अनुराग ठाकुर: भारतीय क्रिकेट के मार्गदर्शन के लिए निवृत्त जजों को मेरी शुभकामनाएं

no photo
 |

Facebook

अनुराग ठाकुर: भारतीय क्रिकेट के मार्गदर्शन के लिए निवृत्त जजों को मेरी शुभकामनाएं

बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) के अध्यक्ष पद से बर्खास्त किये गए अनुराग ठाकुर ने कहा है कि वह हमेशा ही भारतीय क्रिकेट और खेल की स्वतंत्रता के प्रति समर्पित रहेंगे। उन्होंने निवृत्त जजों को भी भारतीय क्रिकेट के मार्गदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को, क्रमशः, बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव पद से हटाया और साथ ही यह भी ऐलान किया कि 19 जनवरी को BCCI की गतिविधियों के संचालन के लिए एक प्रशासनीय समिति की नियुक्ति की जाएगी।  

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए ठाकुर ने ट्विटर को चुना। ट्विटर पर डाले गए एक विडियो में ठाकुर ने कहा, "मुझे भारतीय क्रिकेट से जुड़ने का सम्मान मिला। इन सालों में, भारतीय क्रिकेट ने प्रशासनीय दृष्टिकोण और खेल की वृद्धि के क्षेत्र में काफी अच्छा समय देखा।

BCCI निर्धारित नियमावली के साथ, देश का सर्वश्रेष्ठ प्रबंधित खेल संगठन है। वैश्विक स्तर पर, भारत में क्रिकेट की सुविधाएँ सबसे अच्छी है, जिसका निर्माण और देखरेख BCCI की सहायता से राज्य के संघ करते हैं।"

उन्होंने कहा, "दुनिए के किसी भी स्थान की उपेक्षा भारत में अधिक गुणवान खिलाड़ी हैं। मेरे लिए, यह एक निजी लड़ाई नहीं थी, यह खेल के निकाय की स्वतंत्रता की लड़ाई थी। मैं नागरिक होने के तौर पर सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूँ। सुप्रीम कोर्ट के जजों को लगता है कि BCCI का संचालन निवृत्त जज बेहतर ढंग से कर सकेंगे। उन सभी को मेरी शुभकामनाएं। मुझे यकीन है कि उनके मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेट बेहतर कर पायेगा। मैं भारतीय क्रिकेट और खेल की स्वतंत्रता के प्रति हमेशा समर्पित रहूँगा।"

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि BCCI के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष अस्थायी रूप से अध्यक्ष का पद ले सकते हैं, बशर्ते, वह लोढा समिति के सुझावों पर अमल करे। नियुक्त होने वाले अध्यक्ष का निरीक्षण प्रशासनीय समिति करेगी।

2 जनवरी को कोर्ट के आदेश निकलने के बाद, भारत के पूर्व चीफ जस्टिस और लोढा समिति के अध्यक्ष, जस्टिस आर एम लोढा ने कहा, "यह एक न्यायसंगत निर्णय है। जब कोर्ट ने सुझावों को स्वीकृति दे दी थी तब उनपर अमल होना चाहिए था। लेकिन बाधाएं पैदा की गयी, विरोध किया गया ... जिस वजह से ऐसा होना तो लाजिमी था।"

"सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही यह आश्वस्त किया है कि 18 जुलाई को सुनाये गए आदेश पर अब अमल किया जाए। यह क्रिकेट के लिए एक जीत है, जो खेल के हित में रहेगी। प्रशासक तो आने जाते रहते हैं, लेकिन मूल उद्देश्य खेल की बेहतरी है," उन्होंने कहा।

Lasith Malinga or Bhuvneshwar Kumar? Who will take more wickets?

Presenting Nostragamus, the first ever prediction game that covers all sports, including Cricket. Play the SL vs IND ODI challenge and win cash prizes daily!

Download the app for FREE and get Rs.20 joining BONUS. Join 30,000 other users who win cash by playing NostraGamus. Click here to download the app for FREE on android!

SHOW COMMENTS
!-- advertising -->