रियो में मिली असफलता से अब भी निराश हैं सानिया मिर्ज़ा

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रियो में मिली असफलता से अब भी निराश हैं सानिया मिर्ज़ा

युगल मुकाबले की सितारा सानिया मिर्ज़ा ने लगातार दो सालों तक विश्व की सर्वोच्च स्थान पर रहने को लेकर संतुष्टि जताई है लेकिन इसके साथ ही हैदराबादी खिलाड़ी ने अगस्त में रियो ओलंपिक्स में मिली हार को ऐसी निराशा बताई है जिससे वह अब तक जूझ रही हैं।

"रैंकिंग ही सिर्फ एक वजह नहीं होती जिसके लिए हम खेलते हैं। लेकिन जब आपको पता है कि आप लगातार दो सत्रों के लिए न.1 स्थान पर हैं, तो इससे आपको ख़ुशी मिलती है और एक उपलब्धि हासिल करने का अहसास होता है," 30 साल की खिलाड़ी ने द हिन्दू से कहा।

भारतीय खिलाड़ी ने 2016 में आठ युगल खिताब जीते है और कार्यकाल में कुल 40 खिताबों में कामयाबी हासिल की है।

"नया सत्र आने वाला है और उसमें नई चुनौतियां होंगी। हमें अपने लक्ष्य तय करने होंगे ताकि हम आगे बढ़ सके। मैं तहे दिल से चाहती हूँ कि इस साल मैं बिलकुल स्वस्थ रहूँ और चोटों से दूर रहूँ। चूंकि, इससे पहले भी मैं कुछ भयानक चोटों से जूझ चुकी हूँ और कार्यकाल की गंभीर स्थितियों से गुज़र चुकी हूँ, इसीलिए मुझे पता है कि खेल में बने रहने के लिए स्वस्थ होना कितना आवश्यक है," उन्होंने कहा।

"मेरे लिए सबसे बड़ी निराशा वह थी जब मैं 2016 के ओलंपिक्स में पदक हासिल नहीं कर पायी। जबकि मैं मुकाबले में उसके काफी करीब पहुँच चुकी थी (सानिया सेमी फाइनल्स तक पहुंची थी)। मैं उस दुःख से उभर नहीं पा रही हूँ। लेकिन आगे तो बढ़ना ही पड़ता है।

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