इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन की वजह, युवराज ने आत्मविश्वास को बताया

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© BCCI

इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन की वजह, युवराज ने आत्मविश्वास को बताया

युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ, कटक में हुए दूसरे ODI में, अपने 150 रनों की पारी पर संतोष ज़ाहिर किया है। उनके इस विशाल स्कोर से, भारत को 15 रनों से जीतने में मदद मिली और साथ ही तीन मुकाबलों की शृंखला पर 2-0 से टीम ने जीत सुनिश्चित की। आखिरी ODI 22 जनवरी को कोलकाता में होगा।

युवराज और एमएस धोनी ने, चौथे विकेट पर, 256 रनों की शानदार सांझेदारी कायम की, जिससे विरोधी टीम के सामने 381 रनों का विशाल स्कोर कायम करने में, भारत को काफी मदद मिली। हालांकि, अपनी पारी के पहले पांच ओवर तक भारत 25/3 के स्कोर पर था। इंग्लैंड ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। लेकिन, इयोन मॉर्गन के शतक और जैसन रॉय (82), जो रूट (54) तथा मोइन अली (55) के अर्धशतकों के बावजूद, वे 15 रनों से पीछे रह गए।

"बहुत अच्छा महसूस हो रहा है, शतक लगाये हुए काफी वक़्त हो गया था," अपने कार्यकाल के 14वे ODI शतक लगाने वाले 35 वर्षीय युवराज ने, मैच ख़त्म होने के बाद हुए प्रेस कांफ्रेंस में कहा। "कैंसर की चिकित्सा के बाद मैंने वापसी की थी और पहले दो-तीन साल काफी मुश्किल रहे थें। मुझे अपने स्वास्थ्य पर काफी काम करना पड़ा था और मैं टीम से अन्दर बाहर होता रहा था। मुझे स्थायी पोजीशन नहीं मिल रहा था," दिग्गज खिलाड़ी ने कहा। युवराज ने आखिरी ODI मुकाबला, 2013 के दिसम्बर में खेला था।  

"एक समय था जब मैं सोच रहा था कि मुझे खेलना चाहिए या नहीं। मेरे ख्याल से, मुझे अपने इस सफ़र में, कई लोगों की मदद मिली है। मैं हार नहीं मानना चाहता था। इसीलिए मैं मेहनत करता रहा। मुझे यकीन था कि हालात ज़रूर बदलेंगे।

"मैं किसी और की प्रतिक्रिया पर ध्यान नहीं देता, न ही अख़बार पढ़ता हूँ। मैं टीवी भी नहीं देखता। बस अपने गेम पर ध्यान देता हूँ और खुद को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के योग्य साबित करने की कोशिश करता हूँ। मेरे ख्याल से इस बार भी मैंने वही किया; एक दिवसीय क्रिकेट में 150 एक बड़ा स्कोर है। यह मेरा सर्वाधिक स्कोर है और मुझे यहां तक पहुँचने में काफी समय लगा है। लेकिन अब जब मैं यहां हूँ, तो बहुत खुश हूँ। उम्मीद है, आने वाले वक़्त में मैं नियमित रूप से योगदान दे पाउँगा।"

पिछले साल मार्च में हुए विश्व ट्वेंटी20 में, युवराज आखिरी बार अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले का हिस्सा बने थे। इंग्लैंड के विरुद्ध, इस मुकाबले में, उन्होंने टीम के उस समय की निराशाजनक स्थिति के बारे में बात की, जब वह और धोनी क्रीज़ पर थे।  

"हम दोनों ही टीम के सर्वाधिक अनुभवी खिलाड़ी हैं। माहि को यह समझ आ गया कि मैं बाउंड्री लगा रहा हूँ। वह सिर्फ एक एक रन लेने लगे और मुझे मौका देने लगे जिससे हमारे 50 रनों की सांझेदारी पूरी हुई। इसके बाद, हम अपनी सांझेदारी 100 रनों तक ले जाना चाहते थे। मेरे ख्याल से, जब दो लोग क्रीज़ पर जम जाते हैं तो ऐसा होना लाजिमी है।

"कार्यकाल की शुरुआत से ही, हम एक दूसरे के साथ बल्लेबाजी करते थे। ज़ाहिर है, मैंने काफी पहले शुरुआत की थी। माहि ने और मैंने भारत के लिए कई मुकाबले खेले हैं। हमारी एकजुटता हमेशा से ही रही है। मेरे ख्याल से जब हम बल्लेबाजी करते हैं, तो हमारे बीच एक तालमेल बन जाती है। हमारा रनिंग बिटवीन द विकेट हमेशा की अच्छा रहा है। उम्मीद है, भविष्य में भी चीज़ें ऐसी ही चलती रहेंगी।"

युवराज ने उनके ODI टीम में वापस बुलाने के लिए कप्तान विराट कोहली को धन्यवाद कहा।

"जब टीम और कप्तान आप पर भरोसा करते हैं तो आत्मविश्वास अपने आप आ जाता है। मेरे ख्याल से विराट ने मुझपर काफी भरोसा किया है और यह बहुत ज़रूरी है कि टीम के सदस्य मुझपर भरोसा रकेह। मैं घरेलू सत्र में बलेल्बाज़ी करता रहा हूँ और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया है। मैं, सही माएनों में, एक अच्छी पारी खेलना चाहता था।" 

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