अफगानिस्तानी खिलाड़ियों को करोड़ों मिलने से पाकिस्तान को कोई फर्क नहीं पड़ता है, मियांदाद ने कहा

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अफगानिस्तानी खिलाड़ियों को करोड़ों मिलने से पाकिस्तान को कोई फर्क नहीं पड़ता है, मियांदाद ने कहा

पीएसएल का उदाहरण देते हुए जावेद मियांदाद ने कहा कि पाकिस्तान को बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता है अगर अफगानिस्तान के खिलाड़ी राशिद खान और मोहम्मद नबी को कई मिलियन डाॅलर की डील मिलती है और पाकिस्तानियों को टूर्नामेंट में बैन रखा जाए।

18 वर्षीय राशिद खान के लिए हैदराबाद सनराइजर्स ने 4 करोड़ रूपए खर्च किए तो वहीं आॅल-राउंडर मोहम्मद नबी के लिए उन्होंने सोमवार को हुई आईपीएल नीलामी में 30 लाख रूपए की बोली लगाई। जावेद मियांदाद ने कहा कि पाकिस्तान के पास अब अपनी खुद की लीग है जो काफी कामयाब है और अब उन्हें आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ना खिलाए जाने का मलाल नहीं है।

मियांदाद ने स्पोट्र्सवल्लाह को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘‘हमें फर्क नहीं पड़ता है अफगानी या दूसरे खिलाड़ियों को आईपीएल में करोड़ों रूपए देकर खरीदा जाए। शुरू में बुरा लगता था जब पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में नहीं खेल पाते थे लेकिन अब हमारे पास अपनी पाकिस्तान सुपर लीग है जो काफी सफल है।’’

यहां तक कि मियांदाद ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सावधान करते हुए कहा कि अब उनके खिलाड़ी दुनिया के बड़े टूर्नामेंटों का हिस्सा बनते दिखेंगे, ऐसे में उन्हें देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

मियांदाद ने कहा, ‘‘अगर प्रोडक्ट अच्छा है तो वो पूरी दुनिया में बिकेगा। ठीक इसी तरह, एक अच्छे खिलाड़ी को पूरी दुनिया से प्रशंसक मिलते हैं।’’

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा मोहम्मद आमिर के केस और हाल ही में हुए मैच फिक्सिंग के केस को संचालित करने के तरीके पर भी बात की।

मियांदाद ने कहा, ‘‘इस गड़बड़ी की सारी जिम्मेदारी बोर्ड की है। 20 मिलियन लोगों की आबादी वाले इस देश में बोर्ड मोहम्मद आमिर को राष्ट्रीय टीम में वापस लाना चाहता है जैसे देश में और कोई हुनर बचा ही नहीं है। जब आप इस तरह के उदाहरण पेश करते हैं तो आप दूसरे खिलाड़ियों से क्या उम्मीद कर सकते हैं।’’

मियांदाद ने जरूर अफगानिस्तान के खिलाड़ियों के लिए जरूरी संसाधनों का अच्छा मुद्दा उठाया।

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