भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया। धर्मशाला टेस्ट के दूसरे दिन की अहम बातें

no photo
 |

© BCCI

भारत बनाम आॅस्ट्रेलिया। धर्मशाला टेस्ट के दूसरे दिन की अहम बातें

आॅस्ट्रेलिया द्वारा पहली पारी में बनाए 300 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम दूसरे दिन के पहले दो सत्र में आगे रही, इसमें बड़ा रोल निभाया केएल राहुल ने जिन्होंने लगातार चार अर्धशतक पूरे किए। लेकिन आखिरी सत्र में नेथन ल्योन द्वारा विकेट निकालने से आॅस्ट्रेलिया की मुकाबले में वापसी हो गई है।

स्कोरकार्डः आॅस्ट्रेलिया 300/10 (स्मिथ 111, वेड 57; कुलदीप 4/68) भारत 248/6 (राहुल 60, पुजारा 57; ल्योन 4/67) आॅस्ट्रेलिया 52 रनों से आगे

एक बार फिर अच्छी शुरूआत को बड़ी पारी में बदलने से चूके केएल राहुल

इसमें कोई दो राय नहीं है कि धर्मशाला टेस्ट का आगाज होने से पहले केएल राहुल ने आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों टेस्ट मुकाबलों में कुल 282 रन बनाकर अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए आखिरी टेस्ट मुकाबले की पहली पारी में कर्नाटक के बल्लेबाज को अच्छी शुरूआत करते देखकर हैरानी नहीं हुई। राहुल ने जल्द ही 50 रन पूरी किए, ये सीरीज में उनका पांचवा अर्धशतक रहा। एक बार फिर वो भारत को मजबूत स्थिति में ले आए।

अर्धशतक पूरा करने के बाद पैट कमिंस की गेंदों ने उन्हें परेशान करना शुरू किया। कमिंस ने शाॅर्ट गेंद कराई जो राहुल के बल्ले का नीचला किनारा लग कर मिड-आॅन पर खड़े फिल्डर के पास आसान कैच के रूप में पहुंची। राहुल को अच्छी शुरूआत तो मिल रही है लेकिन वो अब तक इसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए हैं। नई गेंद के खिलाफ वो काफी मेहनत करते हैं लेकिन फोकस खो देने की वजह से उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ता है। वो इस पक्ष पर काम करके भारतीय क्रिकेट के भविष्य में बड़ा योगदान दे सकते हैं।

स्मिथ ने अपने तेज गेंदबाजों का किया हद से ज्यादा इस्तेमाल

इस टेस्ट मुकाबले के लिए कहा गया थी कि पेसर के मुफीद धर्मशाला की पिच पर आॅस्ट्रेलिया को भारत से ज्यादा फायदा मिलेगा। भारत की पारी के दौरान स्टीव स्मिथ ने इस बात को काफी गंभीरता से ले लिया और उन्होंने जोश हेजलवुड और पैट कमिंस से कुल 39 ओवर की गेंदबाजी कराई।

पेसर का ज्यादा इस्तेमाल करने में परेशानी ये है कि इस पिच पर उनके लिए कुछ करने के लिए खास नहीं है। वैसे कमिंस ने इस मुकाबले में आॅस्ट्रेलिया के स्ट्राइक गेंदबाज की भूमिका का निर्वाह किया। कमिंस ने भारतीय सलामी बल्लेबाज केएल राहुल का विकेट निकाला। वो अच्छी पेस के साथ शाॅर्ट गेंदे डालकर भारतीय बल्लेबाजी की परीक्षा लेते दिखे। वहीं दूसरी तरफ हेजलवुड ने कमिंस का साथ निभाया और मुरली विजय का विकेट हासिल किया।

भारत का रन-रेट उन्हें ले आया अजीब परिस्थिति में

भारत ने अपनी पारी की शुरूआत आॅस्ट्रेलिया से बिल्कुल भिन्न तरीके से की। मेहमान टीम ने एक ओवर में पांच रन लेकर जल्दी पारी को आगे बढ़ाया तो भारत ने ठहर कर खेलने का तरीका अपनाया, जिसका नतीजा हमें इससे पहले रांची टेस्ट में देखने को मिल चुका है। भारतीय खिलाड़ी जल्दी रन बनाने के बजाए लंबी साझेदारी बनाने पर जोर देते दिखे।

भारत को इस मुकाबले में विराट कोहली की सेवाएं नहीं मिल रही हैं, वो एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो ये दोनों काम करने में सक्षम हैं। पुजारा ने 57 रनों की पारी खेलने के लिए 151 गेंदों का सामना किया। कुछ लोग इस पर चर्चा कर सकते हैं कि टेस्ट मुकाबला होने की वजह से 37 की स्ट्राइक रेट के लिए उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए, वरना ये पिच ऐसे खिलाड़ी के बल्लेबाजी के लिए उतनी मुश्किल नहीं है जो शानदार फाॅर्म में चल रहा हो। भारत की चिंता अब नीचले क्रम के ढह जाने को लेकर है, आॅस्ट्रेलिया को मुकाबले के आखिरी दिन गेंदबाजी करने का थोड़ा ज्यादा फायदा मिल सकता है, जब ये पिच पुणे की तरह स्पिन करना शुरू कर देगी।

भारत को इससे उबरने के लिए सुबह के सत्र में फोकस करना होगा और उन्हें कम से कम तीन अंकों की बढ़त हासिल करनी होगी जिससे मेहमान टीम पर दबाव बनाया जा सके।

दिन के आखिरी सत्र में ल्योन ने कराई आॅस्ट्रेलिया की वापसी 

इसमें कोई शक नहीं है कि नेथन ल्योन इस सीरीज में आॅस्ट्रेलिया के शानदार गेंदबाज रहे और आज एक बार फिर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित करते हुए दूसरे दिन के आखिरी सत्र में जल्द विकेट निकाले। चाय के बाद अपने पहले ओवर में ल्योन ने चेतेश्वर पुजारा को वापस भेजा। 

आज स्मिथ ने अपने स्पिनर्स का इस्तेमाल किफायती रूप में किया। चाय के बाद ल्योन ने अपनी गेंदबाजी के दौरान विकेट से टर्न और बाउंस हासिल करने का काम किया। ल्योन का अगला शिकार करूण नायर बने। उन्होंने रहाणे को भी पवैलियन भेजा जिनका कैच स्लिप पर खड़े कप्तान स्मिथ ने पकड़ा। दूसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले उन्होंने अश्विन का विकेट भी हासिल कर लिया।

SHOW COMMENTS