चैंपियंस ट्राॅफी की कामयाबी धोनी के 2019 विश्व कप के सफर को तय करेगी, बचपन के कोच ने कहा

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चैंपियंस ट्राॅफी की कामयाबी धोनी के 2019 विश्व कप के सफर को तय करेगी, बचपन के कोच ने कहा

एमएस धोनी के बचपन के कोच केशव बैनर्जी का मानना है कि जून में इंग्लैंड में आयोजित होने वाली चैंपियंस ट्राॅफी इस खेल में पूर्व भारतीय कप्तान के भविष्य का फैसला करेगी। उन्होंने ये भी खुलासा किया कि 2014 आॅस्र्टेलिया में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले की जानकारी उन्होंने किसी को नहीं दी थी।

क्रिकेट के छोटे प्रारूप की कप्तानी से हटने के बाद धोनी 50 ओवर के राष्ट्रीय टूर्नामेंट विजय हजारे ट्राॅफी में खेले, जहां उनके मार्गदर्शन में झारखंड की टीम क्वार्टर-फाइनल तक पहुंची।

स्कूल के दिनों में धोनी को क्रिकेट से जोड़ने वाले बैनर्जी ने पीटीआई को बताया, ‘‘इस वक्त वो पूरी तरह से चैंपियंस ट्राॅफी के बारे में सोच रहे हैं। अगर वो वहां कामयाब होते हैं तो वो 2019 विश्व कप तक जाएंगे।’’

कोलकता में अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट के लाॅन्च के दौरान बैनर्जी ने कहा, ‘‘ये सामान्य है कि उम्र बढ़ने के साथ आप उसी स्ट्राइक रेट के साथ नहीं खेल पाते हैं। लेकिन उनकी इच्छाशक्ति और खेल का आंकलन करने की दो खूबियां उन्हें खास बनाती है। वो घरेलू एकदिवसीय मुकाबले में खेले ताकि वो चैंपियंस ट्राॅफी से पहले खुद को फिट रख सकें।

बैनर्जी ने कहा कि, ‘‘वो किसी के जरिए धकेले जाना पसंद नहीं करते हैं इसलिए टेस्ट क्रिकेट में किसी के जरिए उंगली उठाने से पहले ही उन्होंने हटने का फैसला कर लिया। उन्होंने इसकी जानकारी किसी को भी नहीं दी थी, यहां तक कि उनके सबसे अच्छे दोस्त और उनके माता-पिता को भी टेस्ट से संन्यास लेने के बारे में नहीं पता था।’’

धोनी को आईपीएल की टीम राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की कप्तानी से हटा दिया गया है। इस पर बैनर्जी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ये फैसला टीम मालिकों द्वारा लिया गया और धोनी के पास इस सत्र में खेलने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।’’

एक क्रिकेटर के तौर पर अपने आप को विकसित कर चुके धोनी के बारे में बैनर्जी को लगता है कि वो ऐसे ही रहेंगे। ‘‘वो समय का पालन और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, वो अभी भी ऐसे ही है, उसमें कोई बदलाव नहीं आया है।’’

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