धरमशाला का पिच तेज़ गेंदबाजों के अनुकूल, HPCA के क्यूरेटर ने कहा

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धरमशाला का पिच तेज़ गेंदबाजों के अनुकूल, HPCA के क्यूरेटर ने कहा

HPCA क्यूरेटर सुनील चौहान ने कहा है कि उन्होंने विकेट पर कुछ घास छोड़ दिए हैं, ताकि शनिवार से धरमशाला में शुरू होने वाले मुकाबले में तेज़ गेंदबाजों को मदद मिले। उन्होंने कहा है कि स्पिनर भी इस पिच पर खेल सकेंगे और गेंद को उछाल मिलने के कारण, करीब रहने वाले फील्डर को केच मिल सकता है।

भारत ऑस्ट्रेलिया सीरीज का चौथा और आखिरी टेस्ट हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में शनिवार को खेला जौएगा। रांची की तरह ही यह धरमशाला के लिए भी पहला टेस्ट मैच का आयोजन है। हालांकि, रांची से अलग, यहां की पिच में उछाल है, जिसके पांच दिनों तक बरक़रार रहने की उम्मीद है।

प्रमुख क्यूरेटर सुनील चौहान के अनुसार, पिच से तेज़ गेंदबाजों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, "यहां की पिच की यही खासियत है। मैंने इसपर थोड़े घास छोड़े हैं ताकि तेज़ गेंदबाजों को फायेदा मिले। वह तेज़ गेंदबाजी करने में सक्षम होंगे।"

सही परिस्थिति और पिच में नमी के कारण गतिविधियाँ मिलेंगी। स्पिनरों को भी मदद मिलेगी। चौहान ने कहा, "उनको हलकी मदद मिलेगी। पिच में उछाल है इसीलिए पास रहने वाले फील्डरों को केच पकड़ने का मौका मिल सकता है।"

उन्होंने कहा, "बल्लेबाजों की परीक्षा होगी, खासकर सुबह के पहले सत्र में, जिससे उनकी प्रतिभा की पहचान होगी। जब वे इस पिच पर बल्लेबाजी करेंगे तो उनकी कुशलता का पता चलेगा। तेज़ आउटफील्ड से बल्लेबाजों को उनकी शॉट का फायेदा मिलेगा।"

मैदान में 7 पिच मौजूद हैं, बीच में मौजूद पिच का इस्तेमाल किया जायेगा। और दोनों टीमों ने विकेट देख ली है। हालांकि, चौहान ने टॉस जीतने पर टीम के लिए उपयुक्त विकल्प के बारे में कुछ नहीं कहा, और उसे दोनों टीम पर छोड़ना बेहतर समझा।

हालांकि, ऑस्ट्रेलिया रांची के पिच से नाखुश थे और उन्होंने उसे बनाया हुआ बताते हुए विराट कोहली और JSCA पिच क्यूरेटर की निष्ठा पर सवाल खड़े किये थे। चौहान ने कहा कि उन्होंने और उनकी टीम ने किसी का भी पक्ष नहीं लिया है। उन्होंने कहा, "मेरा काम सही पिच तैयार करना है और मैंने वही किया है। मेरी टीम ने काफी मेहनत की है, और किसी का पक्ष लेने का तो कोई सवाल ही नहीं है।"

HPCA स्टेडियम पर अब तक 3 ODI और आठ टी20 आयोजित हो चुके हैं और वे सभी मुकाबले काफी दिलचस्प रहे थे। घरेलू मुकाबलों में, गेंदबाजों को फायेदा मिलता रहा है। परिस्थितियां जैसी भी हो, पर 1-1 की बराबरी वाली इस शृंखला के चौथे और आखिरी टेस्ट में भारत और ऑस्ट्रेलिया को जीत का लक्ष्य निर्धारित करना होगा।

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