मेजर ध्यानचंद के लिये सम्मान पूरी दुनिया में, पर भारत में नहीं - दिलीप तीर्कि

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मेजर ध्यानचंद के लिये सम्मान पूरी दुनिया में, पर भारत में नहीं - दिलीप तीर्कि

‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से दुनिया भर में मशहूर मेजर ध्यानचंद को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की मांग को लेकर देश के कई जाने माने खिलाड़ी प्रदर्शन करेंगे। 

भारतीय हॉकी खिलाड़ियों का एक जत्था दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाला है।दरअसल यह जत्था ध्यानचंद के लिए भारत रत्न की मांग करने के लिए जमा हो रहा है । पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की ने दुख जताते हुए कहा है कि आज भी हमें ध्यानचंद के लिए अवॉर्ड की मांग करनी पड़ रही है जिसे बहुत पहले ही दिया जाना चाहिए था। पूर्व हॉकी कप्तान और राज्यसभा के सदस्य तीर्कि  ने कहा है-हम बहुत पहले से ही ध्यानचंद जी को सम्मान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, वो खुद अपनी महानता के लिए जाने जाते रहे हैं और यह बहुत दुख की बात है कि हमें आज भी इस सम्मान के लिए लड़ाई करनी पड़ रही है जबकी बहुत पहले ये अवार्ड उन्हें दे देना चाहिए था।

पूर्व हॉकी खिलाड़ी जैसे अशोक कुमार, जफर इकबाल, अजीत पाल सिंह, एमके कौशिक, ए बी सुब्बैया, मोहम्मद रियाज, आशीष बलाल, मुकेश कुमार और दिलीप तिर्की मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे और एक बार फिर ध्यानचंद के लिए भारत रत्न की मांग को दोहराएंगे ।तिर्की ने दुख जताते हुए कहा कि ध्यान चंद जी की महानता को पूरी दुनिया जानती है हालांकि भारत में ही उन्हें उनका उचित सम्मान नहीं दिया गया । हमने बहुत कोशिश की है पूर्व में और हम काफी करीब भी पहुंच गए थे कि ये सम्मान ध्यानचंद जी को मिल जाए पर यह संभव नहीं हो पाया। ध्यानचंद जो एक महान खिलाडी हैं उनके खेल को सब ने देखा है और जाना है। उनकी वजह से ही भारत को तीन बार ओलंपिक में गोल्ड मेडल मिले है, लेकिन उनके इस योगदान को हर बार दरकिनार करते हुए उन्हें अवार्ड से दूर रखा गया है । ध्यानचंद ही वह खिलाड़ी है जिनकी वजह से स्पोर्ट्स में भारत का नाम पूरी दुनिया में मशहूर हुआ। इलाहाबाद में जन्मे इस महान खिलाड़ी को बहुत सम्मान मिले हैं जिनमें एडोल्फ हिटलर ने भी उनके खेल को सराहा था, ब्रिटिश गवर्नमेंट भी उनकी तारीफ के कसीदे गढ़ा करती थी। पर भारत के लाल को ही भारत में सम्मान नहीं मिला।

इसके पहले साल 2013 में स्पोर्ट्स मिनिस्टर जितेंद्र सिंह ने एक रिकमंडेशन लेटर pm को फॉरवर्ड किया था इसमें ध्यान चंद जी का नाम आगे करते हुए इस बात का जिक्र किया गया था कि मेजर ध्यानचंद सबसे उपयुक्त स्पोर्ट्स मैन है जिन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए ।वह उन सारे पहलुओं पर खरे उतरते हैं, उनके योगदान के लिये उन्हें ये अवार्ड मिलना ही चाहिये..

हालांकि तब ध्यानचंद को भारत रत्न सम्मान नहीं दिया जा सका था । पीएमओ ने तभी यह तय किया था कि भारत रत्न सम्मान सचिन तेंदुलकर और वैज्ञानिक सीएनआर राव को दिया जाए ।

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