देखेंः विराट कोहली ने कहा उनके पास ‘‘आलोचकों’’ के लिए समय नहीं है

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देखेंः विराट कोहली ने कहा उनके पास ‘‘आलोचकों’’ के लिए समय नहीं है

पाॅली उमरीगर ट्राॅफी तीसरी बार जीतने के बाद विराट कोहली ने दिल को छू लेने वाला भाषण देते हुए कहा कि वो उनसे नफरत करने वाले लोगों से मिलने वाली आलोचना की परवाह नहीं करते हैं। साथ ही उन्होंने यादों के गलियारों में पहुंचकर दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज बनने तक के सफर को बयां किया।

एमएस धोनी के भारतीय टीम की कप्तानी से हटने के फैसले के बाद, सिर्फ एक ही ऐसा शख्स सामने था जो इस जिम्मेदारी को उनकी तरह निभा सकता था।

2015 में टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने के बाद विराट कोहली भारत को शीर्ष रैंकिंग तक ले गए और ऐसा करने के लिए उन्होंने अपने चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को पीछे छोड़ा। अब कोहली भारतीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के कप्तान हैं।

कोहली ने कहा, ‘‘मैं बीसीसीआई का धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे इस स्थिति में डाला। मैंने इसे एक अवसर के तौर पर देखा। ये मेरे लिए एक काम नहीं बल्कि जिम्मदारी है। मुझे ऐसी जगह पर रखा गया जहां मुझे सही फैसले लेने हैं और ऐसे रास्ते का अनुसरण करना है जिसपर पूरी टीम का विश्वास हो। करियर के शुरूआती दिनों में कई लोगों ने मेरे खेल पर शक जाहिर किया और अब मुझसे नफरत करने वाले लोग भी हैं। लेकिन, एक चीज है कि मुझे अपन आप पर विश्वास है और अगर मैं कड़ी मेहनत करता हूं तो मुझे किसी के बारे में सोचने की कोई जरूरत नहीं है।’’

अधिकतर लोगों द्वारा इस वक्त दुनिया का बेहतरीन बल्लेबाज माने जाने वाले कोहली के लिए ये सफर उतना आसान नहीं था। करियर के शुरूआती दिनों में उनके संघर्ष की कहानी छिपी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा से ही दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक बनना चाहता था। इसलिए मैं ये जानता था कि तीनों प्रारूपों में अपने फाॅर्म को बनाए रखने के लिए मुझे क्या देना होगा। जब ट्रांजिशन का दौर चल रहा हो उस वक्त तीनों प्रारूपों के लिए उपलब्ध रहना महत्वपूर्ण होता है।’’

‘‘पिछले 10 से 12 महीने शानदार रहे। एक क्रिकेटर के तौर पर सभी के लिए एक खास साल होता है। 2015 के अंत से शुरू होकर 2016 के अंत तक, इस दौर को मैं भविष्य में अपने बेहतरीन साल के तौर पर याद करूंगा।’’

कोहली इस दौरान टीम के समर्थन को याद करना नहीं भूले, जिनके सहयोग के बिना इस उपलब्धि को पाना आसान नहीं था। बैंगलोर में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए दूसरे टेस्ट के दौरान कोहली रन बना पाने में नाकाम हो गए थे, वहां चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की जोड़ी ने चार मैचों की सीरीज में टीम को बराबर लाने का सफल प्रयास किया।

कोहली ने कहा, ‘‘कड़ी मेहनत, अभ्यास और बलिदान हमेशा काम आता है। मैंने पहले भी इस बात का जिक्र किया है कि मुझे जो शानदार टीम मिली है उसके बिना ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं था। कई मौकों पर जब आप अच्छा नहीं कर पाते हैं तो चैंपियन खिलाड़ी आपकी जगह ले लेते हैं और सभी में ऐसा करने की काबिलियत है।’’

‘‘आखिरी विकेट पर जाकर हमें उस जीत के महत्व का अंदाजा हुआ। इसके लिए पूरी टीम की प्रशंसा करता हूं। ये एक बेहतरीन मुकाबला था जिसका मैं हिस्सा बना और जैसा मैंने पहले कहा, ये हम सभी के लिए यादगार रहा। मैं टीम के सभी साथियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने मुश्किल समय में जिम्मेदारी उठाई और इसी वजह से हम दुनिया की बेहतरीन टीम हैं।’’

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