खेलों के लिए बेहतर माहौल बनाने की कोशिश - हरियाणा सरकार कर रही है नई पहल

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खेलों के लिए बेहतर माहौल बनाने की कोशिश - हरियाणा सरकार कर रही है नई पहल

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Amit Tyagi

09/01/2016

यह देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का

इस देश का यारो क्या कहना, ये देश है दुनिया का गहना….

हरियाणा के ग्रामीण या शहरी इलाकों में यह गीत हर मौके पर बजता है। यह गीत दरअसल हरियाणा के लोगों को सबसे अधिक पसंद है या यूँ कहें कि उसकी मिटटी में रचा बसा है। शायद इसी गीत से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली की एक एम्एनसी में काम करने वाले गौरव ग्रोवर ने अपने एकलौते बेटे को मेवात के एक स्कूल में पढ़ने भेज दिया। ग्रोवर का 8 साल का बेटा तीसरी क्लास में पढ़ता है और बॉक्सिंग उसे बहुत पसन्द है। ग्रोवर का बेटा अमन अब अपने पापा के एक दोस्त के घर पर रह रहा है और स्कूल में पढ़ाई के साथ बॉक्सिंग के लिए विशेष मेहनत कर उसे पेशेवर तरीके से खेलने के लिए तैयार हो रहा है।आमतौर पर हरियाणा के तकरीबन सभी स्कूलों में कबड्डी, कुश्ती और बॉक्सिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है। खेल पीरियड में भी मिटटी से जुड़े खेल हरियाणा के बच्चों की पहली पसंद हैं। 

मिटटी में ही रचा बसा है खेल 

ओलिंपिक में हरियाणा का नाम गर्व के साथ आना अनायास नहीं है। इसके पीछे जहाँ एक तरफ सरकारों की लगातार मेहनत है, वहीं दूसरी तरफ लोगों का खेलों के प्रति प्रेम और इससे जुडी आत्मसम्मान की अनुभूति भी है। राज्य में खिलाडियों की एक बेहतरीन नस्ल तैयार होने की वजह से स्कूलों को जहाँ अच्छे कोच आसानी से मिल जाते हैं, वहीं शारीरिक रूप से मजबूत होना हरियाणा के लोगों के लिए प्राथमिकता में शामिल है। इस वजह से अभिभावक भी  बच्चों को इस तरह के खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। खेलों के प्रति यहाँ लोगों में इस लगाव है कि मशहूर पर्व त्योहारों के मौके पर लगने वाले मेलों में भी खेल प्रतियोगिता कराई जाती है।

कुशलता को मिला साथ   

जिन बच्चों में सम्बंधित खेल में कुशलता अधिक होती है उसे सरकार मदद देकर पेशेवर तरीके से खेलने के लिए आगे बढाती है। दरअसल हरियाणा सरकार ने एक स्पोर्ट्स पालिसी बनाई है जिसके अनुसार राज्य को खेलों पर विशेष ध्यान देने के लिए मॉनिटरी एवं दूसरे प्रावधान किये गए हैं।

तकरीबन हर जिले में एक स्टेडियम और हर प्रमुख शहर में खेलों के लिए एक सेंटर के साथ ही  पूरे परिवेश का योगदान हरियाणा को एक स्पोर्ट्स स्टेट के रूप में विकसित करने में मददगार साबित हुआ है। कई स्पोर्ट्स कॉलेज, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और छोटे बड़े हज़ारों अखाड़े इस राज्य में लोगों के खेल भावना को दिखाने के लिए काफी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी एवं दिल्ली पुलिस के अलावा रेलवे और आर्मी जैसी जगहों पर आपको हरियाणा के जवान सिर्फ पढ़ाई लिखाई के बूते नहीं बल्कि बेहतरीन खेल प्रतिभा की वजह से दिख जायेंगे, राज्य में खेलों को अघोषित तौर पर बढ़ावा मिलने का एक बहुत बड़ा कारण यह भी है।

सरकारी प्रयास 

 हरियाणा में स्कूल स्तर पर ही बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे तराशने के लिए सरकार ने स्पैट नाम से एक प्रतियोगिता शुरू की है। इसमें तीन राउंड की प्रतियोगिता के बाद बच्चों का पेशेवर ट्रेनिंग के लिए चुनाव किया जाता है। पहली कड़ी में स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता होती है, जिसमें सफल बच्चे जिला स्तर पर खेलते हैं।जिला स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में सफल होने वाले बच्चों का जिला मुख्यालय एक और प्रतियोगिता के बाद चुनाव करता है।

राज्य में इसके लिए जिला खेल एवं युवा मामले के अधिकारी हैं, हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन है और तमाम स्पोर्ट्स क्लब हैं।

स्पैट के जरिये चुने जाने वाले बच्चों को न सिर्फ राज्य, देश एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए ट्रेंड किया जाता है, बल्कि उन्हें हर महीने स्कॉलरशिप दी जाती है, जिससे कि वे शारीरिक पोषण पर पूरा ध्यान दे सकें। शायद यह एक बड़ी वजह है कि हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, मुक्केबाज़ी, निशानेबाज़ी या फिर एथलेटिक्स। किसी भी खेल के धुरंधरों पर नज़र दौड़ाएं तो वहाँ हरियाणा का एक खिलाड़ी जरूर नज़र आता है।

देशा में देश हरियाणा जित है दूध, दही का खाना 

कभी देश में गेहूं की उपज के मामले में पहले नंबर पर रहने वाला हरियाणा अब दूध, दही और घी में दूसरे राज्यों को मात दे रहा है। यह न सिर्फ कारोबार के लिहाज से बेहतरीन है, बल्कि खिलाडियों को आसानी से अच्छे पोषक पदार्थ उपलब्ध करने और उनके बेहतर स्वस्थ्य के लिए भी अनुकूल है। अब सरकार इस राज्य को खेलों का गढ़ बनाने के अभियान पर है। नई खेल नीति में इस बात का जिक्र है कि खिलाडियों को पर्याप्त सहायता देकर हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अव्वल नंबर पर लाया जा सकता है। 

हरियाणा का खेल एवं युवा कल्याण विभाग राज्य में खेल संबंधी कई नयी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है ताकि हरियाणा के युवाओं के बीच इसे बढ़ावा दिया जा सके। इसकी मुख्य योजनाओं, जैसे - खेल संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास, खेल संबंधी नर्सरी और विंग, खेल प्रतियोगिता योजना, प्रोत्साहन योजना, युवा कल्याण योजना, खेल के उपकरण संबंधी योजना एवं मोतीलाल नेहरू खेल स्कूल के साथ ही नई खेल नीति के जरिये अंतरराष्ट्रीय खेलों में राज्य की सहभागिता बढ़ाने की योजना है।

इनाम और सम्मान भी मददगार

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से हरियाणा खुद को 'स्पोर्ट्स पावरहाउस' के रूप में प्रोजेक्ट करता रहा है। यही कारण है कि उसने ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के लिए इनामी राशि में भारी बढ़ोतरी की है, जिससे युवाओं में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा तक पहुँचने के लिए मेहनत करने की ललक बढ़ी है 

नई पहल

अभाव और संघर्षों के बीच ही प्रतिभा निखरती है। हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के गोयला कलां की रहने वाली किक बॉक्सिंग प्लेयर कुसुम ने नया कारनामा किया है। कोरिया में हुई इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में जाने के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक मदद पाने के साथ ही उसने रूस में होने वाले किक बॉक्सिंग वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।

खेल की सुविधा या दिक्कतें बनती हैं हेडलाइंस

रोहतक के राजीव गांधी खेल परिसर के बॉक्सिंग हाॅल से निकाले गए 140 बाक्सिंग खिलाड़ी पार्किंग में  प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं।।।।।।।।

बच्चों का भविष्य बचाने एकजुट हुए अभिभावक

बच्चों का भविष्य अंधकार में जाने से बचाने के लिए अभिभावक एकजुट होना शुरू हो गए हैं। रोहतक के राजीव गांधी खेल परिसर में खासी संख्या में एकत्रित हुए अभिभावकों ने मीटिंग कर अांदोलन की रणनीति बनाई ।।इस तरह की खबरें हरियाणा के अख़बारों की सुर्खियां बनती हैं, जिसका दूरगामी असर होता है । प्रशासन को खिलाडियों को जरूरी सुविधाएं देने पर मजबूर होना पड़ता है।।

दूसरे राज्यों के खिलाडी पहुँच रहे हरियाणा

हरियाणा सरकार ने 'पदक लाओ, पद पाओ' की रणनीति भी अपनाई है। इसके तहत महत्वपूर्ण खेल में पदक जीतने वाले खिलाडी को राज्य सरकार में एक सरकारी नौकरी दी जाती है। शायद खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की इसी नीति के कारण गगन नारंग जैसे खिलाड़ी हैदराबाद को छोड़कर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए राजी हुए हैं।

आंकड़ों की जुबानी

देश- भारत

आबादी- 125 करोड़ से अधिक

ओलंपिक में खिलाड़ी- 119

यानी एक करोड़ की आबादी पर एक खिलाड़ी।

राज्य- हरियाणा

आबादी- 28 करोड़

ओलंपिक में खिलाड़ी- 20

यानी एक करोड़ आबादी पर तीन खिलाड़ी।

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