सा है उसने योगदान किया है। और जो इसमें शामिल नहीं हैं वो दल का हिस्सा हुआ और उन्होंने भी योगदान किया है। इस वजह से हमारे पास एक बड़ा दल है, उन्हें हम कहते हैं कि ‘देखो, ये सब मायने नहीं रखता है। आप टीम का ही हिस्सा है क्योंकि 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं।’ लेकिन बाकि चार या पांच भी पूरी योजना का हिस्सा होते हैं।’’

Now play Cricket, Football, Tennis, Badminton and Kabaddi - all in one go.

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports. Play Daily Sports challenge and win cash prizes daily!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS