भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया। पहले टेस्ट के पहले दिन की 5 महत्वपूर्ण बातें

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भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया। पहले टेस्ट के पहले दिन की 5 महत्वपूर्ण बातें

डेविड वाॅर्नर और मैट रेनशाॅ द्वारा अच्छी शुरूआत मिलने के बाद आॅस्ट्रेलियाई टीम इसे बरकरार नहीं रख पाई और पुणे में चल रहे पहले टेस्ट मुकाबले के पहले दिन टीम ने 256/9 का स्कोर किया, जिसमें एक बड़ा योगदान मिचेल स्टार्क का रहा। उमेश यादव ने पुरानी गेंद से कमाल दिखाते हुए 4 विकेट हासिल किए।

1. वाॅर्नर और रेनशाॅ ने पुणे की स्पिन ट्रैक पर बनाई साझेदारी

इसमें हैरानी की बात नहीं है कि पुणे के एमसीए स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले के पहले सत्र में ट्रैक स्पिनर्स को मदद पहुंचाएगा। लेकिन जिस तरीके से रेनशाॅ और वाॅर्नर ने खेल दिखाया वो कमाल का था। इस जोड़ी ने मिलकर पहले विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी की। वाॅर्नर और रेनशाॅ लगातार स्ट्राइक में बदलाव करते रहे। वहीं विराट कोहली खेल के दूसरे ओवर में ही अश्विन को ले आएं।

कई मौकों पर स्पिन और टर्न से बीट होने के बवाजूद वाॅर्नर इस आॅफ-स्पिनर की गेंद पर बाउंड्री लगाने के मौके की तलाश करते दिखे। वहीं दूसरे छोर पर रेनशाॅ ने भी कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल दिखाया, चाहे गेंद को बैकफुट पर जाकर खेलना हो या फिर आगे आकर डिफेंड करना हो।

इस तरह की बातें होती रही हैं कि आॅस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को मैथ्यू हेडन से सीखना चाहिए की उपमहाद्वीप में वो कैसे स्वीप शाॅट का इस्तेमाल करते रहे। बहरहाल, वाॅर्नर और रेनशाॅ दोनों ही खिलाड़ी मौका मिलने पर इस तरह की कोशिश करते दिखें। ऐसा लग रहा था कि ये इस दौरे के लिए पूरी तरह तैयार होकर आएं हैं और पुणे के ट्रैक ने उन्हें हैरान नहीं किया।

2. इस इमरजेंसी के सामने तो बाकि सभी इंतजार कर सकते हैं

लगता है कि पिछली रात को रेनशाॅ ने कुछ ज्यादा ही बटर चिकन खा लिया था। उमेश यादव ने वाॅर्नर का विकेट लेते ही इनकी और रेनशाॅ के बीच की 82 रनों की साझेदारी को तोड़ा और उसके कुछ ही सेकेंड बाद ये युवा खिलाड़ी नए बल्लेबाज स्टीव स्मिथ से बात करते हुए मैदान छोड़ता नजर आया।

बदकिस्मती से उन्हें अंपायर को अपनी इस मुश्किल स्थिति से अवगत कराने के लिए वापस आना पड़ा। मोहम्मद फराह की तरह शुरूआत करते हुए वो आखिर तक पहुंचते-पहुंचते उसैन बोल्ट के फाॅर्म में आ गए थे। इस बेचारे खिलाड़ी को कई सीढ़ियां पार करते हुए ड्रेसिंग रूम तक पहुंचना पड़ा।

रेनशाॅ उस वक्त वापस आए जब 60वें ओवर में पीटर हैंडसकोम्ब का विकेट गिर गया था लेकिन तब तक आॅस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम अपनी लय गंवा चुकी थी। इस खिलाड़ी ने 68 रनों की पारी जरूर खेली लेकिन वो दूसरे छोर से अपने साथी गंवाते रहे। ये तो तय है आज रात के मेन्यू में बटर चिकन नहीं होगा।

3. भारत ने कायम रखा रिव्यू गंवाने का रिकाॅर्ड

इसमें कोई हैरानी नहीं है कि बीसीसीआई डीआरएस के खिलाफ क्यों रहा क्योंकि भारतीय खिलाड़ी इसका सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। बांग्लादेश के साथ सबसे खराब रिव्यू लेने वाली टीम के खिताब के लिए जंग लड़ने के बाद, आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन के 39वें ओवर तक भारत ने अपने दोनों रिव्यू खत्म कर लिए थे।

10वें ओवर में, अश्विन ने रेनशाॅ को गेंद कराई और साहा ने गेंद लपकने के बाद अपील की लेकिन अंपायर ने इसे खारिज कर दिया। विकेटकीपर ने कप्तान कोहली को रिव्यू लेने के लिए सहमत कर लिया लेकिन रिप्ले में ये साफतौर पर जाहिर हो गया कि गेंद और बल्ले के बीच कोई संपर्क हुआ ही नहीं है और जो आवाज आई थी वो गेंद के पैड से टकराने पर हुई थी।

इसके बाद भारत ने 39वें ओवर में अपना दूसरा रिव्यू गंवाया। उमेश यादव ने स्टीव स्मिथ को एलबीडब्ल्यू करने को लेकर तेज अपील की और कोहली ने अंपायर की तरफ देखा, जिन्होंने इसे नकार दिया। रिप्ले में भी ये स्पष्ट हो गया कि अंपायर ने सही फैसला लिया था। वैसे इससे ये तो साबित हो गया कि मैदानी अंपायरों ने अपना रोल बखूबी निभाया।

4. उमेश यादव ने जगाया अपने अंदर का जहीर खान

आॅस्ट्रेलिया के मध्य और नीचले क्रम को समेटने के लिए आज उमेश यादव ने शानदार प्रदर्शन किया। उनका तरीका काफी हद तक वैसा ही था जैसा जहीर खान पुरानी गेंद को रिवर्स स्विंग कराने के लिए इस्तेमाल करते थे। भारतीय पेसर ने खतरनाक डेविड वाॅर्नर को 28वें ओवर में ही पवैलियन लौटा दिया, उसके बाद 76वें ओवर में उन्होंने मैथ्यू वेड का विकेट लिया। 

उन्हें साहा से भी काफी मदद मिली, जिन्होंने नाथन ल्योन के विकेट के तुरंत बाद ही बेहतरीन छलांग लगाकर स्टीफन ओ‘कीफे का कैच पकड़ा।

मुकाबले के दौरान एक वक्त ऐसा था जब आॅस्ट्रेलिया 149/2 के स्कोर पर थी लेकिन उमेश की गेंदबाजी के बाद वो 205/9 पर पहुंच गए।

5. लड़खड़ाती आॅस्ट्रेलिया को स्टार्क ने संभाला

जब अहम बल्लेबाज अपना रोल निभाने में नाकाम रहें तब मिचेल स्टार्क ने खुद को टीम के लिए खड़ा किया। दूसरे छोर से लगातार गिर रहे विकेटों के बीच इस खिलाड़ी ने टिकने का प्रयास किया। उन्होंने शुरूआती 17 गेंदों में सिर्फ आठ रन बनाएं। उन्होंने स्पिनर्स की गेंदों का सामना करना शुरू किया। जयंत यादव की गेंद को स्टैंड तक पहुंचाने के बाद उन्होंने अश्विन की गेंद को बड़े छक्के में तब्दील कर दिया। उन्होंने 88वें ओवर में जडेजा की दो गेंदों को चैके के लिए भी भेजा।

इस दौरान उन्हें दूसरे छोर पर खड़े जोश हेजलवुड का भी अच्छा साथ मिला। ये जोड़ी किसी तरह आॅस्ट्रेलियाई पारी को 250 तक पहुंचाने में कामयाब रही। 

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