सुल्तान अजलान शाह कप 2017। जुझारू भारत ने जापान को 4-3 से दी मात

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सुल्तान अजलान शाह कप 2017। जुझारू भारत ने जापान को 4-3 से दी मात

आज भारत ने जापान को 4-3 से हराकर सुल्तान अजलान शाह कप के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखा है। कप्तान और बेहतरीन गोलकीपर पीआर श्रीजेश की गैर-मौजूदगी में भारत के डिफेंस को संघर्ष करना पड़ा लेकिन मंदीप सिंह की हैट्रिक ने इस जीत को शानदार बना दिया।

आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ कल मिली हार के बावजूद भारतीय टीम की लय पर प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने शुरू से ही आक्रामक रूख अपनाया और उन्हें गोल दागने में सात मिनट का समय लगा। विश्वसनीय रूपिंदर पाल सिंह ने पहले पेनल्टी काॅर्नर को गोल में कन्वर्ट कर दिया। लेकिन इसके कुछ ही मिनट बाद ही जापान ने बराबरी का गोल दाग दिया। जापान ने अपनी लय हासिल की और 14वें मिनट में स्कोरबोर्ड में बराबरी पर आ गया। पहले इंटरवल पर जाने तक दोनों टीमें 1-1 के स्कोर पर थी।

इंटरवल के बाद जापान ने आक्रामक रवैया अपनाया, उन्होंने एक-दो प्रयास किए लेकिन भारतीय डिफेंस ने उन्हें खत्म कर दिया। दोनों ही टीमें एक-दूसरे को काई भी फायदा लेने नहीं दे रही थी। मध्य अवधि के ब्रेक से पहले भारत को पेनल्टी काॅर्नर के रूप में एक मौका मिला। रूपिंदर पाल सिंह ने जोरदार शाॅट मारा लेकिन उसमें एक्युरेसी की कमी थी, जिसकी वजह से आधा मुकाबला समाप्त होने पर स्कोर बराबरी पर थी।

तीसरे क्वाटर के शुरूआती हिस्से में एसवी सुनील ने अपने अनुभव का प्रयास करते हुए भारत को मुकाबले में बढ़त दिलाने का प्रयास किया लेकिन उनके रिवर्स शाॅट को शिमोटो ने आसानी से बचा लिया। भारत और जापान के खिलाड़ी एक-दूसरे को बराबर की टक्कर दे रहे थे। योशिहारा ने एक बेहतरीन मौके का लाभ उठाते हुए गोल करके टीम को लीड दिलाई। लेकिन आक्रामक हो चुके भारत ने जल्द ही मंदीप सिंह की बदौलत मुकाबला बराबर कर दिया। लेकिन गेनकी मिटानी ने तीसरा क्वार्टर खत्म होने से पहले जापान को जश्न मनाने का मौका दे दिया। उनके गोल की बदौलत जापान 3-2 से आगे हो गई थी।

भारतीय टीम इतनी आसानी से हार मानने वाली नहीं थी और उन्होंने मुकाबले में उपर रहकर इस सत्र की शुरूआत की। शिमोटो के सामने रूपिंदर पाल गेंद के लिए जगह बना पाने में नाकाम दिख रहे थे। मुकाबला खत्म होने में सिर्फ 10 मिनट शेष थे और तभी मंदीप सिंह ने भारत की तरफ से तीसरा और अपना दूसरा गोल दागा। मुकाबला एक बार फिर बराबर हो चुका था। ये मैच अब ड्रा की तरफ बढ़ता नजर आ रहा था लेकिन मंदीप सिंह ने कुछ और ही सोच रखा था, उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए टूर्नामेंट में भारत को दूसरी जीत दर्ज करने में मदद की।

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