सुझावों पर हुआ अमल तो भारतीय टीम के खिलाड़ियों की आमदनी में होगा 500 प्रतिशत का इज़ाफा

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सुझावों पर हुआ अमल तो भारतीय टीम के खिलाड़ियों की आमदनी में होगा 500 प्रतिशत का इज़ाफा

भारतीय क्रिकेटरों के केन्द्रीय अनुबंध की रकम में पांच गुणा का इजाफा होने की उम्मीद है और इसका श्रेय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी आॅफ एडमिनेस्ट्रेटर्स को जाता है। इसका मतलब है कि ग्रेड ए के क्रिकेटर, जिन्हें इस वक्त 1 करोड़ रूपए सालाना मिलते हैं, उन्हें 5 करोड़ रूपए मिला करेंगे।

भारतीय क्रिकेटर जिनका केन्द्रीय अनुबंध बीसीसीआई के साथ है, उन्हें अप्रत्याशित लाभ मिलने वाला है। कमेटी आॅफ एडमिनेस्ट्रेटर्स इस वृद्धि के इस सुझाव को मंजूरी देने वाली है जो लंबे अर्से से बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट के बीच चल रही जंग की वजह से रूका हुआ था।

टेस्ट खिलाड़ियों की तनख्वाह में इजाफा करने का ये प्रस्ताव उस वक्त से पाइपलाइन में था जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेल रही थी। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने इस इजाफे का समर्थन करते हुए कहा कि ‘‘इससे बुकीज़ द्वारा खिलाड़ियों को संपर्क करके उन्हें ज्यादा पैसों का लालच देने की संभावना कम हो जाएगी।’’

ये प्रस्ताव उस समय एक मुद्दा बन गया जब ये देखा गया कि राष्ट्रीय खिलाड़ियों और आईपीएल के खिलाड़ियों को मिलने वाली आय में काफी असमानता है। चेतेश्वर पुजारा, जो टेस्ट खिलाड़ी के रूप में ही पहचाने जाते हैं, वो आईपीएल में बड़ा काॅन्ट्रैक्ट पाने वाले पवन नेगी जैसे खिलाड़ियों सेे कम कमा पाते है। ये कदम इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि असमानता को कम किया जा सके। साथ ही पुजारा और ईशांत शर्मा जैसे खिलाड़ियों पर आईपीएल का ज्यादा प्रभाव ना पड़े।

इस मामले के संबंधित अधिकारी ने कहा, ‘‘हम अपने सीनियर खिलाड़ियों को ये संदेश भेजना चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट अभी भी हमारी प्राथमिकता है। देखो इंग्लैंड और आॅस्ट्रेलिया के खिलाड़ी कैसे अपने देश के लिए खेलने के लिए ज्यादा फोकस रहते हैं।’’

अगर ये प्रस्ताव लागू हो जाता है तो इसके बाद ग्रेड ए क्रिकेटरों को जिनका अनुबंध 1 करोड़ का है वो 5 करोड़ रूपए सालाना कमाएंगे। ग्रेड बी के खिलाड़ी जिन्हें सालाना 60 लाख रूपए मिलते हैं, उन्हें 2 करोड़ रूपए दिए जाएंगे। ग्रेड सी के खिलाड़ी जो 35 लाख रूपए सालाना की श्रेणी में हैं, उन्हें 1 करोड़ रूपए मिलेंगे।

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