जेसन क्रेज़ा ने किया आॅस्ट्रेलियाई स्पिनर्स को सतर्कः धैर्य और लाइन पर कसी गेंदबाजी से बैंगलोर में मिलेगा लाभ

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जेसन क्रेज़ा ने किया आॅस्ट्रेलियाई स्पिनर्स को सतर्कः धैर्य और लाइन पर कसी गेंदबाजी से बैंगलोर में मिलेगा लाभ

जेसन क्रेज़ा को लगता है कि पुणे टेस्ट में मिली असफलता के बाद भारत बाकि के मुकाबलों के लिए रैंक टर्नर तैयार नहीं करेगा। 2008 में नागपुर में अपने पदार्पण टेस्ट में 12 विकेट हासिल करने वाले पूर्व आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने स्पिनर्स को सतर्क करते हुए कहा कि बैंगलोर टेस्ट में धैर्य ही सफलता का मंत्र है।

जेसन क्रेज़ा ने टीओआई से कहा, ‘‘आॅस्ट्रेलियाई स्पिनर नेथन और स्टीफन काफी अच्छे थे लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने निराश किया। आगे बढ़े तो, मैं कह सकता हूं कि विकेट टर्न करेगी लेकिन वो पुणे की विकेट जितनी बुरी नहीं होगी। मुझे लगता है कि बैंगलोर की विकेट सपोर्टिंग होगी जो पांच दिनों तक चलेगी।’’

आॅस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में मिली 333 रनों की जीत में स्टीफन ओ‘कीफे के 12 और नेथन ल्योन के 5 विकेटों का अहम योगदान रहा।

‘‘मुझे लगता है कि स्पिनर्स बैंगलोर जैसी विकेट में महत्वपूर्ण रहेंगे लेकिन वहीं तेज गेंदबाजों का रोल भी अहम रहेगा।’’

दूसरा टेस्ट मुकाबला 4 मार्च से शुरू होगा।

‘‘ये स्पिनर्स के धैर्य की परीक्षा का वक्त होगा और वो भी ऐसे हालात में जो आपके अनुकूल नहीं है। उन दोनों को मजबूत फिल्डिंग लगानी होगी, लाइन पर कसी गेंदबाजी करनी होगी और धैर्य रखना होगा। ऐसा समय भी आ सकता है जहां स्पिनर्स को रक्षात्मक भी होना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता है कि उन्हें शुरूआत के 2-3 दिनों में उतना स्पिन मिल सकेगा। बहरहाल, उन्हें चार और पांचवे दिन विकेट से सहायता मिलेगी।’’

क्रेज़ा ने इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिनर मोंटी पानेसर के योगदान की भी सराहना की जो स्पिन कंसलटेट के तौर पर टीम के साथ काम किया।

क्रेज़ा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ऐसा कोई शख्स होना चाहिए जो आपका मार्गदर्शन करे और बताए की भारतीय परिस्थितियों में क्या करना है। मोंटी की गेंदबाजी भारत में सफल रही थी और उनकी सलाह काम आ रही है।’’

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