हर्षा भोगले: चैंपियंस ट्राॅफी के लिए भारत नहीं है पंसदीदा टीम

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हर्षा भोगले: चैंपियंस ट्राॅफी के लिए भारत नहीं है पंसदीदा टीम

हर्षा भोगले ने दावा किया है कि चैंपियंस ट्राॅॅफी में भारत के बजाए इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका पंसदीदा टीम के तौर पर अभियान का आगाज करेंगे। भोगले ने अपने पोस्ट में इसके पीछे की वजहों का जिक्र किया है साथ ही चैंपियन रही भारतीय टीम की मजबूती और कमजोरी को भी उजागर किया।

हर्षा भोगले जो क्रिकेट की गहरी जानकारी और भारतीय क्रिकेट टीम की आवाज के तौर पर पहचाने जाते हैं, उन्होंने क्रिकबज़ पर चैंपियंस ट्राॅफी में चुने गए भारतीय दल का आंकलन किया। भोगले ने अपने ब्लाॅग के शुरूआत में बताया कि चयन समिति ने टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को चुनने के लिए आईपीएल की फाॅर्म को दरकिनार कर दिया। उन्होंने बताया कि टी20 और 50 ओवर के प्रारूप में विकेट की अहमियत अलग-अलग होती है।

भोगले ने लिखा, ‘‘20 ओवर के खेल में खिलाड़ियों की मानसिकता गेंद को मारने की होती है, चाहे वहां रिस्क मौजूद हो। पारी की शुरूआत से ही वो 50-50 शाॅट्स खेलते हैं। और इस तरह से जो स्थिति वो तैयार करते हैं, वो एक तरह से बेसबाॅल के अंदाज में जोखिम से भरी हुई रहती है। सबसे अहम बात, ये ज्यादा दुखद नहीं होता है अगर आप आउट हो जाते हैं क्योंकि 14 में से सात या आठ बार आपने शानदार पारी खेली, आपने अच्छा काम किया।’’

हर्षा ने एमएस धोनी और शिखर धवन के चयन पर सहमति जताई और बताया कि इन दोनों खिलाड़ियों के पास लंबी पारी खेलने की क्षमता है, जो टी20 प्रारूप में देखने को नहीं मिल पाई। बहरहाल, 55 वर्षीय हर्षा ने इस तरफ भी इशारा किया कि भारतीय बल्लेबाजों की ज्यादा परीक्षा नहीं हो पाई है क्योंकि वो घरेलू मैदान में ही खेले हैं और भारत के खराब प्रदर्शन का एक अहम कारण इंग्लिश माहौल में भारतीयों का तालमेल ना बिठाना हो सकता है।

55 वर्षीय इस शख्स ने कहा, ‘‘धोनी का आईपीएल स्ट्राइक रेट या शुरूआती कुछ मुकाबलों में शिखर धवन द्वारा पारी का आगाज चिंता का विषय नहीं है क्योंकि लंबी पारी खेलनेे की काबिलियत ज्यादा मायने रखता है। इसलिए ये अनुमानित लाइन-अप है। जो सबसे बड़ी चिंता है वो इंग्लैंड के माहौल से तालमेल बिठाना है और हाल में वहां उच्च स्कोर के मुकाबलों की उम्मीद है, ऐसी परिस्थिति को संभालने के लिए अच्छी फाॅर्म वाले बल्लेबाजों की जरूरत है। आईपीएल में ऐसा कोई सबूत नहीं मिलता है।’’

साथ ही, उन्होंने कमेटी के फैसले की आलोचना की है जिसमें वो कुलदीप यादव जैसा बेहतर विकल्प होने के बावजूद वो अतिरिक्त बल्लेबाज को साथ भेज रहे हैं। हर्षा के मुताबिक कुलदीप की खास गेंदबाजी से विराट कोहली को गेंदबाजी डिपार्टमेंट में मदद मिल सकती है। भोगले के मुताबिक ये चाइनामैन गेंदबाज टिके हुए स्तरीय बल्लेबाजों का विकेट सरलता से निकाल सकता है।

हर्षा ने समझाते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है चयन समिति चिंतित थी क्योंकि उन्होंने जरूरत से ज्यादा एक अतिरिक्त बल्लेबाज को रखा। आप शुरूआती मुकाबलों में पहले पसंद किए हुए खिलाड़ियों को ही उतारते हैं, अगर जरूरत होती है तो एक खिलाड़ी रिजर्व में रहता है, इसका मतलब है आपने ऐसा कर लिया है। मैं एक अतिरिक्त स्पिनर के बारे में सोच रहा था जो कुलदीप यादव जैसा विशेष खिलाड़ी हो, जो कप्तान के कहने पर गेंदबाजी में लचीलापन दे सकता है।’’

‘‘उसने आईपीएल में कई बेहतरीन बल्लेबाजों को चलता किया, अगर वो आक्रामक रूप में हैं तब भी इस खिलाड़ी का प्रदर्शन देखना शानदार रहा। आर अश्विन और रविन्द्र जडेजा की परीक्षा हो चुकी है और मैं उन्हें विश्वसनीय कह सकता हूं लेकिन यादव के साथ रहने से इन दोनों में से किसी के भी अप्रभावी रहने पर मदद मिल सकती है।’’

कमेंटेटर ने केदार जाधव को लेकर चिंता प्रकट की जिन्हें अब तक विदेशों में खेलने का अनुभव नहीं मिल पाया है। ऐसा होना जाधव और भारत के लिए लाभदायक हो सकता है।

मशहूर कमेंटेटर ने कहा, ‘‘भारत के नजरिए से देखा जाए तो रोहित शर्मा का मुंबई इंडियन्स के लिए पारी की शुरूआत करना अच्छा है और अगर उनके साथ अजिंक्य रहाणे मिल जाए तो ये बड़ी पारी खेल सकते हैं, दोनों के पास काफी अनुभव है जिसकी मदद से वो माहौल में ढल सकते हैं। ये परीक्षा केदार जाधव के लिए है जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन वो आरसीबी के लिए वैसी ही मैच जिताउ पारी नहीं खेल पाए थे।’’

वहीं गेंदबाजों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह को शानदार लय में देखना खुशी देता है। इन तीनों का खेलना निश्चित है और अगर स्थिति सीम के अनुकूल रही तो हार्दिक पांड्या को अतिरिक्त विकल्प के तौर पर शामिल कर सकते हैं। विराट कोहली को ये मानना होगा कि पांड्या 10 ओवर कराए क्योंकि जाधव और युवराज भारतीय परिस्थिति में अच्छे बैकअप गेंदबाज हैं, लेकिन हो सकता है कि इंग्लिश कंडिशन में ऐसा ना कर पाएं।’’

‘‘मुझे लगता है कि भारत को छह बल्लेबाज, दो स्पिनर और तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए और अश्विन और जडेजा नंबर 7 और 8 पर बचे हुए ओवर के मुताबिक क्रम में बदलाव कर सकते हैं। ये देखकर खुशी होती है कि मोहम्मद शमी के खाते में कुछ ओवर शेष हैं और सच्चाई ये है कि दिल्ली डेयरडेविल्स उन्हें हमेशा अंत में गेंदबाजी विकल्प के लिए नहीं चुनती है इसका मतलब है कि वो अपने उच्च फाॅर्म में नहीं है इसलिए वो रिजर्व गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं।’’

इतना ही नहीं भोगले ने ये भी बताया की आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद क्यों कुछ खिलाड़ियों को दरकिनार कर दिया गया। 

उन्होंने कहा, ‘‘जो प्राथमिकता दी गई है उसके मुताबिक रोबिन उथप्पा को डोमेस्टिक सत्र में और अच्छा करने की जरूरत है और ऋषभ पंत को बैकअप कीपर के तौर पर रखा है इसका मतलब है कि बड़े प्लेटफाॅर्म में उनके दस्तक देने का वक्त आ चुका है लेकिन यहां मुकाबला काफी कड़ा है। वहीं चयनकर्ता बासिल थम्पी का और क्रिकेट देखना चाहते हैं और वो भारत के संभावित खिलाड़ियों में से एक है।’’

हर्षा ने अंत करते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता है कि भारत फेवरेट के तौर पर शुरूआत करेगी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड ऐसा करेंगे।’’ अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने माना कि टीम अगर सेमीफाइनल में पहुंच जाती है तो दो मुकाबलों में उच्च स्तरीय प्रदर्शन उन्हें इस खिताब के करीब ला सकता है इसलिए उन्हें सेमीफाइनल का लक्ष्य बनाना चाहिए।

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