2500 किमी पार कर प्रशंसक ने दी अपने 'धोनी भैया' को चिट्ठी

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2500 किमी पार कर प्रशंसक ने दी अपने 'धोनी भैया' को चिट्ठी

दक्षिण भारत एमएस धोनी के प्रशंसकों का ख़ास गढ़ रहा है, लेकिन चेन्नई के तीन भाइयों ने धोनी के लिए अपने इस प्यार को नए मुकाम तक पहुँचाया है। आकाश, चंद्रू और प्रवीण चेन्नई से दिल्ली, 2500 किमी दूरी तय कर, धोनी को विजय हजारे ट्रॉफी खेलते हुए देखने और उन्हें हाथ से लिखी एक चिट्ठी देने पहुंचे।

चेन्नई सुपर किंग के IPL में शामिल होने के बाद से, चेन्नई में महेंद्र सिंह धोनी के प्रशंसकों की भारी तादाद देखने को मिली है। हालांकि, अब यह फ्रैंचाइज़ी बरक़रार नहीं है, लेकिन चेन्नई में धोनी के फैन्स अब भी मौजूद है। हाल ही में, धोनी के तीन बड़े प्रशंसक, अपने आदर्श से मिलने, चेन्नई से दिल्ली पहुंचे।

जब झारखण्ड की टीम गेंदबाजी कर रही थी, तब ये तीनों भाई तख्ते पर सन्देश लिखकर, दर्शकों की भीड़ से धोनी का नाम चिल्ला रहे थे।

तीन भाइयों में से एक, आकाश ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "हम यहां धोनी से मिलने आएं हैं। हम तीनों 2,500 किमी की दूरी तय करके आये हैं और पिछले चार दिनों से दिल्ली में है ताकि हम धोनी भैया से मिल सके। इसने तो (अपने एक भाई की तरफ इशारा करते हुए) आने काम से भी छुट्टी ले ली है, ताकि हम अपने आदर्श से मिल सके।"

स्पष्टतः, धोनी की शोहरत दक्षिण में अब भी फींकी नहीं पड़ी है, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स दो सालों के लिए प्रतिबंधित है। दोनों तख्तों पर लिखा हुआ था, "हम चेन्नई से है" और "हम आपसे मिलना चाहते हैं, एमएस धोनी"

पिछले सालों में ये तीनों धोनी से मिल पाने में असफल रहे हैं और इस बार अपनी ये इच्छा पूरी करना चाहते हैं। वे धुप से परेशांड नहीं हो रहे थे। उन्होंने दिल्ली तक का सफ़र बेहद कम खर्च में पूरा किया है और आकाश ने राजधानी में अपनी आखिरी दोपहर में एक ख़ास कदम उठाया। आकाश अपने दोनों भाई, चंद्रू और प्रवीण के साथ धोनी की टीम को अभ्यास करते हुए देखने के लिए यहां आये थे और उन्होंने टीम के बस ड्राईवर के पास धोनी के नाम एक चिट्ठी भी छोड़ी। हालांकि, आकाश ने मामला अपने हाथ में लेने का फैसला किया क्योंकि उन्हें लगा कि वर्ना चिट्ठी धोनी तक नहीं पहुंचेगी।

जैसे ही धोनी ने अपने छक्के के साथ मुकाबले को झारखण्ड के नाम किया, आकाश घेरा फांदकर धोनी के तरफ दौड़ पड़े। वह खेल के बीच में दखल देने वाले तीसरे शख्स थे (पहला तब आया जब धोनी बल्लेबाजी करने उतर रहे थे, दूसरे ने बल्लेबाजी के दौरान दखल दी थी)। हालांकि बाकी दोनों की तरह, आकाश का मकसद धोनी का ऑटोग्राफ लेना नहीं था। अपने आदर्श के पास पहुँचते ही, आकाश ने धोनी के पैर छुए और उन्हें चिट्ठी दी और कहा, "मैं 3,000 किमी का सफ़र तय करके आया हूँ।" धोनी ने बड़े ही संजीदगी के साथ कहा, "3000 किमी, सच में।"

मैंने सिर्फ उनका आशीर्वाद लिया, नाकि ऑटोग्राफ और पुलिस कर्मियों ने मुझे पकड़ लिया। मेरा मकसद पूरा हुआ। मैं धोनी भैया को हमारी भावनाएं बताना चाहता था," पुलिस द्वारा छोड़े जाने पर आकाश ने कहा।

वैसे तो पुलिस ने आकाश को उनके तरीके के लिए सजा दी लेकिन उनकी उम्मीदें ख़त्म नहीं हुई। इस घटनाक्रम को बताते हुए, आकाश के चेहरे पर सुकून की मुस्कुराहट थी।

तीनों भाई अब चेन्नई के लिए निकल पड़े है, इस उम्मीद के साथ, कि अगले साल जब चेन्नई सुपर किंग्स की वापसी होगी तो उन्हें एक बार फिर अपने 'धोनी भैया' से मिलने का मौका मिलेगा "धोनी भैया अगले साल चेन्नई (सुपर किंग्स) में वापसी करेंगे हम उनसे तब भी मिलने की कोशिश करेंगे"

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