तीसरे टेस्ट की शुरुआत से पहले ही ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने की रांची के पिच की आलोचना

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तीसरे टेस्ट की शुरुआत से पहले ही ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने की रांची के पिच की आलोचना

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया काफी भड़की हुई नज़र आ रही है। DRS के मामले में बिना किसी सबूत के विराट कोहली और अनिल कुंबले आरोपी मानने वाली इस मीडिया ने अब यह दावा किया है, कि रांची की पिच भी किसी टेस्ट मैच के लिए बेहद ख़राब है और इसके साथ ही उन्होंने भारतीय निष्ठा पर सवाल भी उठाये हैं।

कल प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट में, यह लिखा गया था कि बेंगलुरु टेस्ट के मैच रेफरी, क्रिस ब्रॉड ने वहाँ के पिच को 'औसत से नीचे' करार दिया है। ब्रॉड ने पुणे टेस्ट के पिच को भी 'बेहद ख़राब' करार दिया था। पुणे में इस शृंखला का पहला टेस्ट खेला गया था।

"तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा खतरा; भारत ने रांची के उस पिच को तय किया है जिसे ख़ास तौर पर विरोधियों को हराने के लिए तैयार किया गया है," द डेली टेलीग्राफ की खबर में भारतीय निष्ठा पर सवाल दागते हुए लिखा गया।

"मंगलवार को रांची में देखे गए गतिविधियों से यह साफ़ है कि पिच को लेकर काफी छेड़खानी की जा रही है और इस तरह से भारतीय क्रिकेट की निष्ठा पर सवाल खड़े होते हैं," खबर में लिखा गया।

मैच के पिच को देखकर लग रहा था जैसे वहां पहले से ही खेला जा चुका है, और उसपर पैर के छाप जैसे निशान भी मौजूद थे।

फ़िलहाल सीरीज में एक-एक की बराबरी है और रांची के मैच से यह पता चलेगा कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर किसकी पकड़ बनेगी। खबर में लिखा गया है कि भारत इसलिए पिच के साथ छेड़खानी कर पाता है क्योंकि BCCI को इस मामले में ICC के फटकार का डर नहीं है।

"मैच के पिच को देखकर लग रहा था, जैसे, वहां पहले से ही खेला जा चुका है, और उसपर पैर के छाप जैसे निशान भी मौजूद थे," रिपोर्ट में लिखा गया। "भारत को ICC से रांची के पिच को लेकर भी फटकार मिलेगी अगर वह गुरुवार से शुरू होने वाले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हारने में कामयाब हो जाते हैं।

"भले ही बयानबाजी ख़त्म हो गयी हो, लेकिन अगर इस बुरे पिच की पहचान पहले ही हो जाए, तो इसमें कोई दो राय नहीं होगी कि भारत ने, ICC द्वारा प्रस्तावित दोनों टीमों के हित में, खेल की भावना से की जाने वाली तैयारी के नियम का पालन करने की बिलकुल कोशिश नहीं की है।"

रिपोर्ट में यह भी लिखा गया, कि, यह एक षड्यंत्र है जिसके तहत ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाजों को रोकने और भारतीय स्पिनरों के अनुकूल परिस्थिति बनाने की कोशिश की गयी है। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार, इस सीरीज में, अब तक, ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ भारतीय तेज़ गेंदबाजों के मुकाबले केवल एक ही विकेट अधिक लेने में कामयाब हुए हैं।

"खिलाड़ी कह रहे हैं कि इस पिच में शायद की कोई उछाल है, जो यकीनन एक चाल है ऑस्ट्रेलिया के पेसर पैट क्यूमिन्स और जोश हेज़लवुड को बेअसर करने और नेथन ल्योन के प्रभाव को रोकने की," अख़बार में लिखा गया।

भारत ने एक ऐसी सतह चुनी है जो कच्ची है, सूखी है और बिना घास के है। इस तरह की सतह पर ऑस्ट्रेलियाई टीम शायद ही कभी खेली होगी।

"इस तरह से विश्व के न. 1 गेंदबाज़ रवि जडेजा इस पिच पर आक्रामक साबित होंगे, जबकि इस विकेट को इस तरह से बनाया गया है ताकि रवि अश्विन को भी अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिले।"

रांची के पिच क्यूरेटर एसबी सिंह भी अखबार के गुस्से का शिकार हुए। सिंह ने कहा था कि टेस्ट के लिए तीन पिच तैयार किये गए हैं लेकिन भारतीय क्यूरेटर पर आरोप लगाने में कोई कसर बाकी नहीं रखा।

"अगर चुनाव बहुत अच्छे, मध्यम और दुर्लभ के बीच करना था तो- भारत ने एक ऐसी सतह चुनी है जो कच्ची है, सूखी है और बिना घास के है। इस तरह की सतह पर ऑस्ट्रेलियाई टीम शायद ही कभी खेली होगी।"

अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए सिंह ने पिच पर अपना दृष्टिकोण ज़ाहिर किया और कहा कि इस पिच पर उतनी उछाल संभव नहीं है जितना कि बेंगलुरु के पिच पर हो रही थी लेकिन साथ ही उन्होंने इस पिच को स्पिन के अनुकूल भी बताया।

"मैं यह पहले से नहीं कह सकता कि यह मैच में कैसा बरताव करेगा। मेरे ख्याल से इस पर स्पिन अच्छा होगा, हालांकि अन्य विकेटों के मुकाबले इस पर उछाल कम होगी," सिंह ने कहा।

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