एशियन चैंपियंस ट्राफी 2016 | कोरिया को पेनल्टी शूट-आउट में हराकर भारत फाइनल में पहुंचा

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एशियन चैंपियंस ट्राफी 2016 | कोरिया को पेनल्टी शूट-आउट में हराकर भारत फाइनल में पहुंचा

भारत ने एशियन चैंपियंस ट्राफी के पहले मुकाबले में कोरिया को पेनल्टी शूट-आउट में 5-4 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अधिकारिक समय समाप्त होने तक इस रोमांचक मुकाबले स्कोर 2-2 से बराबर रहा परन्तु पेनल्टी शूट-आउट में भारतीय गोलकीपर श्रीजेश के शानदार बचाव ने भारत को फाइनल में पहुंचा दिया।

पहला क्वार्टर

भारत ने धीरे से खेल के शुरुआत करते हुए गेद को बढ़ाना शुरू किया। दूसरे ही मिनट में सरदार सिंह की गलती से गेंद कोरिया को मिला गयी परन्तु भारतीय रक्षापक्ति ने शानदार बचाव करते हुए गेंद पर फिर से नियन्त्र कर लिया। चौथे मिनट में भारत कोरिया की रक्षापंक्ति को भेदा परन्तु शॉट कोरिया द्वारा बचा लिया गया।

भारत को प्रदीप मोर को गलत तरीके रोकने के लिए 7वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला जो गेंद को ठीक से ना रोक पाने के कारण गोल में नहीं बदला जा सका और्बहार्ट के हाथ से बढ़त बाने का एक अच्छा मौका जाता रहा। हालांकि भारत ने दबाव बनाये रखा और रमनदीप को मौका मिला परन्तु गेंद डिफेंडर से लग कर बहार चली गयी।

पहले क्वार्टर के अंतिम मिउते में भारत को एक लॉन्ग कार्नर मिला जो कोथाजीत के पास आया और कोथाजीत ने गेंद ने गेंद आकशदीप के लिए बढ़ाई जो डिफेंडर से लग कर उनके पास पहुंची और आकाशदीप ने उसे गोल में पहुँचाने में कोई गलती नहीं की। उसके 30 सेकंड बाद कोरिया को पेनल्टी कार्नर मिला और भारतीय पर खतरा मंडराने लगा परन्तु कोरिया उसका फायदा उठाने में असफल रहा।

पहले क्वार्टर के अंत में स्कोर था भारत के पक्ष में 1-0।

दूसरा क्वार्टर       

दूसरे क्वार्टर में भारत ने शानदार पास से शुरुआत की क्योंकि कोरिया की रक्षापंक्ति पूरे तरीके से सतर्क थी। तभी उथप्पा ने एक शानदार मौका बनाया परन्तु उनका शॉट गोल से दूर रहा। भारत के बढ़त में इजाफा ना कर पाने का फायदा कोरिया ने उठाया। रुपिंदर पाल ने गोल के नज़दीक गेंद पकड़ने में गलती की और सो इनवू ने मौके का फायद उठाते हुए गोल कर के कोरिया को बराबरी दिला दी।

23वे मिनट कोरिया को एक और पेनल्टी कार्नर मिला जब गेंद बिरेन्द्र लाकरके पैर पे लगी परन्तु उस पेनल्टी कार्नर पर रुपिंदर पाल ने शानदार बचाव किया। हालांकि कोरिया ने रिव्यु भी लिया परन्तु निर्णय उनके पक्ष में नहीं गया। भारत के प्रयासों का फायदा उन्हें मिला और दूसरे क्वार्टर के अंतिम मिउते में उन्हें प्र्नाल्टी कार्नर मिला जिसे कोरिया ने बचाया और पलटवार किया और पेनल्टी कार्नर अर्जित किया जिस पर श्रीजेश ने शानदार बचाव किया और कोरिया को बढ़त नहीं बनाने दी।

दूसरे क्वार्टर के अंत में सकोरी था 1-1।

तीसरा क्वार्टर

भारतीय खिलाडियों ने कई गलतियाँ की और गोल के पास से उन्हें गेंद कई बार गंवानी पड़ी। भारत ने कोरिया की गलती लाभ उठाते हुए पलटवार किया और 36वें मिनट में पेनल्टी कार्नर अर्जित किया जिसे रुपिंदर पाल गोल में पहुंचाने में असफल रहे। 32वें मिनट में देविंदर के पास पर रमनदीप बहुत ही अच्छा प्रयास किया परन्तु तोह्दे अतर से चूक गए।

क्वार्टर के अंतिम क्षणों में भारत ने कोरिया पर दबाव बनाया परन्तु कोरिया की सतर्कता के कारण गोल करने में नाकाम रहे। इस क्वार्टर में गेंद ज्यादा समय भारत के पास रही है परन्तु भारत मिले अवसरों का लाभ नहीं उठा पाए और एक भी पेनल्टी कार्नर गोल में नहीं बदला।

तीसरे क्वार्टर के अंत में स्कोर रहा 1-1।

चौथा क्वार्टर

39वें मिनट में फिर सरदार सिंह के पास पर रमनदीप के लिए फिर से मौका बना परन्तु इस बार फिर से रमनदीप चूक गए।  तभी भारत ने दबाव बनाये रखते हुए फिर से आक्रमण किया परन्तु कोरिया रक्षापंक्ति ने अच्छा बचाव करते हुए भारत को बढ़त नहीं बनाने दी।

53वें मिनट में रुपिंदर पाल के फ़ाउल से कोरिया को पेनल्टी कार्नर मिला जिस पर श्रीजेश ने दो बार बचाव किया परन्तु कोरिया के खिलाडी ने गेंद गोल की तरफ मारी जो भारतीय खिलाडी के शरीर पर लगी जिस पर रेफेरी ने पेनल्टी स्ट्रोक दे दिया जिस पर कोरिया ने गोल कर के बढ़त बना ली। भारत दबाव में था तभी भारत को पेनल्टी कार्नर मिला जिसे रुपिंदर एक बार गोल में नहीं बदल सके। उसी दौरान गेंद सरदार को मिली और उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए कोरियाई गोलक्षेत्र में घुस कर रमनदीप को गेंद पहुंचाई जिन्होंने बढ़िया तरीके गेंद को गोल में पहुंचा दिया और बहरत को बराबरी दिला दी।

खेल में 3 मिउते शेष रहते आकशदीप ने बढ़िया मौका बनाते हुए निक्किन थिम्मैआ के लिए गेंद दी परन्तु वो ठीक शॉट नहीं ले पाए। अंतिम मिनट में भारतीय रक्षापंक्ति की गलती से कोरिया को गेंद मिली और 3 कोरियाई खिलाड़ियों के मुकाबले 2 भारतीय खिलाड़ी थे परन्तु वो मौके को गोल में नहीं बदल पाए।

चौथे क्वार्टर के अंत तक स्कोर थे 2-2 से बराबर और मुकाबले का फैसला चला गया था।

पेनल्टी शूट-आउट

पेनल्टी शूट आउट में सारा दारोमदार श्रीजेश के ऊपर था। भारत की ओर से पहला पेनल्टी लिया सरदार सिंह ने। सरदार ए गोलकीपर को आराम से छकाते हुए गेंद को गोल में दाल कर स्कोर कर दिया 1-0। जल्दी ही कोरिया ने जल्दी ही बराबरी करते हुए जल्दी स्कोर 1-1 कर दिया।

दूसरा पेनल्टी रमनदीप ने लिया जिहोने ज़बरदस्त शॉट मार कर स्कोर 2-1 कर दिया। कोरिया ने भी अच्छा खेल दिखाते हुए फिर से स्कोर 2-2 कर दिया।

तीसरा पेनल्टी रुपिंदर पाल ने लिया और आराम से गोल कर के बहरत को बढ़त दिला दी। परन्तु कोरिया ने फिर से बराबरी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया।

चौथे पेनल्टी पर आकाशदीप ने आराम से गोलकीपर को चकमा देते हुए स्कोर बहरत के पक्ष में 4-3 कर दिया। कोरिया के चौथे पेनल्टी पर श्रीजेश के स्टिक टैकल के कारण कोरिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और कोरिया ने बराबरी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया।

भारत के लिए पांचवां पेनल्टी कार्नर लिया बिरेन्द्र लाकर ने जिन पर कोरिया के गोलकीपर ने स्टिक टैकल किया और भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिल गया जिस पर रुपिंदर पाल कोई गलती ना करते हुए गोल कर दिया और भारत को 5-4 की बढ़त दिला दी। कोरिया के अंतिम पेनल्टी पर श्रीजेश ने शानदार बचाव करते हुए भारत को 5-4 से जीत दिला कर फाइनल में पहुंचा दिया।

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