ग्लेन मैक्सवेल: शतक पूरा करने पर मैं भावुक हो गया था

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ग्लेन मैक्सवेल: शतक पूरा करने पर मैं भावुक हो गया था

अपने पहले टेस्ट शतक पर पहुंचकर ग्लेन मैक्सवेल के भावनात्मक जश्न को देखकर इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि वह उपलब्धि उनके लिए कितनी अहम थी। हालांकि, अब भी वह इस बात को लेकर विश्वस्त नहीं है कि आगे के खेल में पिच की परिस्थिति कैसी करेगी। उन्होंने स्टीव स्मिथ की कप्तानी की तारीफ भी की है।

रांची टेस्ट में ग्लेन मैक्सवेल को मौका देने को लेकर दो राय सामने आ रहे थे। हालांकि, उनके पहले टेस्ट शतक ने संदेह करने वालों को ग़लत साबित कर दिया। उन्हें अब उम्मीद है कि यह शतक उनके कार्यकाल के सुनहरे दिनों की शुरुआत हो।

अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए, मैक्सवेल ने कहा, “मैं रात भर काफी भावुक रहा था। 82 नाबाद रह कर आपको चैन नहीं मिलता। मेरे दिमाग में तरह तरह की बुरी बातें आ रही थी।”

 “शतक लगाते ही मैं बहुत भावुक हो गया। मैं अब भी जब उसके बारे में सोचता हूँ तो अजीब सा एहसास होता है। यह मेरे कार्यकाल में अब तक का सबसे ख़ास पल है, पर उम्मीद है कि यह आखिरी ना हो।”

वैसे तो मैक्सw का टेस्ट कार्यकाल अभी अभी शुरू ही हुआ है (यह उनका चौथा टेस्ट है), लेकिन अब तक उनके नाम कुछ ख़ास उपलब्धियां दर्ज नहीं हुई थी। वह इस बात को मानते हैं कि राष्ट्रीय टेस्ट टीम का हिस्सा बन पाना अपने आप में एक बड़ी बात है। “2014 में आखिरी टेस्ट खेलने के बाद, एक लम्बा वक़्त गुज़र चुका है। राष्ट्रीय टीम में एक बार फिर जगह बना पाना मेरे लिए बेहद ख़ास है।” और अब वह यहाँ से पीछे मुड़कर न देखने की उम्मीद कर रहे हैं, “उम्मीद है, कि इस पारी के बाद मेरी स्थिति सुधरेगी।”

मैक्सवेल ने कप्तान स्टीव स्मिथ के नेतृत्व की भी तारीफ़ की और टीम पर उनके प्रभाव के बारे में बात की।

“वह प्रेरणात्मक खिलाड़ी हैं। वह खेल को इतना आसान बना देते हैं, कि टीम को उससे काफी मदद मिलती है। वह ऐसे खिलाड़ी है जिनपर टीम निर्भर है।

“कभी कभी, उनके सामने गेंद डालना बहुत मुश्किल होता है। आप एक तय योजना के तहत गेंदबाज़ी करते हैं लेकिन वह अपने तरीके बदलते रहते हैं। आपको आखिरी पल तक उन्हें गौर से देखना पड़ता है, उसके बाद ही आप गेंद डाल पाएंगे।

जहां तक पिच का सवाल है, मैक्सवेल को कोई अंदाजा नहीं है, लेकिन वह खराब परिस्थितियों के लिए तैयार हैं। “मुझे पता नहीं पर शायद ख़राब परिस्थितियों का सामना करना पड़े।”

उमेश भी पिच के लेकर काफी उम्मीद में है। “मेरे ख्याल से पिच में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। उम्मीद है कि सब अच्छा ही होगा। पिच बल्लेबाज़ी के लिए सही है। पता नहीं आगे क्या होगा।”

अपनी गेंदबाजी पर बात करते हुए उमेश ने कहा कि वह आलोचनाओं को लेते हुए, अपनी मजबूती और कमजोरियों को समझकर बेहतर करने की कोशिश करते रहते हैं। “मैं पहले भी यही करता था, लेकिन अब मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब मैं अपनी ताक़त और कमजोरियों को समझ गया हूँ। कुछ लोगों ने मेरे पैड पर गेंद डालने के बारे में कहा था, लेकिन अब मैं ऐसा नहीं करता।”

उन्होंने रविन्द्र जडेजा की गेंदबाजी की भी तारीफ की और कहा, “वह अपनी जगह से कभी नहीं भटकते और एक ही स्थान पर गेंद डालते रहते हैं। वह सोच समझकर अपनी गेंद डालते हैं।”

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