भारतीय प्रशंसकों का विरोध करेगा स्टीव स्मिथ को प्रोत्साहित, हरभजन सिंह ने कहा

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भारतीय प्रशंसकों का विरोध करेगा स्टीव स्मिथ को प्रोत्साहित, हरभजन सिंह ने कहा

हरभजन सिंह को लगता है कि भारतीय प्रशंसकों की तरफ से आने वाले विरोध से स्टीव स्मिथ को रांची में होने वाले तीसरे टेस्ट में काफी प्रोत्साहन मिलेगा। हरभजन सिंह ने मीडिया पर DRS विवाद को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने और बेवजह स्मिथ और विराट कोहली का नाम इसमें घसीटने का आरोप भी लगाया।

हरभजन सिंह ने कहा कि 2008 के बॉर्डर-गावस्कर गेम्स में हुए विवाद में जब उन्हें ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसकों से विरोध का सामना करना पड़ा था, तो उससे ऑफ स्पिनर को काफी प्रोत्साहन मिला था। 36 वर्षीय का मानना है कि बेंगलुरु टेस्ट में हुए DRS विवाद के बाद, स्मिथ को भी शायद भारतीय प्रशंसकों से मिल रहे विरोध भाव से प्रोत्साहन मिल सकता है।

"मेरे लिए वह एक ऐसी चीज़ थी, जिससे मुझे और बेहतर करने की प्रेरणा मिली। जब लोग मेरे खिलाफ हो रहे थे तो मुझे उससे बेहतर करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा था।"

"जब भी मैं बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर रहा होता था, तो ऑस्ट्रेलिया के लोग मेरा विरोध करते थे, इससे मुझे लगता था कि उस देश में शायद मैं सबसे ज्यादा मशहूर हो गया हूँ - तो चाहे वे मुझे पसंद करे या नहीं, पर वे ये ज़रूर देखते हैं कि मैं क्या कर रहा हूँ।

"यही मुझे सबको दिखाना था कि अगर मेरे हाथ में गेंद या बल्ला आ जाए तो मैं क्या कर सकता हूँ, और यही मैंने किया - इससे मुझे प्रोत्साहन मिली, मैं यह नहीं सोचता था कि यह मेरे साथ क्या हो रहा है या ऐसा क्यों हो रहा है।

"ऐसा होता रहता है। हमें बस इन बातों को पीछे छोड़ देना चाहिए और आगे के मुकाबलों पर ध्यान देते हुए बल्ले या गेंद से कमाल दिखाना चाहिए," हरभजन सिंह ने द डेली टेलीग्राफ से कहा।

ऑफ स्पिनर ने स्मिथ और विराट कोहली के लिए सहानुभूति भी ज़ाहिर करते हुए कहा कि मीडिया ने इस पूरे विवाद को ज़रुरत से ज्यादा तूल दिया है और इन दोनों के नाम को बेवजह इसमें घसीटा गया है। उन्होंने कहा, "यकीनन यह एक ऐसी बात है जिसके बारे में दोनों ही सोचते नहीं रहना चाहते। मुझे उनके लिए बुरा लगता है क्योंकि मीडिया ने उनके खेल पर ध्यान देने के बजाय इस पूरे मामले में उन्हें बेवजह घसीटा है।

"मैं स्टीव स्मिथ को करीब से नहीं जानता। अलग लोगों की अलग सोच होती है। लेकिन वह यकीनन एक अच्छे खिलाड़ी हैं और मैं चाहता हूँ कि वह हमेशा अच्छा खेले।"

भारत के लिए 103 टेस्ट खेल चुके हरभजन ने अब तक इस सीरीज में इस्तेमाल हुए पिचों की भी आलोचना की।

"दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतियोगिता होनी चाहिए थी नाकि महज़ तीन या ढाई दिन के मुकाबले। इससे किसी को फायेदा नहीं हो रहा।

"हाँ, हम नतीजे देखना चाहते हैं लेकिन मैं एक ऐसा मैच देखना चाहता हूँ जिसमें एक टीम पांचवे दिन पर जीतने के प्रयास में हो और दूसरा अपनी टीम को हारने से बचाने के प्रयास में। इसे ही एक अच्छा टेस्ट क्रिकेट कहेंगे।

"जब इस प्रकार के स्तर की दो टीमें भिड़ती हैं, तो प्रतियोगिता भी दिलचस्प होनी चाहिए," उन्होंने स्पष्ट किया।

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