भारत अब टर्निंग पिच तैयार करने से घबराएगा, सौरव गांगुली ने कहा

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भारत अब टर्निंग पिच तैयार करने से घबराएगा, सौरव गांगुली ने कहा

सौरव गांगुली का मानना है कि पहले टेस्ट में मिली असफलता से भारत को सीख लेनी चाहिए और आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के शेष मुकाबलों के लिए सपोर्टिंग विकेट पर जोर देना चाहिए। 2015 में गाले टेस्ट में हार के बाद भारत ने वापसी करते हुए सीरीज पर कब्जा जमाया था, उन्होंने कहा भारत इस सीरीज में भी वापस आएगा।

तकरीबन सभी भविष्वाणियों को गलत साबित करते हुए आॅस्ट्रेलिया की स्पिन जोड़ी स्टीफन ओ‘कीफे और नाथन ल्योन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम को भारत में हुए पहले टेस्ट मुकाबले में 14 साल बाद जीत दिलाई है। आॅस्ट्रेलियाई स्पिनर्स की निरंतरता की तारीफ करते हुए, भारत के पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत अब सीरीज के बचे हुए टेस्ट मुकाबलों में टर्निंग पिच तैयार करने से घबराएगा।

सौरव गांगुली ने इंडिया टुडे से कहा, ‘‘पहले और इस बार भारत दौरे पर आई आॅस्ट्रेलियाई टीम में स्टीफन ओ‘कीफे और नाथन ल्योन की निरंतरता का अंतर है। अगर आॅस्ट्रेलिया इसी सटीकता से गेंदबाजी करता रहा तो भारत टर्निंग पिचें तैयार करने से घबराएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आॅस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने जिस तरीके से गेंदबाजी की है उसे देखकर भारत जरूर हैरान हुआ होगा। ये पहला मौका नहीं है जब भारत ने टर्नर तैयार किए हों। उन्हें विश्वास था कि उनके स्पिनर्स आॅस्ट्रेलियाई स्पिनर्स से ज्यादा बेहतर होंगे। जिस तरीके से आॅस्टे्रलियाई स्पिनर्स ने गेंदबाजी की है, उसने भारत को सीरीज के बाकि मुकाबलों के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है।’’

भारत अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला अगस्त 2015 में हारी थी जहां रंगना हेराथ की यादगार परफाॅर्मेंस ने श्रीलंका टीम की जीत सुनिश्चित की थी। पहले टेस्ट में हार के बावजूद, भारत ने वापसी करते हुए बाकि दो टेस्ट मुकाबले जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। गांगुली को लगता है ठीक उसी तरह भारत इस सीरीज में भी वापसी करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत वापसी करेगा और अच्छा प्रदर्शन करेगा। ये काफी अच्छी भारतीय टीम है लेकिन मेरी सलाह यही है कि इस तरह की पिच पर ना खेलें। मुकाबलों को 5 दिनों तक ले जाएं, जैसा इंग्लैंड के खिलाफ किया था।’’

गांगुली ने अंत में कहा, ‘‘अगर भारत टाॅस जीतता तो इस मुकाबले की तस्वीर दूसरी हो सकती थी। टेस्ट क्रिकेट पर सबकुछ टाॅस जीतने पर मत छोड़ों। बैंगलोर, रांची और धर्मशाला की अच्छी पिच पर खेलो। इन पिचों पर 4 या 5 दिन पर टर्न मिलना शुरू होगा इसलिए मुकाबले को आखिर तक लेकर जाओ।’’

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