सुनील गावस्कर: शिवालकर और गोएल को टीम में शामिल करने के लिए चयनकर्ताओं को न मना पाने का मलाल रहेगा

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सुनील गावस्कर: शिवालकर और गोएल को टीम में शामिल करने के लिए चयनकर्ताओं को न मना पाने का मलाल रहेगा

सुनील गावस्कर के करियर में सभी कुछ शामिल रहा है - बल्लेबाजी की उपलब्धियों से लेकर लगभग एक दशक तक भारतीय टीम की कप्तानी। लिटिल मास्टर ने हालांकि हाल ही में यह खुलासा किया कि उन्हें पद्माकर शिवालकर और राजिंदर गोएल जैसे बेहतरीन खिलाड़ी को टेस्ट टीम में शामिल न कर पाने का मलाल हमेशा रहेगा।

"मेरी ज़िन्दगी की निराशाओं में से एक यह है कि मैं कप्तान के तौर पर चयनकर्ताओं को गोएल साहब (राजिंदर गोएल) और पैडी (पद्माकर शिवालकर) को भारतीय टीम में शामिल करने के लिए नहीं मना पाया," गावस्कर ने द हिन्दू को कहा।

"वे उसी वक़्त सामने आये जिस दौर में बेहतरीन बाएं हाथ के गेंदबाज़ श्री भीषण सिंह बेदी आये थे। वरना वे भी भारत के लिए कई टेस्ट खेलते।"

गावस्कर रामचंद्र गुहा, डायना एदुल्जी और एन.राम के तीन सदस्यों की समिति की, उनके द्वारा सी.के नायुडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए पद्माकर शिवालकर और राजिंदर गोएल को चुने जाने पर, जमकर तारीफ करते नज़र आएं। शांता रंगास्वामी को महिला क्रिकेट के प्रति उनके योगदान के लिए BCCI लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाज़ा जायेगा, जबकि, वी.वी. कुमार और स्वर्गीय रमाकांत देसाई को विशेष पुरस्कारों के लिए चुना गया है।

शिवालकर, गोएल और रंगास्वामी को 25-25 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि, कुमार और देसाई के परिवारों को 15-15 लाख मिलेंगे।

"मैं समिति तो बधाई देता हूँ जिसने इस साल के विजेताओं और विशेष पुरस्कृतों की घोषणा की है। इस प्रकार के चयन से उनकी सोच का पता चलता है। सभी विजेता ख़ास क्रिकेटर हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उसे दिलचस्प बनाया है," गावस्कर ने कहा।

"उनका कौशल्य बेहतरीन रहा है, और उन्हें खेलने हुए देखना काफी मनोरंजक होता था।"

"रमाकांत देसाई और वी.वी. कुमार बेहतरीन गेंदबाज़ थे। और ज़रूरी बात यह है कि वह बेहद नम्र थे और अपने समय में मुश्किल से कुछ बोलते थे।"

"वीवी आज भी हमारे साथ हैं, मुझे यकीन है हर बार की तरह इस शाम भी वह पूरी तरह से तैयार होकर शामिल हो रहे होंगे।"

"शांता भी पुरस्कार की हक़दार हैं। वह अपने दिनों में प्रमुख खिलाड़ी मानी जाती थी और उनकी उपलब्धियां भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में बड़े बड़े अक्षरों में लिखी गयी हैं।

"मैं बस यही उम्मीद करता हूँ कि पुरस्कार समारोह की शाम में ना सिर्फ पुरस्कार देने वाले प्रशासक और पुरस्कृत मौजूद होंगे, बल्कि, ऐसे पूर्व खिलाड़ी भी शामिल होंगे, जो इन पुरस्कृतों के लिए शाम को और भी यादगार बनायेंगे।"

सिर्फ गावस्कर ने ही इन बेहतरीन क्रिकेटरों की तारीफ नहीं की। भीषण बेदी ने भी कहा कि यह खिलाड़ी इन पुरस्कारों के हक़दार हैं।

"मैं उनके लिए बेहद खुश हूँ। वह तकनीक और रवैये के मामले में बेहतरीन स्पिनर थे। मैं भी उनका इस मामले में अनुसरण करता था। उनका सैयम भी कमाल का था। वे बेहद नम्र थे और बेहतरीन खिलाड़ी थे," बेदी ने कहा।

"मेरे लिए वे दोनों ही ऐसे कलाकार है जो शानदार तो है लेकिन अकीर्तित हैं। उनकी कभी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी ना ही कोई कड़वापन था। बस उन्हें मौका नहीं मिल पाया। मैं खुशकिस्मत था जो मुझे मौका मिला। आज के खिलाड़ी क्रिकेट के प्रति निस्स्वार्थ भाव दिखा ही नहीं पाते। उन खिलाड़ियों का करियर एक प्रेरणा है। पैडी और गोएल साहब किसी भी खिलाड़ी से ज्यादा मान्यताओं के हक़दार हैं।"

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