पूर्व हॉकी खिलाड़ियों का जंतर मंतर पर प्रदर्शन, ध्यानंचद को भारत रत्न की मांग दोहराई

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पूर्व हॉकी खिलाड़ियों का जंतर मंतर पर प्रदर्शन, ध्यानंचद को भारत रत्न की मांग दोहराई

 खेल में जब से देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिया जाने लगा तब से आज तक सबसे आगे हॉकी के पूर्व खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद  का नाम रहा है। जब देश उनके 111वें जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मना रहा है, उस दिन पूर्व हॉकी खिलाड़ी जैसे अशोक कुमार, जफर इकबाल, अजीत पाल सिंह, एमके कौशिक, ए बी सुब्बैया, मोहम्मद रियाज, आशीष बलाल, मुकेश कुमार और दिलीप तिर्की जंतर मंतर पर उनके लिये अवार्ड की मांग कर रहे थे।

 

ध्यानचंद जी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने पूर्व खिलाड़ी दिलीप तीर्कि ने कहा- देखिये हम सब आज ओलंपिक में मेडल जीतने के लिये कितनी मशक्कत कर रहे हैं। और धायानचंद जी जिन्होंने 3 बार गोल्ड मेडल(1928,1932 और 1936)जीता और आज भी उन्हें ही उनके हक का सम्मान नहीं मिल रहा। हो सकता है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण हो

 

पूर्व हॉकी कप्तान इक़बाल ने बताया की साल 2014 में पूर्व प्रधानमंत्री ने उनकी मांग का साथ दिया था।

2014 में पूर्व पीएम ने हमारा साथ दिया था, पर अब तक कुछ हो नहीं पाया। जैसे क्रिकेट में ब्रैडमैन, मो. अली बॉक्सिंग में और पेले का नाम फुटबॉल के लिये जाना जाता है, वैसे ही मेजर ध्यानचंद का हॉकी के लिये है। यहां तक की दूसरे खेल के खिलाड़ी भी इस बात से सहमत हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने भी रेडियो पर मन की बात के दौरान ध्यानचंद की तारीफ की थी और उन्हें सच्चा खिलाड़ी और देशभक्त बताया था।

मेजर ध्यानचंद सच्चे खिलाड़ी और देशभक्त थे। उन्होंने भारत को 3 बार (1928, 1932, 1936)गोल्ड मेडल जीतने में मदद की।

मोदी ने कहा- 'महान क्रिकेट खिलाड़ी डॉन ब्रैडमैन ने भी कहा था कि ध्यानचंद गोल ऐसे करते हैं, जैसे रन बना रहे हों।'

 

महानतम खिलाड़ियों मे एक ध्यानचंद ने अपन करियर में भारत के नाम 3 गोल्ड मेडल कर दिये। खेल के नक्शे पर भारत का नाम हॉकी में सुपरपावर में शुमार किया। अलाहाबाद में जन्मे इस खिलाड़ी को हिटलर ने भी सराहा और ब्रिटिश सरकार ने भी सम्मानित किया, पर उन्हें ही आज तक भारत रत्न नहीं दिया गया।  

 

 

इसके पहले साल 2013 में खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सिफारिशी चिट्ठी पीएम को भेजी थी और ध्यान चंद जी का नाम आगे करते हुए इस बात का जिक्र किया गया था कि मेजर ध्यानचंद सबसे उपयुक्त खिलाड़ी हैं जिन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए ।वह उन सारे पहलुओं पर खरे उतरते हैं, उनके योगदान के लिये उन्हें ये अवार्ड मिलना ही चाहिये..

 

हालांकि तब ध्यानचंद को भारत रत्न सम्मान नहीं दिया जा सका था । पीएमओ ने तभी यह तय किया था कि भारत रत्न सम्मान सचिन तेंदुलकर और वैज्ञानिक सीएनआर राव को दिया जाए ।

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