पाकिस्तान स्पोर्ट्स कमिटी की इच्छा, छीना जाए भारत से मेजबानी का अधिकार

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पाकिस्तान स्पोर्ट्स कमिटी की इच्छा, छीना जाए भारत से मेजबानी का अधिकार

पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पोर्ट्स समिति ने अपने फेडरेशन को यह सलाह दी है कि वह एक ऐसे अभियान की शुरुआत करे जिसका मकसद भारत से अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का हक़ छीनना हो। समिति को लगता है कि भारत पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेने दे रहा है।

नेशनल असेंबली ने भारत के खिलाफ एक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। पाकिस्तानी कुश्ती और स्क्वाश फेडरेशन ने दावा किया है कि भारतीय उच्य आयोग से वीसा न मिलने के कारण वे महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाए थे।

समिति के प्रमुख, मुशादुल्ला खान ने गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई एक सुनवाई के दौरान इस मामले को उठाया था और भारत पर खेल के साथ राजनीति को जोड़ने का आरोप लगाया था।  

 “हमें एक अभियान शुरू करनी चाहिए ताकि दुनिया इस बात को समझ सके कि खेल और राजनीती को जोड़ने की वजह से भारत को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने का अधिकार नहीं होना चाहिए,” मुशादुल्लाह ने कहा।

शहरयार ने भी समिति को विवाद सुलझाने के लिए PCB द्वारा BCCI को भेजे गए नोटिस के बारे में बताया।

“हमने BCCI को ICC के डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कमिटी के टर्म्स ऑफ़ रिफरेन्स के तरह एक नोटिस ऑफ़ डिस्प्यूट भेजा था क्योंकि उन्होंने 2015-2023 के लिए BCCI और PCB के बीच तय किये गए फ्यूचर टूर प्रोग्राम के समझौतों का निरंतर उलंघन किया है,’ खान ने कहा।  

सूचना के अनुसार, भारत द्वारा न खेलने के कारण PCB को हर सीरीज पर 60 मिलियन डॉलर का नुक्सान हुआ है और ऐसा करना BCCI की तरफ से दोनों बोर्ड द्वारा 2014 में हस्ताक्षर किये गए समझौता ज्ञापन का उलंघन है।

 “हमने अपने नुकसानों के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की है और उन्हें एक हफ्ते में जवाब देने को कहा है। अगर वह हमारी मांग नहीं मानते हैं तो हम ICC के डिस्प्यूट रिजोल्यूशन समिति के सामने सुनवाई की मांग करेंगे, जो उनके खिलाफ हमारी कानूनी लड़ाई की शुरुआत होगी।”

 “ICC कानून के अनुसार, दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों के बाद, बोर्ड को समिति का निर्णय मानना होगा,” खान ने कहा।

PCB प्रमुख ने BCCI पर 2015-2017 के बीच दो बार श्रृंखला आयोजित न कराने का आरोप लगाया है, जबकि इन प्रतियोगिताओं का स्थल दोनों में से किसी एक देश को नहीं बनाया जा रहा था। शहरयार ने याद दिलाया कि 2012-13 में मर्यादित ओवर की श्रृंखला के दौरान भारत का दौरा कर रही पाकिस्तानी टीम ने अच्छा रवैया अपनाया था, “हमें उस सीरीज से कुछ भी नहीं मिला और भारतीय बोर्ड को ही इससे आमदनी हुई। लेकिन इसके बावजूद उस श्रृंखला के बाद उनकी तरफ से मैत्री का भाव नज़र नहीं आया।

नोटिस में नुक्सान के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की गयी है। प्रसारण अधिकार बेचे जाने के कारण पाकिस्तानी बोर्ड को नुक्सान उठाना पड़ा है।

“दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में हमें नुक्सान हुआ है क्योंकि द्वादेशीय श्रृंखला में हमें 40 मिलियन डॉलर मिलने वाला था,” खान ने कहा 

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