मेनचेस्टर यूनाइटेड | पाॅल पोग्बा के साथ दिक्कत क्या है?

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मेनचेस्टर यूनाइटेड | पाॅल पोग्बा के साथ दिक्कत क्या है?

जहां एक तरफ लोगों ने यूनाइटेड का पाॅल पोग्बा को दोबारा साइन करने का सामर्थन किया, वहीं ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पोग्बा को उनकी योग्यता से कहीं ज्यादा रकम दी जा रही है। मैनचेस्टर सिटी, फेनूर्ड और वैटफोर्ड के खिलाफ उनका हालिया प्रदर्शन कहीं लोगों की इस आशंका को सच में तो नहीं बदल रहा?

ब एप्पल अपना आईफोन 7 रिलीज कर रहा था, उस वक्त उस ऐलान का इंतजार पूरी दुनिया कर रही थी। मगर यहां आईफोन से ज्यादा उसके दाम को लेकर लोगों में हैरानी देखने को मिल। जो लोग इसे खरीदने में असमर्थ थे उनके लिए ये पैसे की बर्बादी से ज्यादा कुछ नहीं था जबकि एप्पल फोन के दीवानों के लिए ये एक ऐसा प्रोडक्ट है जो उनके लिए बदलाव लाएगा।

पाॅल पोग्बा के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। कई समर्थकों ने यूनाइटेड के पाॅल पोग्बा को जुवेंट्स से दोबारा साइन करने के कदम की प्रशंसा की है तो कई लोगों ने इस फ्रांसिसी खिलाड़ी के लिए यूनाइटेड द्वारा मोटी फीस दिए जाने का विरोध किया। इसकी आलोचना की दलीलें तब और ज्यादा बढ़ गई जब यूनाइटेड का मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ पहले हाफ का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। बहरहाल यूनाइटेड की इस हार के लिए पोग्बा पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं थे।

नकारात्मक टिप्पणियों का बाजार उस वक्त और गरमाने लगा जब यूनाइटेड को फेनूर्ड और वैटफोर्ड से लगातार हार का सामना करना पड़ा। प्रशंसकों और खेल पंडितों ने इन असफलताओं के लिए पोग्बा को निशाना बनाया। किसी खिलाड़ी को उंची कीमत पर अनुबंधित करने का नतीजा इतना बुरा भी हो सकता है। 89 मिलियन कीमत का टैग पहले उनकी क्षमता का परिचायक था लेकिन अचानक ही ये ठप्पा उनके गले का पत्थर साबित हो गया।

लेकिन क्लब के लिए किसी भी खिलाड़ी की सफलता या विफलता उसके कोच पर निर्भर करती है। जोस मोरिन्हो बेशक आधुनिक फुटबाॅल के एक चतुर जानकार हैं लेकिन पोग्बा के साथ उनकी शुरूआती रणनीति मैनचेस्टर डर्बी की हार से पहले ही विफल हो रही थी। हल सिटी के खिलाफ पोग्बा की मैदान पर पोजीशन संतोशजनक नहीं थी। विरोधी टीम की रक्षात्मक रणनीति में शायद ही वो कोई खलल डाल पाए और पूरे मैच के दौरान केवल एक बार मौका बनाने में किसी तरह सफल हुए।

शुरूआती मुकाबले में मोरिन्हो की 4-2-3-1 की फाॅर्मेशन की रणनीति अच्छी रही लेकिन पेप गाॅर्डिओला से हार के बाद टीम की कमियां नजर आने लगी। सिटी के खिलाफ मैच के पहले हाफ में पोग्बा की मारोएन फेलायिनी के साथ मिड-फील्ड पर साझेदारी जमी नहीं और विरोधी को बढ़त मिली। ऐसा ही कुछ फिनूर्ड के साथ हुए मैच में दिखा, जहां इस फ्रांसिसी खिलाड़ी ने मिड-फील्ड पर एंडर हेरेरा और माॅर्गन श्नाइडरलीन के साथ त्रिकोण में भूमिका निभाई लेकिन उनका प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा।

सिटी के विरूद्ध पहले हाफ में ही विरोधी को बढ़त मिली। ऐसा ही नजारा फिनूर्ड के साथ खेले मुकाबले में दिखा। फिनूर्ड ने यूनाइटेड के खिलाड़ियों को अपने जिद्दी व्यवहार से इतना कुंठित कर दिया था कि हताशा उनके चेहरों पर साफ नजर आ रही थी।

जब यूनाइटेड के पास वैटफोर्ड के खिलाफ अपनी लगातार तीसरी हार को रोकने का मौका था तब मिड-फील्ड पर फेलायिनी और पोग्बा एक बार फिर नाकाम रहे और इस बार तो वो काफी बुरी तरह असफल रहे। उन्हें मैच में 3-1 से हार झेलनी पड़ी। इस मैच में वैटफोर्ड के शुरूआती दो गोल करने के समय तक वहां यूनाइटेड के दोनों सेंट्रल मिड-फील्डर मौजूद ही नहीं थे, ऐसे में मोरिन्हो को ये एहसास हो जाना चाहिए कि पोग्बा के लिए चुने गए मिड-फील्ड साझेदार यूनाइटेड की किस्मत का फैसला करेंगे।

जुवेंट्स में पोग्बा मिड-फील्ड त्रिकोण का अहम हिस्सा थे। इस त्रिकोण को साथी खिलाड़ियों द्वारा संरक्षण प्राप्त था। पोग्बा विरोधी टीम के हाफ तक बढ़ चुके थे, वहीं क्लाॅडियो मारचिसियो अभी गणना ही कर रहे थे और उधर एंड्रिया पिर्लो को यह एहसास हुआ कि वे अपने निर्धारित स्थान से हट चुके हैं जो उनके साथी खिलाड़ियों द्वारा बनाया गया था। 2015-16 सत्र में मैक्स एल्गेरी की देखरेख में पोग्बा को एक तरफ क्लाॅडियो का तो वहीं दूसरी तरफ आत्मविश्वासी समी खेदिरा का बेहतरीन साथ मिला, जिसकी वजह से जुवेंट्स ने वापसी करते हुए चैथी बार जीत का सेहरा बांधा।

पर अब यूनाइटेड में मोरिन्हो के फैसले के अनुसार जलाटन इब्राहमोविच और वायने रूनी को स्टार्टिंग लाइन-अप में खिलाया जाने लगा जिससे पोग्बा का कद छोटा करने का प्रयास किया गया। रूनी अब 10 नंबर पर खेलते हैं जिसका साफ मतलब है कि अब पोग्बा की जगह रूनी पेनल्टी एरिया में दौड़ते नजर आएंगे। फेलायिनी ना तो अच्छे पासर हैं और ना ही वे खेल की गणना ठीक से कर पाते हैं जिसका खामियाजा पोग्बा को उठाना पड़ता है। मैदान पर उनकी शारीरिक क्षमता के बावजूद भी पोग्बा के साथ उनकी जोड़ी व्यर्थ है। वहीं हेरेरा एक अच्छे पासर हैं और माॅर्गन के पास रणनीति को समझने की काफी अच्छी क्षमता है पर दोनों के ही पास माइकल कैरिक और बास्टियन श्वेनस्नाइगर जैसे अनुभवी नेतृत्व की कमी है।

जर्मन और कैरिक को मौजूदा विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है। वहीं जोस मोरिन्हो और श्वेनस्नाइगर के बीच की कैमिस्ट्री सीजन के शुरूआत से कहीं पहले ही खत्म हो चुकी हैं। कैरिक द्वारा मिड-फील्ड पर भूमिका निभाने से निश्चित ही पोग्बा को अपना बेहतरीन खेल दिखाने में मदद मिलेगी। मैदान में कैरिक की शांत प्रवृति और सही समय पर पास देने की क्षमता यूनाइटेड के सेंटर के खिलाड़ियों को भी सब सही करने की प्रेरणा देगी। वैटफोर्ड के खिलाफ रूनी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए मोरिन्हो इस खिलाड़ी की जगह हेरेरा को मौका दे सकते हैं जिससे पोग्बा को भी फाइनल थर्ड में खुलकर अपना खेल दिखाने का मौका मिलेगा।

इसके साथ ही लगता है कि यूनाइटेड में आने तथा वैटफोर्ड और फिनूर्ड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद पोग्बा का अपने खेल के प्रति नजरिया काफी बदला है। सब कुछ अकेले ही संभालने का प्रयास उन्हीं के लिए नुकसानदेह साबित हुआ। पाॅल स्कोल्स ने हाल ही में इस मुद्दे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ‘‘वह खेल के हर हिस्से में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश करते हैं। मेरे ख्याल से वह हमेशा बाॅल के साथ कुछ अधिक करने की कोशिश करते हैं।’’ उन्हें यह याद दिलाने की जरूरत है कि उनका पूर्व क्लब लगातार चार सीरीज का विजेता रहा है। वो सारे खिताब सिर्फ इनकी क्षमता के कारण ही नहीं जीते बल्कि टीम के कई हुनरमंद खिलाड़ियों की उपस्थिति के कारण हासिल हुए। मौजूदा समय में यूनाइटेड के पास जुआन माटा, एंटनी मार्शन, मार्कस रैशफोर्ड और वायने रूनी जैसे खिलाड़ी हैं जो विपक्षी टीम के लिए सिरदर्द बन सकते हैं। सवाल ये नहीं है कि पोग्बा में सामथ्र्य है या नहीं बल्कि उन्हें टीम की बेहतरी के लिए ये समझना होगा कि जिसका जो काम है उसे ही वो काम करने दिया जाए।

ऐसा साफ तौर पर दिख रहा है कि पोग्बा का रवैया या प्रोफेशनलिज्म उनके फाॅर्म की गिरावट का कारण है ये हास्यास्पद है। उनका हेयर स्टाइल हो या फिर जश्न मनाने का तरीका, ये कभी भी मैदान में उनके खेल के बीच नहीं आया। इंटरनेट पर उनका मजाक उड़ाया जाए या फिर उनपर जातिवाद से जुड़ी टिप्पणी की जाए, ये सब उन्हें जुवेंट्स के लिए खूबसूरत गोल करने से कभी नहीं रोक पाया।

हाल ही में जोस मारिन्हो ने अपने स्टार खिलाड़ी के प्राइस टैग का बचाव करते हुए कहा कि ‘‘मैं सोचता हूं कि कई क्लब 20, 30, 40 मिलियन पाउन्ड तक दे देते हैं जो मैनचेस्टर यूनाइटेड द्वारा पाॅल को दी जाने वाली डील से भी कहीं अधिक है।’’

अब ये एक ऐसा समय है जिसमें पुर्तगाली प्रबंधक को अपने द्वारा कहे गए वाक्यों पर ध्यान देने की जरूरत है और साथ ही अपने विश्वासी और चहेते मिड-फील्डर के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की ओर ध्यान देना चाहिए। यूनाइटेड की ड्रेसिंग रूम में मौजूद वायने रूनी और माइकल कैरिक जैसे सीनियर खिलाड़ियों की बात, 23 साल के इस युवा खिलाड़ी को याद रखनी चाहिए, उनके मुताबिक पाॅल को मैदान पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाने की जरूरत नहीं है। मैनेजर के साथ बैठ कर वो अपनी स्थिति की समीक्षा करे और उनके चाहने वालों की तरफ से प्रोत्साहन मिले तो वो पोग्बा हमें दोबारा मिल सकेगा जिसे सभी देखने की इच्छा रखते हैं।

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