भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया। धर्मशाला टेस्ट के पहले दिन की अहम बातें

no photo
 |

© BCCI

भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया। धर्मशाला टेस्ट के पहले दिन की अहम बातें

मुकाबले के पहले दिन भारत के कप्तान को चोट की वजह से बाहर बैठना पड़ा, वहीं प्रशंसकों के लिए कुलदीप यादव हीरो बन कर उभरे जिन्होंने 4/68 का आंकड़ा छुआ। वहीं दूसरी तरफ स्टीव स्मिथ ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए एक और शतक लगाया जिसकी मदद से पहले दिन आॅस्ट्रेलिया 300 रन बना सकी।

स्कोरकार्डः आॅस्ट्रेलिया 300/10 (स्टीव स्मिथ 111, मैथ्यू वेड 57; कुलदीप यादव 4/68) भारत 0/0 (राहुल 0 नाबाद)

स्टीव स्मिथ ने किया साबित आखिर क्यों हैं वो आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के शीर्ष पर

बाॅर्डर गावस्कर ट्राॅफी का आगाज होने से पहले ज्यादातर प्रशंसक और खेल पंडित यही अनुमान लगा रहे थे कि आॅस्ट्रेलिया का भी वही हाल होगा जो इनसे पहले न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और बांग्लादेश के साथ हुआ। बहरहाल, उन्होंने पहले ही मुकाबले में भारत को पुणे टेस्ट में 333 रनों से हराकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। स्टीफन ओ‘कीफ 12 विकेट लेकर सुर्खियों में आए। इस मुकाबले में आॅस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने 109 रन बनाए लेकिन ओ‘कीफ के सामने वो प्रभावित नहीं कर पाए।

रांची में हुए तीसरे टेस्ट मुकाबले में एक बार फिर उन्होंने शानदार पारी खेलते हुए नाबाद 175 रन बनाए लेकिन चेतेश्वर पुजारा के दोहरे शतक की चमक के आगे वो फिर कहीं खो गए। लेकिन आॅस्ट्रेलियाई कप्तान ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी क्षमता को साबित किया। आज एक छोर से लगातार गिर रहे विकेटों के बावजूद उन्होंने अपना शतक पूरा किया। गौर करने वाली बात ये है कि उन्होंने मैदान के हर कोने से रन चुराए।

 © ESPN Cricinfo

सीरीज में अब तक वो 80.03 की औसत से रन बना चुके हैं और उन्होंने साबित कर दिया है कि आखिर क्यों उन्हें इस वक्त दुनिया का बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाज माना जा रहा है।

विश्वास पर खरे उतरे कुलदीप 

किसी खिलाड़ी के लिए एक पदार्पण मुकाबला इतना शानदार भी हो सकता है! स्टीव स्मिथ ने पिच को बल्लेबाजी के मुफीद पाकर भारत को गेंदबाजी के लिए बुलाया। रहाणे ने 27वें ओवर तक चार अहम गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और उसके बाद उन्होंने कुलदीप यादव को गेंद थमाई। धर्मशाला की विकेट पर स्टीव स्मिथ और डेविड वाॅर्नर के टिक जाने के बावजूद रन के प्रवाह को रोकने के बजाय कुलदीप ने सही लेंथ पर गेंदबाजी करने पर फोकस किया।

अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के पहले ओवर की दूसरी गेंद उन्होंने लेंथ डाली जिसे वाॅर्नर ने आसानी से खेलकर इस दौरे पर अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद यादव ने तुरंत ही शाॅर्ट गेंद कराई जिसका जवाब वाॅर्नर के पास नहीं था। लेंथ में हो रहे बदलाव से वाॅर्नर ने रक्षात्मक होकर खेलने की कोशिश की लेकिन वो अपना विकेट ज्यादा समय तक नहीं बचा पाए।

कुलदीप यहीं नहीं रूके। उन्होंने हैंड्स्कोम्ब, मैक्सवेल और कमिंस के भी विकेट हासिल किए। वो अपनी गेंदबाजी में विभिन्नता लाते रहे और दिन का अंत उन्होंने 4/68 के आंकड़े के साथ किया। 

भारत के पास मौजूद है कप्तान के विकल्प

एक वक्त था जब महेन्द्र सिंह धोनी द्वारा तैयार उंचे मापदंडों के बावजूद विराट कोहली ने खुद को इस रोल के लिए साबित किया। मैदान पर ये दिखने लगा है कि कोहली जब मैदान पर होते हैं तब वो गेंदबाजों को अपना काम करने की पूरी आजादी देते हैं, उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार फिल्ड सेट करने की अनुमति देते हैं। वो गेंदबाजी में ऐसे बदलाव करते हैं जो मुकाबले को पूरी तरह से प्रभावित कर देता है, उदाहरण के लिए, उन्होंने रांची टेस्ट में जडेजा को तब तक बचा कर रखा जब तक पिच उनके अनुरूप ना हो जाए।

ऐसे में आखिरी टेस्ट मुकाबले के लिए जब कोहली अनफिट हुए तब लोगों को ये देखने का इंतजार था कि क्या रहाणे इस दबाव का सामना कर पाएंगे। स्टैंड-इन कप्तान के तौर पर ना सिर्फ उन्होंने अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया बल्कि उन्होंने गेंदबाजी में ऐसे परिवर्तन किए जिससे आॅस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी को नुकसान हुआ। पहले विकेट के बाद तेज गेंदबाज उस तरीके से प्रभावित नहीं कर पा रहे थे जैसा उनसे उम्मीद की गई इसलिए उन्होंने स्पिनर्स को गेंद थमाई।

अश्विन और जडेजा विकेट निकालने में संघर्ष करते दिखे तो वो पदार्पण करने वाले खिलाड़ी से गेंद कराने से भी पीछे नहीं हटे।

कुलदीप को पहले दो ओवर में 9 रन पड़े लेकिन इसके बावजूद लंच के बाद भी रहाणे ने उन्हें ही गेंदबाजी के लिए भेजा और इसका लाभ मुकाबले में नजर भी आया। बाद में जब कुलदीप थोड़ा संघर्ष करते नजर आए तो उन्होंने मेहमान टीम पर दबाव बनाए रखने के लिए जडेजा को गेंद दी। ऐसा नजर आता है कि आईपीएल में कप्तानी करने का लाभ उन्हें यहां मिल रहा है।

SHOW COMMENTS