विराट कोहली: अभी से मेरी कप्तानी का आंकलन करना जल्दबाजी होगा

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विराट कोहली: अभी से मेरी कप्तानी का आंकलन करना जल्दबाजी होगा

आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से एक दिन पहले विराट कोहली ने कहा कि उन्हें कप्तान के तौर पर जज करना काफी जल्दबाजी होगी और 5-8 सालों के बाद उनकी कप्तानी का आंकलन किया जाए। कोहली ने आॅस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ की प्रशंसा भी की।

कप्तान के तौर पर विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम ने 65.21 प्रतिशत के अनुपात से 23 में से 15 मुकाबलों में जीत दर्ज की है।

मुकाबले से पहले हुई प्रेस काॅन्फ्रेंस में कोहली ने कहा, ‘‘मैं हर सीरीज के बाद खुद को नहीं आंकता हूं। हमारी प्राथमिकता और लक्ष्य यही होता है कि क्रिकेट के खेल को जीतना है। कप्तानी उतनी अच्छी होती जाएगी जितनी अच्छी और निरंतरता के साथ टीम प्रदर्शन करेगी। अगर खिलाड़ी अपने मजबूत पक्षों के साथ नहीं खेलेंगे तो मैं कप्तान के तौर पर कुछ खास नहीं कर पाउंगा।’’

‘‘टीम जितनी जिम्मेदार होती जाती है, कप्तान उतना अच्छा नजर आता है। अगर टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो कप्तानी नियंत्रण से बाहर लगने लगती है।’’

‘‘हो सकता है पांच से आठ साल बाद मैं खुद को कप्तान के तौर पर देखने के काबिल हो जाउंगा, अगर मैं उस वक्त तक कप्तान रहा। मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि ये काफी जल्दबाजी होगी अगर मैं बैठ कर विचार करूं कि मैंने क्या सही किया है और क्या नहीं।’’

भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी का भार जब से उन्हें दिया गया है तब से कोहली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 टेस्ट में 68.51 की औसत से 2261 रन बनाए हैं। पूर्व में ऐसा देखा गया है कि कप्तानी के बोझ की वजह से खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। 

कोहली ने कहा कि ‘‘कप्तानी आपको ये मंजूरी नहीं देता है कि आप किसी भी स्तर पर लापरवाह हो जाएं, खासतौर से मैदान पर बल्ले करने को लेकर।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप कुछ मौकों पर ज्यादा जिम्मेदारी की वजह से फोकस करने की कोशिश करते हैं और आप लूज़ शाॅट खेल जाते हैं।’’

विराट कोहली ने आॅस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ की तारीफ की, जिन्होंने व्यक्तिगत तौर पर और टीम के लीडर की भूमिका को बखूबी निभाया है। 

कोहली ने कहा, ‘‘कप्तानी के दौरान पूरे गेम में आपको फोकस रखना होता है, इसने मेरे लिए काम किया है और मुझे लगता है स्टीव स्मिथ के साथ भी ऐसा है। वो बल्ले से निरंतर प्रदर्शन कर रहा है और कप्तान के तौर पर भी अपनी भूमिका निभा रहा है। वहां की स्थिति भी ऐसी ही है। कप्तानी की जिम्मेदारी ने उन्हें कुछ स्थितियों पर ज्यादा ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है और इससे टीम आगे बढ़ी है और ये सब उनके प्रदर्शन में नजर आता है।’’

‘‘वो दुनिया का नंबर 1 टेस्ट खिलाड़ी है और ऐसा होने की वजह भी है। मैं हम दोनों के करियर की समानताओं को चिन्हित नहीं कर सकता हूं। मैंने उन्हें अकादमी में देखा था, वो कभी भी दबदबा बनाने वाले बल्लेबाज नहीं थे और लेग-स्पिनर के तौर पर अपने करियर की शुरूआत करने वाले खिलाड़ी के लिए ये बड़ी उपलब्धि है।’’

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