CoA का आदेश; BCCI तत्काल करे चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम का ऐलान

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CoA का आदेश; BCCI तत्काल करे चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम का ऐलान

प्रशासनीय समिति ने BCCI को यह आदेश दिया है कि वह अपने चयनकर्ता समिति से आने वाले ICC चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का चुनाव करने को कहे। CoA ने यह स्पष्ट किया है कि BCCI भारतीये टीम के ICC टूर्नामेंट में भाग लेने की बात पर संज्ञान नहीं ले सकता।

CoA ने अमिताभ चौधरी के नाम एक चिट्ठी भेजी है जिसमें यह सवाल किया गया है कि 25 अप्रैल की समय सीमा तय होने के बावजूद, उस तारिख तक चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का ऐलान क्यों नहीं किया गया। COA ने दुबई में हुई बैठक के दौरान BCCI के राजस्व को लेकर मोल भाव करने की शैली पर भी सवाल खड़े किये हैं।

"1 जून 2017 से शुरू होने वाले ICC चैंपियनशिप ट्रॉफी 2017 में भारत के सफल प्रदर्शन के लिए तैयारियां करना ज़रूरी है। आपको यह पहले से पता था कि ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के लिए भारतीय टीम के ऐलान का आखिरी दिन 25 अप्रैल को तय किया गया था, लेकिन टीम का अभी तक चयन भी नहीं हुआ है। आपसे निवेदन है कि आप जल्द से जल्द चयनकर्ता समिति की बैठक बुलाएं और टीम का चयन करे। और BCCI अपनी नाराज़गी को भुलाकर ICC के सामने अपनी चुनी हुई टीम पेश करे," चौधरी को दी गयी चिट्ठी में लिखा गया। 

COA ने बोर्ड के अधिकारियों पर टूर्नामेंट से पहले अपनी राष्ट्रीय टीम को समर्थन करने के बजाय एक नकारात्मक वातावरण उत्पन्न करने का आरोप लगाया।

"भारतीय टीम को अच्छे प्रदर्शन के लिए समर्थन की ज़रुरत है, नाकि ऐसे नकारात्मक स्थिति की। ICC चैंपियंस ट्रॉफी से पहले, काफी बुरी परिस्थितियां उत्पन्न हो चुकी हैं और अब इन पर जितनी जल्दी अंकुश लगाया जाए उतना अच्छा," चिट्ठी में लिखा गया।

ज़िंबाबवे को भारत का हिस्सा मिलने पर BCCI के अधिकारिक बयान के जवाब में, COA ने BCCI से कहा कि भारत ने वैश्विक क्रिकेट में अपना स्थान सकारात्मक सोच के साथ बनाया है, नाकि ऐसे 'नकारात्मक विचार' के साथ। 

'टीम को बढ़ी उपलब्धियों तक पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए, जिससे खुद-ब-खुद अच्छा राजस्व हाथ आएगा, " चिट्ठी में लिखा गया।

"BCCI ने ICC में अपना प्रमुख स्थान ऐसे विरोधी स्वाभाव से नहीं बल्कि सकारात्मक विचार धारा और भाईचारे के साथ कायम किया है जिससे क्रिकेट को काफी मदद भी मिली है।"

ICC के खिलाफ भारतीय बोर्ड द्वारा बनाए गए कानूनी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए CoA ने इसकी वजह पूछी है।

"ऐसी परिस्थितियों में ICC को नोटिस भेजे जाने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी क्योंकि यह निर्णय पूरे विचार विमर्श के साथ लिया गया था," चिट्ठी में लिखा गया।

"हमें नहीं लगता कि अगर SGM से पहले ICC को कोई नोटिस नहीं दी जाएगी तो BCCI के कानूनी अन्धिकारों का उलंघन होगा। ऐसे फैसले काफी विचार विमर्श और एक सही ढंग से लिए जाते हैं। सिर्फ SGM के निर्णय पर ही प्रशासक समिति ICC को नोटिस देने की बात पर विचार करेगी।

"हमारा मानना है कि BCCI ने अभी तक मोल भाव करने का सही अवसर नहीं दिया है। हमारे 21 अप्रैल 2017 की बैठक में जैसा कि कहा गया था कि 18 अप्रैल 2017 में हुए स्पेशल जनरल मीटिंग के तरह आप ICC या किसी अन्य क्रिकेट बोर्ड से मोल भाव नहीं कर सकते।" 

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