खेल मंत्रालय का खुलासा, जैशा को पानी ना मिलने के लिए कोच को ठहराया गया दोषी

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खेल मंत्रालय का खुलासा, जैशा को पानी ना मिलने के लिए कोच को ठहराया गया दोषी

रियो ओलंपिक में धाविका ओपी जैशा को पानी नहीं दिए जाने की शिकायत पर खेल मंत्रालय द्वारा नियुक्त की गई कमेटी ने कोच निकोलई स्नेसारेव को दोषी पाया है। कमेटी ने जैशा पर आरोप लगाया कि उन्होंने भी व्यक्तिगत ड्रिंक के लिए अनुरोध नहीं किया।

सितंबर में हुए रियो ओलिंपक के दौरान भारत की लंबी दूरी की धाविका ओपी जैशा ने महिला मैराथन इवेंट में 89वां स्थान हासिल करते हुए 2:47:19 का समय निकाला। इस मैराथन को खत्म करने के बाद ही जैशा डिहाइयेड्रेशन की वजह से मैदान पर गिर पड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

सितंबर में उन्होंने भारतीय खेल मंत्रालय में इसकी शिकायत की और मंत्रालय ने इस मामले के लिए जांच कमेटी गठित की। इस कमेटी ने दो महीने की अवधि के बाद शुक्रवार को दो पेज की रिपोर्ट पेश की।

इस रिपोर्ट के मुताबिक ‘कोच स्नेसारेव ने मैराथन स्पर्धा से पहले जैशा के लिए मैराथन के दौरान विशेष ड्रिंक्स के लिए इनकार कर दिया था, हालांकि भारतीय अधिकारियों ने उनसे एथलीट की जरूरतों के बारे में पूछा था।’ 

रिपोर्ट के अनुसार, ‘टीम लीडर सीके वाल्सन और उप मुख्य कोच राधाकृष्णन ने मैराथन की पूर्व संध्या पर निकोलई से पूछा था कि क्या जैशा कि कोई विशेष ड्रिंक की मांग है। उन्हें बताया गया कि उसे किसी भी तरह की विशेष ड्रिंक की जरूरत नहीं है।’ 

इसमें कहा गया है कि ‘जैशा के कोच निकोलई और आयोजकों को जैशा के मैराथन के दौरान उनकी जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिये था। इसी तरह के निर्देश या सलाह जैशा को भी दी जानी चाहिये।’

जांच समिति ने ये भी निष्कर्ष निकाला कि जैशा ने भी किसी तरह की विशेष ड्रिंक का आग्रह नहीं किया था। 

‘यह पूरी तरह से साबित नहीं हो पाया है कि जैशा से टीम प्रबंधन या उनके कोच ने निजी रूप से पूछा था या नहीं कि उन्हें विशेष ड्रिंक की जरूरत है।’ 

आगे कहा गया है कि ‘नियमों के अनुसार पानी की उपलब्धता जैसे आम खिलाड़ियों के लिए रहती है उसी तरह से जैशा के लिए भी उपलब्ध थी। ऐसे वक्त में कोच को खिलाड़ियों की जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए और उन्हें निर्देषित करना चाहिए।’

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि  ‘आने वाले वक्त में खिलाड़ियों की ड्रिंक की जरूरत को उनके द्वारा लिखित रूप में लिया जाएगा।’

ये भी कहा गया कि ‘खिलाड़ियों को मुकाबले से जुड़े नियम और वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सूचित करना चाहिए। साथ ही मुकाबले के दौरान मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। धावकों को मैराथन रूट के बीच उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया जाना चाहिए।’

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