भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया | तीसरे टेस्ट के पहले दिन की अहम बातें

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© BCCI Twitter

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया | तीसरे टेस्ट के पहले दिन की अहम बातें

दिन के पहले सत्र में तीन विकेट खोने के बावजूद, स्टीव स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल की सांझेदारी की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 299/4 का स्कोर खड़ा किया। अपना शतक पूरा करते हुए, स्टीव स्मिथ ने अपने टेस्ट करियर के 5,000 रन पूरे किये।

स्कोर, संक्षिप्त में90 ओवर के बाद, ऑस्ट्रेलिया 299/4 (स्टीव स्मिथ 117*, ग्लेन मैक्सवेल 82; उमेश यादव 2/63)

रेनशॉ को आउट करने के लिए कोहली और यादव की चाल  

ऑस्ट्रेलिया ने उस्मान ख्वाजा की जगह मैथ्यू रेनशॉ को पारी की शुरुआत करने के लिए, डेविड वार्नर के साथी के तौर पर चुना। लेकिन भारतीय परिस्थितियों में मेहेज़ तीसरा टेस्ट खेल रहे रेनशॉ ने अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश तो की लेकिन अच्छा स्कोर बना नहीं सके। रांची का विकेट पिछले दो पिचों से अलग, तेज़ गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हो रहा था।

उमेश यादव ने इस घरेलू सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया और इसे बरक़रार भी रखा। पहले सेशन में उन्होंने गेंद को स्विंग कराया और ऑस्ट्रेलियाई ओपेनरों के लिए दिक्कत पैदा किया। वार्नर के खेल में फुटवर्क की कमी नज़र आ रही थी, लेकिन जिस तरह से यादव और कोहली ने रेनशॉ को आउट किया, वह काबिल-ए-तारीफ था।

20वे ओवर में जब रविन्द्र जडेजा की एक गेंद ज़मीन पर लगकर घूमते हुए रेनशॉ तक पहुंची तो कोहली को अंदाजा हो गया कि अब पिच पर स्विंग मिलेगा। इसी बात पर उन्होंने यादव को गेंद सौंपी। रेनशॉ यादव के स्विंग का शिकार हो गए और उनके बल्ले के बाहरी छोर से लगी गेंद स्लिप पर खड़े कोहली के हाथों में पहुंची।

ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सीरीज में आख़िरकार भारत के रिव्यु की मांग हुई सफल

पिछले सात टेस्ट में, कोहली द्वारा ली गयी 63% समीक्षाएं बिलकुल बेवजह थी। 31 में 19 LBW के रिव्यु असफल रहे। लेकिन, धोनी के शहर में, कोहली टीम के पूर्व कप्तान की तरह, सही निर्णय लेने में कामयाब रहे, और DRS के इस्तेमाल से शौन मार्श को पवेलियन भेजा।

मैच के 25वे ओवर में, अश्विन की गेंद मार्श के पैड से लगकर बल्ले के किनारे पर लगी, और सीधे शोर्ट लेग पर खड़े चेतेश्वर पुजारा के पास पहुंची, जिसे उन्होंने सफलता के साथ पकड़ लिया। लेकिन मैदान में मौजूद अंपायर यह समझ नहीं पाए और फैसला बल्लेबाज़ के पक्ष में सुनाया। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रिव्यु की मांग की।

तीसरे अंपायर, नायजेल लॉन्ग ने रीप्ले की जांच की और अल्ट्रा एज के ज़रिये बल्ले के किनारे से गेंद के लगने का सबूत पाया और मैदान में मौजूद अंपायर से कहा, "इयन, मुझे पूरा विश्वास है कि गेंद बल्ले के किनारे को छूकर गयी है।"   

महज़ दो रन बनाकर मार्श को पवेलियन लौटना पड़ा और इस तरह से DRS को लेकर भारत की असफलता पर भी अंकुश लगा

ऑस्ट्रेलिया ने पैट क्यूमिन्स पर लगाया दाव

2011 में वांडर्स में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच दिलचस्प टेस्ट न्यू साउथ वेल्स के तेज़ गेंदबाज़ के लिए यादगार साबित हुआ, जिसमें उन्होंने डेब्यू भी किया था। उन्होंने इस मुकाबले में सात विकेट चटकाए थे और अपनी टीम को दो विकेट से जीत तक पहुँचाया था। लेकिन इसके बाद, वह टेस्ट क्रिकेट से जैसे गायब से हो गए, और ODI विशेषज्ञ के तौर पर पहचान बनाने लगे। लेकिन पिछले हफ्ते - मार्च 2011 के बाद से शेफील्ड शील्ड में पहली बार खेलने वाले क्यूमिन्स ने आठ विकेट लिए और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई।  

विकल्पों में जैक्सन बर्ड के होने के बावजूद, ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने मिचेल स्टार्क की जगह क्यूमिन्स को रांची में जोश हेज़लवुड के साथी के तौर पर चुना।

टेस्ट क्रिकेट - मैक्सवेल इसी के लिए बने हैं

विश्व क्रिकेट में सबसे तेज़ स्कोर करने वाले खिलाड़ियों में से एक, ग्लेन मैक्सवेल मर्यादित ओवर के क्रिकेट के स्टार रहे हैं। लेकिन, इस बीच, टेस्ट क्रिकेट में उनकी प्रतिभा कहीं छिप गयी थी। इस अहम टेस्ट से पहले, ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता, मार्कस स्टॉइनिस और ग्लेन मैक्सवेल- दो विक्टोरियन खिलाड़ियों के बीच असमंजस में थी।

मैक्सवेल ने चयनकर्ताओं के भरोसे को बनाए रखा और एक सुलझे हुए खेल का प्रदर्शन किया उन्होंने यह साबित किया कि स्टीव स्मिथ के लिए वह सबसे अच्छे साथी हैं वह नियंत्रण में खेलते हैं और अपने सह खिलाड़ी के साथ बड़ी पारी का निर्माण करते हैं

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