BCCI के मसलों से परेशान हूँ : सौरव गांगुली

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BCCI के मसलों से परेशान हूँ : सौरव गांगुली

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि वह BCCI में चल रहे अस्थिरता से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने नागपुर में हुए दूसरे टी20 में भारत की जीत पर भी बात की और यह सुझाव दिया कि कोहली को बैंगलोर के टी20 से पहले बैटिंग आर्डर में बदलाव लाने चाहिए।

भारतीय क्रिकेट प्रशासन में लाये जा रहे बदलावों से कई क्रिकेट प्रशंसक परेशान हो रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी अपने इन्ही भावनाओं को व्यक्त किया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा BCCI के प्रशासन और लोढा समिति के सुझावों का सही अमल को सुनिश्चित करने के लिए CAG विनोद राय की अध्यक्षता में चार सदस्यों की समिति की नियुक्ति के बाद, गांगुली ने बयान दिया है कि वह इस पूरे मामले से अब ऊब चुके हैं।

"हम सभी देख सकते हैं की क्या हो रहा है। मैं इससे ऊब चुका हूँ," गांगुली ने कहा।

राय की अध्यक्षता वाली इस समिति में क्रिकेट के इतिहासकार रामचंद्र गुहा, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी (IDFC) के प्रबंध निदेशक विक्रम लिमये और पूर्व महिला कप्तान डायना एदुल्जी भी शामिल हैं। इनका कार्य BCCI के CEO राहुल जोहरी के साथ मिलकर बोर्ड के कार्यवाही को प्रवाही बनाना और उसका निरीक्षण करना है।

मैदान की गतिविधियों पर वापस आते हुए गांगुली ने कहा कि नागपुर में हुए दूसरे टी20 में वह भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन से काफी खुश हैं। "नेहरा और बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की, खासकर आखिरी के ओवर में। मुझे उम्मीद है कि भारत बेंगलुरु में भी विजयी रहेगा।"

उन्होंने आखिरी टी20 से पहले सुझाव दिया है कि भारत को अपने बैटिंग आर्डर में थोड़े बदलाव लाने चाहिए। वह इस बात का समर्थन करते हैं कि एमएस धोनी को अब थोड़ा पहले मैदान में उतारा जाना चाहिए।

"सच कहूं तो आखिरी मैच से पहले बैटिंग आर्डर में थोड़े बदलाव लाये जाने चाहिए। मेरे ख्याल से मनीष पाण्डेय को तीसरे स्थान पर उतारा जाना चाहिए और रैना को छठे पर। खेले गए ओवरों की संख्या के अनुसार यह निर्णय लिया जाना चाहिए। एमएस धोनी को अब थोड़ा पहले मैदान में भेजना चाहिए। मैं यह बात शायद पिछले 4-5 सालों से बोल रहा हूँ कि एमएस धोनी को और पहले मैदान में उतारना सही है, ताकि, उन्हें आराम से खेलने का मौका मिले। लेकिन टीम प्रबंधन को यह फैसला लेना होता है," उन्होंने इंडिया टुडे से कहा।

गांगुली ने यह भी कहा कि अब धोनी को सिर्फ फिनिशर के तौर पर देखने की ज़रुरत नहीं है बल्कि उन्हें और अधिक समय तक खेल में बने रहने का मौका दिया जाना चाहिए।

मुझे 'फिनिशर' शब्द बड़ा ही अजीब लगता है और मैं यही सुनता रहता हूँ। आप 20 ओवर बल्लेबाजी करके पारी ख़त्म करते हैं। अगर आप क्रीज़ पर टिके हुए हैं तो आप बेहतर फिनिशर है, नाकि, 17वे या 18वे ओवर पर आकर एक भी गेंद न मारकर आप फिनिशर बनते हैं। इसीलिए मुझे लगता है क्रिकेट में फिनिशर शब्द पर कुछ ज्यादा ही जोर डाला जाता है और मेरे ख्याल से अब अब टीम प्रबंधन को इसे भूलकर अच्छे खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा वक़्त मैदान में रहने के लिए देना होगा।   

भारत कल इंग्लैंड के खिलाफ बैंगलोर में तीसरा और निर्णायक टी20 मैच खेलेगा।

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